सनी लियोनी की ज़िंदगी पर बनी ‘वेब-सीरीज़’, “करनजीत कौर”,झकझोरने वाली कहानी

‘करनजीत कौर’, सनी लिओनी का असली नाम है.

उनकी ज़िंदगी पर बनी वेब सीरीज़ को ये नाम दिए जाने का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने विरोध किया था और कहा था कि ‘कौर’ नाम सिख धर्म में बहुत महत्व रखता है जबकि सनी का काम पॉर्न से जुड़ा था.

सनी के सामने मैंने जब ये बात रखी तो उन्होंने कहा कि ये नाम उनके पासपोर्ट पर है. उनके मां-बाप ने उन्हें दिया था जो अब इसपर सफ़ाई देने के लिए दुनिया में नहीं है

वो बोलीं, “वैसे भी मेरा सच्चा नाम करनजीत कौर है, और सिर्फ़ मेरे काम का नाम सनी लियोनी है.”

सनी लियोनी पिछले पांच सालों से भारत में सबसे ज़्यादा ‘गूगल’ किया गया नाम है. लोग उन्हें देखना चाहते हैं, उनके बारे में जानना चाहते हैं लेकिन काफ़ी हद तक उनके बारे में अपनी राय पहले ही बना चुके हैं.

सनी मानती हैं कि उनके बारे में एक तरह की राय बनने की वजह वो ख़ुद हैं.

“मैं अपनी सोच और अपनी ज़िंदगी को लेकर एकदम पारदर्शी हूँ, लेकिन लोग मुझे मेरे पिछले पेशे से जोड़कर ही देखते हैं, उसमें उनकी कोई ग़लती भी नहीं, पर समय के साथ मैं भी बदली हूँ और उम्मीद है लोग भी मेरे व्यक्तित्व में इस बदलाव को समझेंगे.”

वो बॉलीवुड में ‘आइटम नंबर’ कहे जानेवाले गानों के बाद अब फ़िल्मों में पूरे किरदार निभा चुकी हैं. हाल में उनकी ख़ुद की परफ़्यूम, ‘द लस्ट’ भी लॉन्च हुई है.

मैंने पूछा कि ये नाम भी तो उनकी ख़ास छवि को ही आगे ले जाता है?

उन्होंने इनकार कर दिया और कहा कि इतनी कम उम्र में अपने नाम की परफ़्यूम होना किसी भी लड़की के लिए ख़्वाब जैसा है और जब वो सच हुआ तो उन्हें यही नाम पसंद आया.

सनी का कहना था, “बाक़ि परफ़्यूम ब्रैंड भी तो ऐसे नाम रखते हैं, जैसे सिडक्शन या फ़ायर एंड आइस.”

क्या भारत में भी क़ानूनी तौर पर पॉर्न इंडस्ट्री होनी चाहिए?

इस सवाल का जवाब देने से सनी एक पल के लिए भी झिझकी नहीं, कहा, “ये मेरा फ़ैसला नहीं, भारत सरकार और यहां के लोगों का होगा”.

पर क्या ऐसा उद्योग होने से यौन संबंधों के बारे में सहजता और ख़ुलापन होगा? अमरीका में उनका अनुभव क्या कहता है?

जवाब में सनी ने कहा कि उनकी निजी पसंद किसी और पर थोपी नहीं जानी चाहिए. समाज की सोच हर परिवार से बनती है और हर लड़की की उनकी मां-बाप की परवरिश से.

सनी के मां-बाप को उनका ये फ़ैसला बिल्कुल नागवार था. पर वो मानती हैं कि उन्हें एक बेहद आज़ाद ख़्याल लड़की की तरह बड़ा किया गया जिस वजह से वो अपने मां-बाप की इज़्ज़त भी करती हैं और अपनी पसंद के फ़ैसले भी ले पाई हैं.

अब सनी के अपने बच्चे हैं. उन्होंने एक बेटी को गोद लिया है और सरोगेसी से दो बेटे हैं.

क्या उन्हें वो ज़िंदगी के फ़ैसले लेने की आज़ादी दे पाएंगी?

सनी ने कहा, “बेशक़, मैं चाहूंगी वो ऊंचाइयां छुएं, मार्स तक जाएं लेकिन उनके फ़ैसले और रास्ते उनके अपने होंगे.”

सोर्स from :- bbc

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