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1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी बने

राज्य शासन ने आज एक आदेश जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी पदस्थ किया है।

इसी के साथ गोपाल रेड्डी का प्रदेश का अगला मुख्य सचिव बनने का रास्ता साफ हो गया है और अब यह तय हो गया है कि वही अगले मुख्य सचिव होंगे।

वर्तमान मुख्य सचिव सुधी रंजन मोहंती इसी माह अंत में रिटायर हो रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्हें विद्युत नियामक आयोग का चेयरमैन बनाया जाए

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जबलपुर कलेक्ट्रेट में वेब जीआईएस का शुभारंभ

मध्यप्रदेश शासन की पहल के तहत आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त के निर्देशानुसार जिला स्तर पर भूअभिलेख द्वारा संचालित विभिन्न वेबसाइट में आने वाली समस्याओं के जिला स्तर पर निराकरण हेतु कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थापित जिला वेब जीआईएस सेल का शुभारंभ आज सोमवार को कलेक्टर श्री भरत यादव द्वारा किया गया।किसानों को एमपी ऑनलाइन कियोस्क  से उनकी भूमि के खसरे खाते सहित अन्य भूअभिलेख की प्रतियां प्रदान करने की शुरुआत भी इसी दौरान कलेक्टर  श्री यादव ने की। इस अवसर पर मौजूद किसानों को उन्होंने भू-अभिलेख की नकलें भी प्रदान की। वेब जीआईएस सेल के उद्घाटन के अवसर पर अधीक्षक भूअभिलेख ललित ग्वालवंशी, अधीक्षक भूअभिलेख (नजूल) श्रीमती निधि मार्को एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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जाने क्यों आईएएस अधिकारी स्मिता ” जनता की अधिकरी” के नाम से जानी जाती है

सिविल सेवा परीक्षा में पुरुषों की तरह महिलाएं भी पीछे नहीं है। बहुत बार तो महिला अधिकारी अपने दबंग अंदाज और हटकर काम करने के अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। ऐसे ही बहुत सी महिला सिविल सेवक हैं जिन पर हर देशवासी को गर्व है।

ये वंडर वुमेन न सिर्फ अपने काम को लेकर बल्कि अफसर बनने के अपने संघर्ष को लेकर भी लोगों का सम्मान पाती हैं।

तेलांगना की एक महिला अफसर हैं जो ‘जनता की अधिकारी’ कही जाती हैं। उनके काम करने का अंदाज थोड़ा हटके है।

देश की सबसे युवा आईएएस अधिकारी का खिताब भी उनको हासिल है। IAS-IPS सक्सेज स्टोरी में आज हम आपको महज 22 साल की उम्र में अफसर बनीं स्मिता सभरवाल के संघर्ष और चुनौतियों के बारे में बताएंगे।

19 जून 1977 को जन्मी स्मिता पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की रहने वाली हैं। उनके पिता रिटायर सेना अधिकारी कर्नल प्रणब दास हैं। उनकी मां का नाम पुरबी दास है। पिता के आर्मी में रहने की वजह से स्मिता अलग-अलग शहरों में पली-बढ़ी हैं। पिता के रिटायरमेंट के बाद सभी हैदराबाद में सेटल हो गए। वहीं, स्मिता की स्कूलिंग हुई। 12 वीं में स्मिता ISC टॉपर रहीं। इसके बाद कॉमर्स स्ट्रीम से उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है।

स्मिता के माता-पिता ने आईसीएसई स्टैंडर्ड को टॉप करने के बाद अपनी बेटी को सिविल सर्विस में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। स्मिता ने जब सिविल सेवा की पढ़ाई शुरू की तो पहली बार में उन्हें असफलता हाथ लगी और वो प्रीलिम्स भी नहीं क्लियर कर पाई थीं। पर उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से कड़ी मेहनत के साथ कोशिश की।

और वो दिन भी आया जब वो यूपीएससी का पेपर पास करने वाली सबसे कम उम्र की स्टूडेंट बनीं। साल 2000 में अपने दूसरे प्रयास में, उन्होंने न केवल परीक्षा पास की बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया 4th रैंक हासिल की। यूपीएसससी में टॉप करके मां-बाप का नाम रोशन किया।

स्मिता ने पहले तेलंगाना कैडर के आईएएस की ट्रेनिंग ली और नियुक्ति के बाद वह चितूर में सब-कलेक्टर रहीं। वो कडप्पा रूरल डेवलपमेंट एजेंसी की प्रोजेक्ट डायरेक्टर,वारंगल की नगर निगम कमिश्नर और कुरनूल की संयुक्त कलेक्टर रही हैं।

