भारत पंचामृत के मंत्र के रास्ते पर निकलेगा और विश्व गुरु बनकर खड़ा होगा.” -मोहन भागवत

इन शब्दों के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी के सालाना उत्सव में अपने भाषण की शुरुआत की और बाबर, पाकिस्तान, चीन, सरकार, समाज, मतदान पर बात की. इस दौरान वो दो अहम मुद्दे राम मंदिर और अर्बन माओवाद पर भी वो बोले.

“राम मंदिर बनना चाहिए”

राम मंदिर के मसले पर मोहन भागवत ने कहा, “संत महात्मा जो क़दम उठाएंगे, संघ उसके साथ चलेगा. चाहे जैसे हो राम मंदिर बनना ही चाहिए. सरकार क़ानून लाकर मंदिर बनाए. इसमें किसी का कोई हस्तक्षेप नहीं हो.”

उन्होंने कहा, “राम हमारे गौरव पुरुष हैं. यदि ये हमारे गौरव पुरुष हैं तो उनका स्मारक होना चाहिए. अब पता चल गया कि वहां मंदिर है, नीचे है, सब सिद्ध हो चुका है. फिर भी न्यायालय में प्रकरण है और लंबा हो रहा है. अब कितना लंबा चलेगा. हिंदू समाज तो कितने वर्षों से राह देख रहा है.”

”लोग सत्य भी जानते हैं. निर्णय तुरंत आ भी सकता है. लेकिन कुछ लोग हैं, जिनको इस पर राजनीति चलानी है. वो इसको लंबा करते हुए दिखाई देते हैं. राजनीतिक लोग हैं. ये राजनीति नहीं आती तो मंदिर कब का बन चुका होता. सब के सहयोग से बनता. लेकिन राजनीति आ गई बीच में.”

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