डबिंग और स्टेज आर्टिस्ट शारदा कैसे बनीं कविता कृष्णमूर्ति

फिल्म-1942 ए लव स्टोरी का गाना क्यों नए लग रहे हैं ये धरती गगन, फिल्म-खामोशी का आज मैं ऊपर, आसमान नीचे, फिल्म-हम दिल दे चुके सनम का टाइटल सॉन्ग और निंबूड़ा, फिल्म- याराना का मेरा पिया घर आया, फिल्म- देवदास का डोला रे डोला रे…इन सारे हिट गानों में और ऐसे दर्जनों और लोकप्रिय गानों में आवाज का जादू देने वाली कलाकार को हम कविता कृष्णमूर्ति के नाम से जानते हैं. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि ये नाम उन्हें उनके माता पिता से नहीं बल्कि मन्ना डे, हेमंत कुमार और संगीतकार लक्ष्मीकान्त जैसे दिग्गज कलाकारों की वजह से मिला.

इसमें सबसे बड़ा रोल हेमंत कुमार का था. दरअसल कविता कृष्णमूर्ति का असली नाम है शारदा कृष्णमूर्ति. वो शारदा के नाम से ही इन दिग्गज कलाकारों के साथ स्टेज शो किया करती थीं. उन दिनों शारदा नाम की एक और गायिका हुआ करती थीं. उनका नाम था शारदा राजन. उनका एक गाना अच्छा हिट हुआ था. जिसके बोल थे-तितली उड़ी.

शारदा कृष्णमूर्ति जब भी स्टेज शो करतीं उनसे इस गाने की फरमाइश होती. उन्हें बार-बार ये बताना पड़ता कि वो शारदा राजन नहीं बल्कि शारदा कृष्णमूर्ति हैं. आखिर में एक दिन हेमंत कुमार ने शारदा कृष्णमूर्ति को समझाया कि इस गफलत से बचने के लिए अब नाम बदलने में ही भलाई है. उसी समय झटपट शारदा की मां और इन लोगों ने नया नाम रखा- कविता. शारदा कृष्ममूर्ति कविता कृष्णमूर्ति बन गईं. आज उन्हीं कविता कृष्णमूर्ति का जन्मदिन है.

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