नमाज़ के लिए मस्जिद ज़रूरी नही – अयोध्या मामले की सुनवाई २९ अक्टूबर से शुरू -सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक बेहद अहम फैसले में 157 साल पुराने व्यभिचार-रोधी कानून, IPC 497 (व्यभिचार), को रद्द कर दिया, और कहा – व्यभिचार अपराध नहीं. उधर, राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े एक और अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नमाज़ के लिए मस्जिद ज़रूरी नही, कहा कि 1994 के संविधान पीठ के फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत  नहीं, जिसमें कहा गया था कि मस्जिद में नमाज अदा किया जाना इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है.

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