हिटलर और एक नाबालिग यहूदी लड़की की दोस्ती की दास्तान

0
19

पहली नज़र में एक बच्ची को गले लगाते इस व्यक्ति की ये तस्वीर बहुत प्यारी लगती है.

लेकिन 1933 में ली गई इस तस्वीर के पीछे की कहानी थोड़ी पेचीदा है. तस्वीर में दिख रहे लोग हैं, जर्मन नेता और 60 लाख यहूदियों की मौत के ज़िम्मेदार अडॉल्फ हिटलर और यहूदी मूल की एक लड़की रोज़ा बर्नाइल निनाओ.

वरिष्ठ नाज़ी अधिकारियों के हस्तक्षेप तक हिटलर ने इस लड़की से कई साल तक दोस्ती बनाए रखी, लेकिन बाद में सब ख़त्म हो गया.

मैरीलैंड स्थित एलेक्ज़ेंडर हिस्टॉरिकल ऑक्शन एज़ेंसी के अनुसार, हैनरिक़ हॉफ़मैन ने इस तस्वीर को लिया था. इस तस्वीर की बीते मंगलवार को अमरीका में 11,520 डॉलर यानी क़रीब 8.2 लाख रुपये में नीलामी की गई.

नीलामी करने वाले बिल पैनागोपुलस ने ब्रिटिश समाचार पत्र डेली मेल से कहा, ”इस हस्ताक्षरित तस्वीर को पहले कभी किसी ने नहीं देखा.”

इस तस्वीर की ख़ास बात ये है कि इस तस्वीर में बच्ची और हिटलर के बीच का रिश्ता वास्तविक लग रहा है. बिल कहते हैं, ”हिटलर अक्सर बच्चों के साथ प्रचार के मक़सद से ही फोटो खिंचवाते थे. ”

हिटलर का प्यार

20 अप्रैल को अपने जन्मदिन पर हिटलर की इस लड़की से मुलाक़ात हुई.

ऑक्शन वेबसाइट के अनुसार रोज़ा और उनकी मां कैरोलिन 1933 में बच्ची के जन्मदिन वाले दिन आल्प्स स्थित हिटलर के निवास ‘बर्गोफ़’ के बाहर जुटी भीड़ में शामिल हुए थे.ऐसा माना जाता है कि जब हिटलर को पता चला कि आज रोज़ा का भी जन्मदिन है तो हिटलर ने रोज़ा और उनकी मां कैरोलिन को अपने घर आमंत्रित किया, जहां ये तस्वीरें दर्ज की गईं.

कुछ समय बाद पता चला कि कैरोलिन की मां यहूदी थी.

लेकिन इससे हिटलर और रोज़ा की दोस्ती पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा. हिटलर ने ही ये तस्वीर अपने हस्ताक्षरों के साथ रोज़ा को भेजी थी.

उन्होंने लिखा था, “प्रिय और रोज़ा निनाओ, एडॉल्फ हिटलर, म्यूनिख, 16 जून, 1933,”

ऐसा लगता है कि रोज़ा ने बाद में तस्वीर में अपना स्टैंप लगाया, काले और सफेद रंग के फूल बनाएं.

    'No new videos.'