मध्य भारत के ख्यात शास्त्रीय गायक श्री गौतम काले को पं मनमोहन भट्ट मेमोरीयल अवार्ड

इंदौर के शास्त्रीय गायक श्री गौतम काले को जयपुर में संगीत कला निकेतन द्वारा ये अवार्ड दिया गया । ये अवार्ड उन्हें विश्व के ख्यात मोहन वीना वादक पद्मभूशन पं विश्वमोहन भट्ट जी एवं सात्विक वीना वादक पं सलिल भट्ट द्वारा दिया गया ।
ये अवार्ड विश्वमोहन जी अपने पिताजी की स्मृति में हर वर्ष प्रदान करते है । गौतम को उनकी आज तक की संगीतिक यात्रा और उनके योगदान हेतु दिया गया है ।
यह कार्यक्रम जवाहर कला केंद्र में आयोजित किया गया था जिसकी शुरुआत गौतम के गायन से हुई उन्होंने राग पूरिया में उनके गुरु पद्मविभूशन पं जसराज जी द्वारा रचित बंदिश “ अब थारे बिन कुण मोरी राखे लाज “ मध्यलय झपताल में और “ श्याम कुँवर मोरे घर आए “ द्रुत तीनताल इसके पश्च्यत उन्होंने राग जोग में हनुमान लला से अपने कार्यक्रम का समापन किया । तबले पर श्री हिमांशु महंत ने और हरमोनिम संगत पं आलोक भट्ट ने की ।

गौतम काले सेंट्रल इंडिया के स्थापित युवा शाश्त्रीय गायक है,आजकल के युवा उन्हें काफी पसंद व् फ़ॉलो करते है, शास्त्रीय संगीत में इंदौर घराने को एक पहचान बनाये रखने के लिए भी वो सतत प्रयासरत हैl

गौतम काले जी को आईपीएस अकादमी के प्रेसिडेंट श्री अचल चौधरी , राजेश चौधरी ,IBMR के डायरेक्टर श्री विवेक कुशवाह, ने बधाई दी l

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