खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है – भगवान् महावीर स्वामी

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भगवान महावीर की जयंती पर प्रस्तुत हैं उनके 5 अनमोल विचार:

मनुष्य के दुखी होने की वजह खुद की गलतिया ही है जो मनुष्य अपनी गलतियों अपर काबू पा सकता है वही मनुष्य सच्चे सुख की प्राप्ति भी कर सकता है

आपात स्थिति में मन को डगमगाना नहीं चाहिये।

आत्मा अकेले आती है अकेले चली जाती है, न कोई उसका साथ देता है न कोई उसका मित्र बनता है।

खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है।

आपने कभी किसी का भला किया हो तो उसे भूल जाओ। और कभी किसी ने आपका बुरा किया हो तो उसे भूल जाओ।

 

महावीर जयंती जैन समुदाय का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वे तीर्थकर थे। कई जगह महावीर जयंती को महावीर स्‍वामी जन्‍म कल्‍याणक भी कहा जाता है। हिन्दु पंचांग की मानें तो चैत्र मास के 13वें दिन भगवान महावीर ने जन्‍म लिया था। ऐसा कहा जाता है कि जैन मान्‍यताओं के अनुसार उनका जन्‍म बिहार के कुंडलपुर के राज परिवार में हुआ था । भगवान महावीर का बचपन का नाम ‘वर्धमान’ था। ऐसा कहा जाता है कि इन्होंने 30 साल की उम्र में घर छोड़ दिया और दीक्षा लेने के बाद 12 साल तपस्या की। भगवान महावीर की जयंती पर प्रस्तुत हैं उनके 5 अनमोल विचार:

 

 

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