उत्तर कोरिया में विदेशी मुद्रा का बड़ा स्रोत हैं दुनिया भर के 40 देशों में काम करने वाले मजदूर.

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उत्तर कोरिया में बने उत्पादों के कारोबार में खुलपन और विदेशी क्लाइंट्स के साथ कॉन्टेक्ट बनाना, इस तरह यह देश दुनिया के साथ व्यापार करता है.

उत्तर कोरिया में कुछ विशेष कारोबारी कंपनियां हैं जो रूस, चीन और कुछ अफ्रीकी व यूरोपीय देशों में रोजगार के लिए विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाती हैं.

विदेशों में काम करने गए मजदूरों बयानों के आधार पर हुई शोध में पाया गया था कि अधिकतर मजदूरों का वेतन उत्तर कोरिया भेजा जाता है जो कम से कम दो तिहाई होता है.

साथ ही उत्तर कोरिया में मजदूरों के लिए मौजूद मुश्किल स्थितियों के चलते विदेश में काम करना उन्हें ज़्यादा आकर्षित भी करता है.

उत्तर कोरियाई सरकार मजदूरों की चुनाव प्रक्रिया के लिए बहुत प्रयास करती है और जिस देश में मजदूर जा रहे हैं वहां सख़्त निगरानी प्रणाली लागू करती है ताकि कोई मजदूर उसकी नजर से बच न जाए.

उत्तर कोरियाई मानवाधिकार के लिए बने डाटाबेस सेंटर में रिसर्चर तिओदोरा ग्यूप्शानोवा बताते हैं, ”विदेश में काम करने के इच्छुक मजदूरों को शासन के प्रति निष्ठा साबित करनी पड़ती है.”

यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में उत्तर कोरियाई व्यापार के शोधकर्ता जस्टिन हैस्टिंग्स का कहना है, ”इस देश में जीने के लिए सभी को उद्यमी होना जरूरी है. उन्हें पैसे कमाने के लिए बहुत रचनात्मक तरीके ढूंढ़ने होंगे.”

ट्रेड मैगजीन और प्रेस रिपोट्स को देखकर लगता है कि उत्तर कोरिया में सबकुछ ठीक चल रहा है. लेकिन, क्या वाकई कोई उत्तर कोरिया के उत्पादों को ख़रीदता है?

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया सैन डिआगो में कोरिया-पेसिफिक स्टडीज के प्रोफेसर और उत्तर कोरियाई राजनीतिक अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ स्टीफन हैगार्ड कहते हैं, ”यह जानना बहुत मुश्किल है. हालांकि, निश्चित तौर पर यह उत्पाद सिर्फ़ दिखाने के लिए नहीं होते.”

प्रोफेसर हैगार्ड कहते हैं, ”ये ट्रेड फेयर्स प्रचार के मक़सद से नहीं होते, ये कारोबार के लिए हैं.”

उत्तर कोरिया अपना अधिकतर व्यापार चीन के साथ करता है जो संभावित तौर पर 90 प्रतिशत है. इसी कारण कई देशों को लगता है कि चीन ही उसके साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाकर उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोक सकता है.

अमरीकी राष्ट्रपति ने यूएन के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए ख़ासतौर से चीन पर जोर दिया था. ये प्रतिबंध कोयला, सीफूड और टेक्सटाइल्स के​ निर्यात पर लगाए गए थे.

अमरीका ने कहा था कि अगर ये प्रतिबंध उत्तर कोरिया पर लागू हो जाते हैं तो विदेशी व्यापार का उसका एक तिहाई हिस्सा पूरी तरह खत्म हो जाएगा

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