Category Archives: Did You Know??

ट्रंप और बाइडन के क़िस्मत की चाबी अब इन राज्यों के पास है

अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव का मैजिकल नंबर 270 है .यानी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा सत्ता पर बने रहने के लिए या जो बाइडेन को नया राष्ट्रपति बनने के लिए इलेक्टोरल कॉलेज के 538 में से 270 वोटों को जीतने की ज़रूरत है.

इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की अहमियत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2016 में तीन महत्वपूर्ण राज्यों विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेन्सिलवेनिया में केवल 70,000 वोटों ने ट्रंप को जीत दिला दी. ये वोट हिलेरी क्लिंटन की 30 लाख आम वोटों की बढ़त पर भारी पड़ गए थे.

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भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के डिरेक्टर आईएएस कोरोना से संक्रमित हुए

भोपाल। स्वास्थ्य विभाग में संचालक आईएस को कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। जहाँ पर उनका उपचार किया जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार भोपाल के एक आईएएस डॉ. जे विजय कुमार को कोरोना से पॉज़िटिव पाएं जाने से मंत्रालय में हड़कंप मच गया हैं। यह अधिकारी राजधानी प्रसिद्ध निजी अस्पताल चिरायु में भर्ती किया गया है।

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बढ़ सकता है #कोरोना ग्रसित तब्लीगियों का

दिल्ली। नियमों और निर्देशों को ताक में रखकर तब्लीगी जमात के कार्यक्रमों में शामिल होने और देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना संक्रमण फैलाने के दोषी 960 विदेशियों का वीजा रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने इन विदेशियों को काली सूची में डालते हुए उनके लिए देश के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पर्यटन वीजा पर भारत आने के बाद तब्लीगी गतिविधियों में शामिल होकर इन लोगों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है और इस वजह से उनका मौजूदा वीजा रद्द कर दिया गया है।

इसके साथ ही इन लोगों ने कोरोना आपदा के दौरान बड़ी संख्या में एकजुट नहीं होने के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है। इस वजह से इन सभी के भविष्य में भारत में प्रवेश पर रोक लगाते हुए उनको काली सूची में डाल दिया गया है। वीजा रद्द होने और काली सूची में शामिल होने के साथ ही इन विदेशी तब्लीगियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सकता है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस सहित सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को इन विदेशी तब्लीगियों के खिलाफ विदेशी कानून और आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इन कानूनों के अंतर्गत उनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार को कैबिनेट सचिव के सख्त निर्देश के बाद पूरे देश में 9,000 तब्लीगियों और उनसे संबंधित लोगों की पहचान कर उनको आइसोलेशन में रखा गया है। यही नहीं, देश में 328 नए मामले सामने आने के साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 1,965 हो गई है इनमें तब्लीग से जुड़े ग्रसित मरीजों की संख्या ही 400 है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक कई अन्य तब्लीगियों का टेस्ट किया जा रहा है और उनमें कोरोना से ग्रसित होने वालों की संख्या बढ़ सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक तब्लीगी जमात से संबंधित तमिलनाडु में 173, राजस्थान में 11, अंडमान निकोबार में नौ, दिल्ली में 47, पुडुचेरी में दो, जम्मू-कश्मीर में 22, तेलंगाना में 33, आंध्र प्रदेश में 67 और असम में 16 लोग कोरोना से ग्रसित पाए गए हैं।

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टेलीमेडिसिन सुविधा से घर बैठे होगा इलाज*

*व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के माध्यम से ले सकेंगे परामर्श ,आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल मोबाइल यूनिट घर पहुंचकर करेगी जांच*

       वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जब संपूर्ण देश करोना महामारी के संकट के दौर से गुजर रहा है, हर एक व्यक्ति को घर पर रहने की सलाह दी गई है। जिससे कि सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात सामाजिक दूरी बनाई जा सके एवं कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके।

सोशल डिस्टेंसिंग तथा व्यक्तियों के घरों में रहने के उद्देश्य को सार्थक करने के लिए जिला प्रशासन ने इंदौर में टेलीमेडिसिन सुविधा की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत *74892 44895* नंबर पर व्हाट्सएप वॉइस कॉल अथवा वीडियो कॉल के द्वारा एक्सपर्ट चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि, कोरोना के चलते लोगों के मन में भय की स्थिति भी है। तथा सामान्य सर्दी खांसी होने पर भी लोगों को तो कोरोना का भय सता रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए टेलीमेडिसिन सुविधा द्वारा व्यक्तियों की सर्दी, खांसी, जुकाम आदि के लक्षण देखकर आवश्यक परामर्श दिया जा सकेगा। ऐसी स्थिति जहां व्यक्ति को समक्ष में परामर्श आवश्यक है,
वहां मेडिकल मोबाइल यूनिट द्वारा संबंधित के घर पहुंच कर भी सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने बताया इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर में रहने के लिए प्रेरित करना तथा सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना है।

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डेबिट और क्रेडिट कार्ड में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा निष्क्रिय होगी.

