जाने क्या होता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस…!

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दो शब्दों से मिलकर बना होता है।

1- आर्टिफिशियल जिसका मललव होता है ऐसाी वस्तु जो प्राकृतिक नहीं हो मतलव कि उसे मानव के द्वारा वनाया गया हो या कहे की कृत्रिम हो।

2. इंटेलिजेंस – इस तात्पर्य है कि सोचने, समझने एवं सीखने की योग्यता है।

इस प्रकार हम कह सकते है कि एक इस तरह का सिस्टम विकसित करना जो कृत्रिम रूप से सोचने, समझने एवं सीखने की क्षमता रखता हो जैसे की मानव रखता हैं। मतलब की एक ऐसा सिस्टम जो व्यवहार प्रतिक्रिया देने में दक्ष हो और जो मानव से भी वेहतर हो। इस पर अध्यन चल रहा है। इसे लघु शब्दों में एआई भी कह सकते है हम कह सकते है कि फेसबुक में जो फ्रेन्ड सजेशन का जो ऑप्शन है वह ए.आई का एक हिस्सा है।

कई बार हम रोबोट को एआई कह देते है ऐसा नहीं है रोबोट एक ऐसा सिस्टम है जिसमें एआई को डाला गया है। हम इसे इस तरह भी परिभाषित कर सकते है की इस प्रकार का अध्यन जिसमें हम एक ऐसा सोफटवेयर विकसित करे जिससे एक कम्प्यूटर भी इंसान की तरह और उससे बेहतर प्रतिक्रिया दे सके। एआई में कई विषय आते है जिसमे दर्शन , समाजशास्त्र और गणित एवं भाषा का ज्ञान होता हैं।

एआई को चार भागों में विभाजित कर सकते हैं।

1- इंसान की तरह सोचना 2- इंसान की तरह व्यवहार करना 3- तर्क एवं विचारो युक्त मतलब संवदेनशील, बुद्धिमान, तथ्यों को समझना एवं तर्क एवं विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया भी देना।

इस तरह हम कह सकते है कृत्रिम तरह से एक ऐसा सिस्टम विकसित करना जो इंसान की तरह कार्य कर सके, सोच सके एवं अपनी प्रतिक्रिया दे सके है।

जब भी मानव बुद्धिमत्ता की चर्चा होती है, तब अनेक बुद्धिमान लोगों का स्मरण होता है। हाल के वर्षों में मानवीय सोच समझ इतनी तेजी से विकसित होती जा रही है कि प्रकृति की रचना को हर क्षेत्र में कड़ी चुनौती दे रही है। विज्ञाण की प्रगति के साथ साथ हरेक चीज कृत्रिम बनती जा रही है। इस प्रगति में मानव ने बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी अपने अनुभव और आकांक्षाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानि कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करने का प्रयास किया है। वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे संगणक भी आविष्कृत कर लिए गए हैं जिनमें जटिल से जटिल कार्य को न्यूनतम समय में करने की क्षमता होती है। आधुनिक कंप्यूटरीकृत मशीनें किसी लिखे हुए पाठ को मानव की तरह से ही शब्दों की पहचान कर एवं पढ़ सकती है। ऑटो पायलट मोड पर वायुयान, मशीन द्वारा संचालित किये जाते हैं। कंप्यूटरों में ध्वनियां और आवाजों को पहचानने की क्षमता होती है। किन्तु कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक रूप से सीमित भी है, क्योंकि इसका सामर्थ्य इसकी प्रोग्रामिंग पर निर्भर करता है। लेकिन मानवीय मस्तिष्क में ऐसी कोई सीमा निश्चित नहीं होती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने मानवीय कार्य को काफी सुविधाजनक बना दिया है। सौ मस्तिष्कों की क्षमता वाला कार्य, मात्र एक ही संगणक सुलभ कर सकता है। ये बात गणनाओं व तर्कों के संदर्भ में है। एआई के प्रमुख एप्लीकेशन निम्न है 1- एक्सपर्ट सिस्टम 2 – गेम प्लेयिंग 3 – स्पीच रिकग्निशन 4 – नेचुरल लैंग्वेज 5 – कंप्यूटर विज़न 6 – न्यूरल नेटवर्क 7 – रोबोटिक्स 8 – फाइनेंस 9 – कंप्यूटर साइंस 10 – मौसम का पूर्वानुमान 11 – उड्डयन

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