‘मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी’ में कंगना रनौत (Kangana Ranaut) दोहरी भूमिका में हैं.

सुभद्राकुमारी चौहान की कविता ‘खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी’ को बचपन से सुनते आए हैं और झांसी की रानी की एक इमेज इसी कविता ने हमारे जेहन में बनाई है. लेकिन झांसी की रानी की एक छवि कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ‘मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी’ में भी लेकर आई हैं.

कंगना रनौत ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के किरदार को बखूबी परदे पर उतारा है लेकिन ‘मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी (Manikarnika: The Queen of Jhansi)’ इस लेजंडरी कैरेक्टर के साथ इंसाफ करती नजर नहीं आती है और कमजोर डायरेक्शन फिल्म की सबसे बड़ी चूक है.

फिल्म के डायरेक्शन को लेकर हुई जंग तो वैसे भी जगजाहिर है और आखिर में कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को कमान अपन हाथों में लेनी पड़ी. कमजोर डायरेक्शन और बचकानी बातें पूरी फिल्म पर हावी रहती हैं.

फिल्मों में अंग्रेजों के बोलने के ढंग और अंदाज पर कुछ और काम किया जाना चाहिए वर्ना यह बहुत हास्यास्पद लगता है क्योंकि यह अंदाज अब पुराना हो चुका है.

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *