फिल्म ‘फ़ज्र’ को फ़िल्म फ़ेस्टिवल से क्यों निकाला गया, जाने दिलचस्प वाकया ..!!

यूं तो ईरानी सिनेमा दुनिया भर में अपने प्रोग्रेसिव रुख के लिए मशहूर है लेकिन उसकी पर्दानशीं नायिकाएं पर्दे पर बेपर्दा नहीं हुआ करती हैं.

पिछले साल कियानूश अयारी की फ़िल्म, ईरानी फ़िल्म फ़ेस्टिवल ‘फ़ज्र’ से बाहर कर दी गई थी. निर्देशक कियानूश अयारी की फ़िल्म ‘कानापे’ (एक फ़्रेंच शब्द जिसका मतलब ‘सोफ़ा सेट’ होता है) को ‘फ़ज्र’ फ़िल्म फ़ेस्टिवल से इसलिए निकाला गया था क्योंकि इस फ़िल्म की महिला कलाकारों ने अपने सर पर दुपट्टा नहीं डाला था.

‘कानापे’ में महिला कलाकार विग पहनकर कैमरे के सामने आई थीं. हालांकि इस पर अयारी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि “ये आम बात है. इस का अंदाज़ा पहले से ही लग रहा था.”

कियानूश अयारी ने ‘कानापे’ के साथ ही ये भी साफ़ कर दिया कि आगे से वो ऐसी कोई फ़िल्म ही नहीं बनाएंगा जिसमें उसकी महिला कलाकरों को एकांत में या फ़िल्म के अन्य कलाकार जो उनके सगे-संबंधी हों, के सामने अपने सर पर दुपट्टा डाली हुई हों.

ईरानी क्रांति के बाद जब वहां हिजाब अनिवार्य हो गया, तब से ही ईरान के फ़िल्म जगत में महिला कलाकारों के लिए हिजाब या सर पर दुपट्टा रखना ज़रूरी कर दिया गया.

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