बिना तलाक दिए भी एक महिला की ज़िंदगी बर्बाद की जा सकती है…

रेशमा उत्तर प्रदेश के बांदा शहर से दिल्ली आई है. सिर्फ ये बताने के लिए तलाक बिना दिए भी एक मुस्लिम महिला की ज़िंदगी बर्बाद की जा सकती है और वो उसकी जीती जागती मिसाल हैं.

ज़िंदगी बर्बाद

रेशमा उत्तर प्रदेश के बांदा शहर से दिल्ली आई है. सिर्फ ये बताने के लिए तलाक बिना दिए भी एक मुस्लिम महिला की ज़िंदगी बर्बाद की जा सकती है और वो उसकी जीती जागती मिसाल हैं.

रेशमा का सरकार से एक सवाल है. बिना तलाक़ बोले अगर पति छोड़ दे, उस सूरत में सरकार के पास नए कानून में क्या प्रावधान है.

मुस्लिम महिला संगठनों को एतराज़

केन्द्र सरकार एक बार में तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक) 2017 संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में पेश करने जा रही है. लेकिन बिल के मौजूदा स्वरूप को लेकर कुछ मुस्लिम महिला संगठनों को एतराज़ है. रेशमा भी उस संगठन के साथ खड़ी है.

क्या है ‘बेबाक़ कलेक्टिव’

मुंबई की मुस्लिम महिला संगठन ‘बेबाक़ कलेक्टिव’ के मुताबिक आने वाला बिल, महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की जगह और कमज़ोर बनाने वाला है.

‘बेबाक़ कलेक्टिव’ की तरफ से नए बिल की कमियां गिनाने के लिए वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह सामने आईं.

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