कलेक्टर जाटव की यह अनूठी पहल ;-इंदौर के सभी निजी अस्पतालों में एक माह में एक मरीज का उपचार निशुल्क कराया जाए

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर के कलेक्टर के द्वारा एक अनूठी पहल शुरू की जा रही है। इसमें जो काम करने का लक्ष्य उनके द्वारा तय किया गया है, वह मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार इंदौर से ही शुरू होगा।

गंभीर बीमारियों से पीड़ित नागरिक अपने उपचार के लिए कलेक्टर के पास रेड क्रॉस सोसायटी के मद से आर्थिक सहायता प्राप्त करने हेतु जाते हैं। इंदौर में बड़ी संख्या में बीमारी से पीड़ित नागरिकों के द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से राशि प्राप्त कर अपना इलाज करवाया जाता है । इंदौर में कलेक्टर के पद पर पदस्थ हुए लोकेश जाटव के समक्ष जब इस तरह के मामले आए तो उन्होंने कहा कि इंदौर तो मेडिकल का हब हे यहां कम से कम इस तरह के मामले तो नहीं आना चाहिए । जब उन्होंने रिकॉर्ड देखा तो यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह के मामले तो लगातार कलेक्टर के समक्ष आते हैं। कलेक्टर के द्वारा ऐसे मामलों के आवेदनों पर पीड़ित व्यक्ति को इलाज के लिए अमूमन ₹10000 की सहायता दे दी जाती है । यह सहायता चेक के माध्यम से रेडक्रास सोसायटी के बैंक खाते से दी जाती है।

अब कलेक्टर जाटव ने यह अनूठी पहल करने का फैसला लिया है कि इंदौर के सभी निजी अस्पतालों में एक माह में एक मरीज का उपचार निशुल्क कराया जाए। इसके लिए उनके द्वारा अस्पतालों के संचालकों से संवाद स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है । ध्यान रहे कि इंदौर में करीब 200 निजी अस्पताल है। यदि इन अस्पतालों में एक माह में एक मरीज का भी निशुल्क उपचार हुआ तो इस तरह से हर माह में 200 मरीजों का निशुल्क उपचार हो जाएगा । इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि विभिन्न चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा संचालित बड़े अस्पतालों में हर माह में 10 मरीजों का निशुल्क उपचार कराया जाए। लक्ष्य रखा गया है कि हर माह 500 मरीजों का निशुल्क उपचार अस्पतालों से हो जाए। इस तरह की पहल मध्यप्रदेश में अब तक कभी भी नहीं हुई है । यह नवाचार इंदौर के कलेक्टर द्वारा किया जा रहा है । यदि यह नवाचार सफल रहता है तो बीमारी का इलाज कराने में नागरिकों को काफी मदद मिल सकेगी।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.