20 घंटे किसी भी विषय को याद करने के लिए सबसे उपयुक्त

जब हम कोई नई चीज़ याद करना शुरू करते हैं, तो शुरुआत के 20 घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और उत्पादक होते हैं. जब हमारे अंदर किसी नई जानकारी को लेकर उत्तेजना पैदा होती है तो हमारा दिमाग़ उसके अनुसार प्रतिक्रिया करता है और ज्यादा से ज्यादा सूचना ग्रहण करता है.

समय के साथ जब बार-बार उत्तेजना पैदा होती है तो दिमाग़ की प्रतिक्रिया करने की शक्ति कम होती जाती है और तेज़ याद करने की प्रक्रिया रुक जाती है, इस फेज़ को हैबिचुएशन कहते हैं, यह ऐसा समय होता है जब हम अपनी कुशलता को धीरे-धीरे बढ़ाते जाते हैं.

इसलिए जब हम कुछ नया याद करते हैं, तो उसका ज्यादातर हिस्सा जल्दी और तेज़ी से याद हो जाता है, भले ही वो कितना ​कठिन हो.

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