आई.पी.एस. एकेडमी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइन्स द्वारा दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस शुरू

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आई.पी.एस. एकेडमी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइन्स द्वारा दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस “रिसेंट एडवांसमेंट इन इंटरडिसिप्लिनरी ट्रेंड्स इन इंजीनियरिंग एंड एप्लिकेशन” का आज आईपीएस अकादमी ग्रुप के  प्रेसिडेंट अचल चौधरी, आई.आई.एस.सी. बंगलौर के प्रोफ.ऍन.एस.दिनेश,  आईपीएस आई.इ.एस. की प्रिंसिपल श्रीमती अर्चना चौधरी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित द्वारा  शुरू हुआ ।

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रिसर्च एवं डेवलपमेंट का बजट 25 लाख से 50 हुआ

कार्यक्रम के शुभारम्भ में प्रेसिडेंट अचल चौधरी ने कहा इस वर्ष हम आईपीएस अकादमी की सिल्वर जुबली इयर मना रहे है ,25 पूर्व शुरू हुए इस संस्थान में आज 16 कॉलेज संचालित हो रहे है, और हमारा इंजीनियरिंग कॉलेज ने प्रदेश में एक पहचान बने है, हम आईपीएस संस्थान को सिर्फ पढाई का केंद्र न बनाते हुए इसे एक रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर के रूप में भी डेवेलोप करना चाहते है, इसके लिए हमने अपने बजट को 25 लाख से बढ़ाकर 50 कर दिया हैl ये डेवलपमेंट किसी भी क्षेत्र में हो सकता है l

कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग एवं साइन्स के क्षेत्र मे किए जा रहे महत्वपूर्ण शोध कार्यो को केन्द्रित करना है। जिसके परिणामस्वरूप देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों मे कार्यरत प्रोफेसर व शोधार्थियों द्वारा अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

शुभारम्भ सत्र में मक्सिको से आये कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफ.ऑस्कर कैस्टिलो अपना प्रेजेंटेशन “Hybrid fuzzy intelligentsystems, nonlinear studies” पर देंगे एवं डॉ. प्रोफ. मेंगो जू “Intelligent control theory &application, fuzzy logic networks, robotics & बंगलोर के प्रोफ. दिनेश “challenges in engineering development” पर प्रकाश डालेंगे l

संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा अर्थक्वेक इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण एवं प्रज्ज्वलित विषय को कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समायोजित किया जाएगा।

अर्थक्वेक जैसी विपदाओं से समाधान पाना आज सम्पूर्ण विश्व के लिए चुनौती बन गया है। देश-विदेश के सिविल इंजीनियरिंग विभागों द्वारा उक्त घटनाओं से निपटने हेतु युद्ध स्तर पर महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे है।

कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य वक्ता के रूप मे डॉ. राजेश कुमार ढकाल (यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, क्राइस्टचर्च, न्यूज़लैंड के स्ट्रक्चरल एंड अर्थक्वेक इंजीनियरिंग के प्रोफेसर), डॉ. वैसल गोलूबेव (सीनियर रिसर्चर, एप्लाइड मेथमेटिक्स डिपार्टमेन्ट, मास्को इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स एंड टेक्नोलॉजी, रशिया), डॉ. नीलिमा सत्यम (प्रोफेसर , सिविल इंजीनियरिंग विभाग, IIT इंदौर) एवं देश-विदेश के रिसरचर्स द्वारा  अर्थक्वेक रेसिस्टेंट स्ट्रक्चर विषय पर रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही किसी भी स्ट्रक्चर को अर्थक्वेक रेसिस्टेंट एवं किफ़ायती बनाए जाने के लिए उचित डिज़ाइन की महत्वपूर्ण भूमिकाओं को बताया जाएगा।

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