आईपीएस अकादमी में दो दिवसीय कांफ्रेंस में न्युज़िलेंड के प्रोफ. डॉ. बैसवलेव ने फ्यूज तकनीक से भूकंप से बचाव के तरीके बताये .

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आईपीएस अकादमी के इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रही दो दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस में  गुरुवार को पहले दिन न्यूज़ीलैंड से आए स्ट्रक्चर एंड अर्थक्वेक इंजीनियर प्रो डाॅ गोलू बेसलवेव ने कहा – इंजीनियर्स ऐसी तकनीक पर काम कर रहे है जिससे भूकंप आने से काफी पहले सूचना मिल जाएगी। लोगों को जान बचाने का मौका मिल जाएगा।उन्होंने कहा कि इस तकनीक के जरिये हम भूकंप आने के संकेत पहले ही प्राप्त कर लेते है , और समय रहते इसके बचने के उपाय ढूँढ लेते है l

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भारत सहित कई देशों से आए इंजीनियर्स उन आविष्कारों और आने वाली तकनीकों पर बात रहे हैं जो मानव जाति के लिए वरदान साबित होंगी। कैंसर ट्रीटमेंट, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने, क्वालिटी ऑफ सुधारने और धरती को प्लास्टिक से होते नुकसान से बचाने जैसे मसलों पर चर्चा कर रहे हैं।  पिछले कुछ वर्षों मे भूकम्प सहित कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना लगभग पूरा विश्व कर चुका है। बिहार, किल्लारी , चमोली भुज, अंडमान, जम्मू एंड कश्मीर, सिक्किम, नेपाल, इम्फाल में भूकम्प से सबसे ज़्यादा जनहानि हुई है। आने वाले समय में फ्यूज तकनीक ऐसी घटनाओं के समय भवन को खाली करने का संकेत देकर नुकसान से बचा लेगी ।

काॅन्फ्रेंस मेें शामिल होने मेक्सिको से आए कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर डॉ ऑस्कर केस्टिलिओ ने रोबोटिक्स एडवासंमेंट्स के बारे में बताया। उन्होंने कहा आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के ज़रिए रोबोज़ अब ह्यूमन क्लोन जैसे बन चुके हैं। रोबो अंतरिक्ष में मंगल ग्रह पर एस्ट्रोनॉट की तरह भी जा रहे हैं रेस्तरां में वेटर की तरह फूड भी सर्व कर रहे हैं। देश के लिए जासूसी से लेकर मेडिकल सर्जरी तक रोबो से की जा रही है। इनकी मदद से जन्म से दिव्यांग व्यक्ति भी सामान्य व्यक्ति की तरह चल सकेंगे।

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