इंडिया में #MeToo कैम्पेन की शुरुआत तनुश्री दत्ता ने नहीं बल्कि 90 के दशक में अलीशा चिनॉय ने ही की ..!

बॉलीवुड डेस्क. सिंगर अलीशा चिनॉय भी अनु मलिक की हरकतों की शिकार रहीं हैं। अलीशा ने मीटू कैम्पेन के तहत अनु मलिक पर लगाए गए सभी आरोपों को सही बताया है और कहा है कि वे पीड़ितों के साथ हैं। दरअसल इंडिया में MeToo कैम्पेन की शुरुआत तनुश्री दत्ता ने नहीं बल्कि 90 के दशक में अलीशा चिनॉय ने ही की थी।

यह है पूरा वाकया

  1. हालिया बयान में कहा हैवान

    अलीशा ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है- उन लड़कियों ने जो भी अनु मलिक के लिए कहा है वह एक-एक शब्द सही है। मैं उनके साथ हूं। इस हैवान ने तो अपनों को भी नहीं बख्शा। जिस श्वेता पंडित के साथ उसने ये हरकतें की वह म्यूजिक डायरेक्टर जतिन-ललित की भतीजी है। मलिक की दो बेटियां हैं और इतने सालों में वह अपनी बेटियों की उम्र की लड़कियों पर बुरी नजर रखता था। कईयों को तो अपने घर में ही शिकार बनाया।

  2. अलीशा ने मांगा था हर्जाना

    1995 के दौरान अलीशा चिनॉय का एलबम मेड इन इंडिया रिलीज हुआ था। तब अलीशा ने अनु पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए थे। अनु पर एक केस भी दर्ज किया गया था, जिसके एवज में अलीशा ने उनसे 26.60 लाख रुपयों की मांग हर्जाने के तौर पर की थी। इसके बाद अनु ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताते हुए उल्टा अलीशा पर ही 2 करोड़ रुपयों के साथ मानहानि का केस कर दिया था।

  3. साथ काम न करने की खाई थी कसम

    अलीशा ने इस मामले को खत्म करने के लिए समझौते का रास्ता चुना लेकिन जिंदगी भर अनु मलिक के साथ काम न करने की कसम खाई थी। हालांकि कुछ ही साल बाद 2002 में दोनों ने शाहिद कपूर की फिल्म इश्क-विश्क के लिए साथ काम करके सभी को चौंका दिया था। अलीशा को आखिरी बार 2013 में आई फिल्म कृष-3 में सुना गया था।

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