अब तक डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी होते ही लोग उसका इस्तेमाल ऑनलाइन लेन-देन के लिए कर सकते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियम के मुताबिक़ 16 मार्च, 2020 से ज़ारी होने वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा डिसेबल (निष्क्रिय) होगी.

ग्राहकों को सुविधा दी जाएगी लेकिन इस सुविधा को उन्हें इनेबल (सक्रिय) कराना होगा.

नए कार्ड में सिर्फ़ दो सुविधाएं पहले से दी जाएंगी – एक एटीएम से पैसे निकालना और दूसरा प्वाइंट ऑफ़ सेल (पीओएस) डिवाइसेज पर इस्तेमाल करना (जिसे आम भाषा में कार्ड स्वाइप से भुगतान करना कहते हैं)

इसी तरह से अभी तक जिन डेबिट और क्रेडिट कार्ड धारकों ने अपने कार्ड का इस्तेमाल किसी ऑनलाइन लेन-देन के लिए नहीं किया है तो उनकी ये सुविधा भी डिसेबल हो जाएगी. उन्हें इसे इनेबल या चालू कराना होगा.

ग्राहक अपनी इच्छा से कभी भी ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा को चालू या बंद करा सकता है.

जो ग्राहक ऑनलाइन लेन-देन करते रहते हैं उनकी सुविधा चालू रहेगी लेकिन उनके पास इसे जब चाहे बंद कराने और चालू करने का विकल्प मौजूद रहेगा.

लेकिन ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा के लिए ग्राहकों को तीन विकल्प दिए जाएंगे. पहला कार्ड नॉट प्रेजेंट (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) लेने-देन, दूसरा कार्ड प्रेजेंट (अंतरराष्ट्रीय) लेने-देन और तीसरा संपर्क रहित लेनदेन.

कार्डधारक इन सुविधाओं को इनेबल या डिसेबल करा सकते हैं. आप इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (आईवीआर), एटीएम के ज़रिए 24 x7 ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा को इनेबल या डिसेबल करा सकते हैं. ये सुविधा बैंक शाखाओं / कार्यालयों के स्तर पर भी उपलब्ध कराई जा सकती है.

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विदेशो से वापस लौट रहे भारतीयों को चौदह दिनों तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.

भारत सरकार ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए मंगलवार को कई तरह के यात्रा प्रतिबंधों की घोषणा की है. भारतीय नागरिकों से भी ग़ैर-ज़रूरी यात्राएं न करने के लिए कहा गया है. पंद्रह अप्रैल तक वीज़ा भी रद्द कर दिए गए हैं.

भारत सरकार ने पंद्रह अप्रैल तक सभी वीज़ा को रोक दिया है. इसमें राजनयिक, आधिकारिक, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, रोज़गार और प्रोजेक्ट वीज़ा को छूट दी गई है. वीज़ा पर ये रोक 13 मार्च मध्यरात्रि 12 बजे से लागू हो जाएगी.

वहीं ओसीआई खाताधारकों को दी गई वीज़ा मुक्त यात्रा की सुविधा भी पंद्रह अप्रैल तक निलंबित रहेगी. हालांकि जो विदेशी भारत में मौजूद हैं उनके वीज़ा वैध रहेंगे.

वो सभी यात्री जो कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों चीन, इटली, ईरान, उत्तर कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से होकर भारत आ रहे हैं, इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, को न्यूनतम चौदह दिन तक अलग-थलग रहना होगा. ये भी 13 मार्च मध्यरात्रि बारह बजे से लागू होगा.

यही नहीं भारत आ रहे सभी लोगों को भारत के भीतर ग़ैर-ज़रूरी यात्रा न करने की सलाह दी गई है और उन्हें भी चौदह दिन तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.भारत सरकार ने कहा है कि विदेश जा रहे सभी भारतीय नागरिकों को सख़्ती से सलाह दी जा रही है कि वो बेहद ज़रूरी न होने पर यात्रा न करें. वापस लौटने पर उन्हें भी कम से कम चौदह दिनों तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.

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: कई महीनों से राहुल से मिलना चाहते थे सिंधिया, लेकिन नहीं दिया गया समय

 

कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर उनके एक करीबी नेता ने बड़ा खुलासा किया। त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और सिंधिया परिवार के करीबी प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने दावा किया कि ज्योतिरादित्य को राहुल गांधी से महीनों से मिलने का मौका नहीं दिया गया। प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि मुझे पता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया महीनों से राहुल गांधी से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हे मिलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि अगर वे हमें नहीं सुनना चाहते थे, तो हमें पार्टी में क्यों लाया गया।

