चुनावी नाव :–युवा एवं महिला नेतृत्व दोनों ही पार्टियों की प्राथमिकता है ..

इस बार मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में सभी पार्टीयों की निगाहे लगी हुई है , चुकि लाख कोशिशों के बावजूद दोनों ही पार्टिया कोई भी चुनावी आन्दोलन खड़ा नही कर पाई है, इसलिए अब सारा दारोमदार प्रत्याशी के चयन पर आ गया है, कांग्रेस जहा अभी सही प्रत्याशी के चयन को लेकर मुसीबत झेल रही है वही बीजेपी अपनी बंद मुट्ठी से सभी को हैरान किये हुए है.

बीजेपी इस बार कुछ नए युवा प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर एक नया जुआ खेल सकती है वही कांग्रेस बीजेपी के छीके में से कुछ कांडीडेट को अपने मैदान में उतार सकती हैl दोनों ही पार्टिया  इस बात से हैरान है कि जनता क्या चाहती है,उसका रुख कुछ समझ नहीं आ रहा है, साथ ही पिछले चुनाव जैसा कोई भी वादा करने से भी डर रही है l

एंटीअन्कम्बेंसी ने भी लोकल प्रत्याशी को परेशान कर रखा है, भले ही लोगो को बोले कि टिकट पक्का है, लेकिन वास्तविक स्थिति से वो भी अनजान है, चूकि इस बार बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व ने किसी को भी आहट नही होने दी, और परवारे ही एक सर्वे रिपोर्ट बना ली है l

अमितशाह की टीम एवं संघ ने मिलकर प्रत्याशी चयन में अपनी अहम् भूमिका निभाई है, इसलिए इसकी सम्भावना काफी दिखाई देती है कि टिकट वितरण में काफी चौकाने वाले नाम आये l इंदौर से दो या तीन जगह के टिकट बदलने की संभावना है वही कुछ एक जगह की विधानसभा सीट की अदला-बदला हो सकती है l कुछ महिला प्रत्याशी एवं युवा तरुनाई चौकाने वाले नाम हो सकते है l

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