तकनीक केवल साधन बनाने तक सीमित नहीं

जाने-माने अमरीकी अनुसंधानकर्ता रेमंड कुर्ज़विल ने इस सदी की शुरुआत में कहा था कि तकनीक केवल साधन बनाने तक सीमित नहीं है, ये एक प्रक्रिया है जो पहले से अधिक ताकतवर तकनीक को जन्म देती है.

उनका कहना था कि तकनीक के विकास की गति, एक दशक में कम से कम दोगुनी होगी. आज तकनीक जिस मुकाम पर पहुंच चुकी है, उससे साबित होता है कि उनका कहना ग़लत नहीं था.

लेकिन तेज़ी से होते तकनीक के विकास के साथ इसके बेक़ाबू हो जाने का डर भी उतनी ही तेज़ी से फैला है. वैज्ञानिकों और जानकारों में तकनीक से प्रेरित अनजान भविष्य का डर और उस पर चर्चा कोई नई बात नहीं है.

गूगल और एल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने बीते सप्ताह कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है.

बीते सप्ताह उनका एक लेख फाइनेन्शियल टाइम्स में छपा, जिसमें उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर नियमों का बनाया जाना ज़रूरी है. हम नई तकनीक पर लगातर काम करते रह सकते हैं. लेकिन बाज़ार व्यवस्थाओं को उसके किसी भी तरह के इस्तेमाल की खुली छूट नहीं होनी चाहिए.”

Send SMS to :
You can leave a response, or trackback from your own site.

Leave a Reply