प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने फेसबुक पोस्ट लिख दावा किया कि मैंने देर रात ज्योतिरादित्य सिंधिया से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने इंतजार किया और इंतजार करते रहे, लेकिन उनके द्वारा हमारे नेता को कोई भी अप्वाइंटमेंट नहीं मिली। उन्होंने यह भी लिखा कि कांग्रेस पार्टी को देखकर दुख होता है। हम सभी सोचते हैं कि अगले एक दशक में पार्टी अपने सभी युवा नेताओं को खो देगी।

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1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी बने

राज्य शासन ने आज एक आदेश जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी पदस्थ किया है।

इसी के साथ गोपाल रेड्डी का प्रदेश का अगला मुख्य सचिव बनने का रास्ता साफ हो गया है और अब यह तय हो गया है कि वही अगले मुख्य सचिव होंगे।

वर्तमान मुख्य सचिव सुधी रंजन मोहंती इसी माह अंत में रिटायर हो रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्हें विद्युत नियामक आयोग का चेयरमैन बनाया जाए

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जबलपुर कलेक्ट्रेट में वेब जीआईएस का शुभारंभ

मध्यप्रदेश शासन की पहल के तहत आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त के निर्देशानुसार जिला स्तर पर भूअभिलेख द्वारा संचालित विभिन्न वेबसाइट में आने वाली समस्याओं के जिला स्तर पर निराकरण हेतु कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थापित जिला वेब जीआईएस सेल का शुभारंभ आज सोमवार को कलेक्टर श्री भरत यादव द्वारा किया गया।किसानों को एमपी ऑनलाइन कियोस्क  से उनकी भूमि के खसरे खाते सहित अन्य भूअभिलेख की प्रतियां प्रदान करने की शुरुआत भी इसी दौरान कलेक्टर  श्री यादव ने की। इस अवसर पर मौजूद किसानों को उन्होंने भू-अभिलेख की नकलें भी प्रदान की। वेब जीआईएस सेल के उद्घाटन के अवसर पर अधीक्षक भूअभिलेख ललित ग्वालवंशी, अधीक्षक भूअभिलेख (नजूल) श्रीमती निधि मार्को एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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जाने क्यों आईएएस अधिकारी स्मिता ” जनता की अधिकरी” के नाम से जानी जाती है

सिविल सेवा परीक्षा में पुरुषों की तरह महिलाएं भी पीछे नहीं है। बहुत बार तो महिला अधिकारी अपने दबंग अंदाज और हटकर काम करने के अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। ऐसे ही बहुत सी महिला सिविल सेवक हैं जिन पर हर देशवासी को गर्व है।

ये वंडर वुमेन न सिर्फ अपने काम को लेकर बल्कि अफसर बनने के अपने संघर्ष को लेकर भी लोगों का सम्मान पाती हैं।

तेलांगना की एक महिला अफसर हैं जो ‘जनता की अधिकारी’ कही जाती हैं। उनके काम करने का अंदाज थोड़ा हटके है।

देश की सबसे युवा आईएएस अधिकारी का खिताब भी उनको हासिल है। IAS-IPS सक्सेज स्टोरी में आज हम आपको महज 22 साल की उम्र में अफसर बनीं स्मिता सभरवाल के संघर्ष और चुनौतियों के बारे में बताएंगे।

19 जून 1977 को जन्मी स्मिता पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की रहने वाली हैं। उनके पिता रिटायर सेना अधिकारी कर्नल प्रणब दास हैं। उनकी मां का नाम पुरबी दास है। पिता के आर्मी में रहने की वजह से स्मिता अलग-अलग शहरों में पली-बढ़ी हैं। पिता के रिटायरमेंट के बाद सभी हैदराबाद में सेटल हो गए। वहीं, स्मिता की स्कूलिंग हुई। 12 वीं में स्मिता ISC टॉपर रहीं। इसके बाद कॉमर्स स्ट्रीम से उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है।

स्मिता के माता-पिता ने आईसीएसई स्टैंडर्ड को टॉप करने के बाद अपनी बेटी को सिविल सर्विस में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। स्मिता ने जब सिविल सेवा की पढ़ाई शुरू की तो पहली बार में उन्हें असफलता हाथ लगी और वो प्रीलिम्स भी नहीं क्लियर कर पाई थीं। पर उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से कड़ी मेहनत के साथ कोशिश की।

और वो दिन भी आया जब वो यूपीएससी का पेपर पास करने वाली सबसे कम उम्र की स्टूडेंट बनीं। साल 2000 में अपने दूसरे प्रयास में, उन्होंने न केवल परीक्षा पास की बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया 4th रैंक हासिल की। यूपीएसससी में टॉप करके मां-बाप का नाम रोशन किया।

स्मिता ने पहले तेलंगाना कैडर के आईएएस की ट्रेनिंग ली और नियुक्ति के बाद वह चितूर में सब-कलेक्टर रहीं। वो कडप्पा रूरल डेवलपमेंट एजेंसी की प्रोजेक्ट डायरेक्टर,वारंगल की नगर निगम कमिश्नर और कुरनूल की संयुक्त कलेक्टर रही हैं।

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