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अपनी इच्छा से कोई भी महिला बन सकती है सरोगेट मदर-केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्यसभा की चयन समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद सरोगेसी (विनियमन) विधेयक को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्यसभा सिलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को शामिल करने वाली सरोगेसी विनियमन विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

एक संसदीय पैनल ने सिफारिश की थी कि न केवल करीबी रिश्तेदार, बल्कि अपनी इच्छा से सरोगेसी करने वाली किसी भी महिला को सरोगेट के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए। राज्यसभा की 23 सदस्यीय चयन समिति द्वारा सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 में सुझाए गए 15 बड़े बदलावों में ‘बांझपन’ की परिभाषा को शामिल करना भी शामिल है।

जावड़ेकर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 96 के तहत जम्मू और कश्मीर के संघ राज्य क्षेत्र में केंद्रीय अधिनियमों के अनुकूलन के लिए एक आदेश जारी करने की मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने लैक्कडिव, मिनिकोय और अमिंडीवि द्वीप समूह भूमि राजस्व और किरायेदारी विनियमन, 1965 के संशोधन को मंजूरी दी है। यह लक्षद्वीप के केंद्रशासित प्रदेश (यूटी) में अनुसूचित जनजाति की आबादी को निवास अधिकार प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने भारत और म्यांमार के बीच लकड़ियों की तस्करी, बाघों के सरंक्षण और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ पेट्रोलियम उत्पादों और संचार में सहयोग के लिए तीन समझौते ज्ञापनों पर मंजूदी दी है।

दिल्ली हिंसा पर पीएम, गृह मंत्री और एनएसए की नजर
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली हिंसा को लेकर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल घटना पर नजर बनाए हुए है। गौरतलब हो कि दिल्ली हिंसा में अब तक 21 लोगों की मौत हो गई है और 189 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

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राष्ट्रपति ट्रंप के स्वागत में दिल्ली में हलचल की कोशिश

ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक हाईप्रोफाल राष्ट्रीय मेहमान भारत आया हो और भारत की राजधानी दिल्ली में दंगे हो रहे हों. ये और बात है कि इस हिंसा की प्रशासनिक ज़िम्मेदारी अब के मीडिया समाज में किसी की नहीं होती है, फिर भी ये बात दुखद तो है ही कि हम किस तरह की राजधानी दुनिया के सामने पेश करना चाहते हैं.

इस राजधानी के चुनाव में गोली मारने के नारे लगाए गए, उसके बाद सरेआम पिस्टल लहराने और गोली चलाने और चलाने की कोशिश की यह तीसरी घटना हो गई है.

क्या वाकई किसी ने इस बात की फिक्र नहीं की कि केंद्र सरकार का तंत्र राष्ट्रपति ट्रंप के स्वागत की तैयारियों में लगा है तो दिल्ली शांत रहे. दंगे की नौबत न आए.

या फिर दिल्ली के पूर्वी हिस्से में हिंसा इसलिए हुई या होने दिया गया ताकि जब तमाम चैनलों के स्क्रीन ट्रंप के आगमन की तस्वीरों से भरे हुए हों, तब हिंसा का खेल खेला जाए.

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क्या है ट्रम्प की ताजमहल के प्रति दीवानगी …!

आगरा। दुनिया के सात अजूबों में शामिल एक शहंशाह की मोहब्बत की निशानी और सफेद संगमरमर से बनी दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत ताजमहल का एक बार हर कोई दीदार करना चाहता है। यही वजह है कि जब भी कोई खास भारत आता है, तो वो ताज का दीदार करे बगैर नहीं जाता है। तो भला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ताज महल देखे बिना कैसे वापस जा सकते हैं। ट्रंप भी अपने परिवार संग आज ताजमहल को देखने आगरा पहुंचेंगे। हालांकि, ट्रंप कोई पहले अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं हैं, जो ताजमहल को निहारने आगरा पहुंचेंगे। उनके पहले भी अमेरिका के दो राष्ट्रपति ताज का दीदार कर चुके हैंआगरा। दुनिया के सात अजूबों में शामिल एक शहंशाह की मोहब्बत की निशानी और सफेद संगमरमर से बनी दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत ताजमहल का एक बार हर कोई दीदार करना चाहता है। यही वजह है कि जब भी कोई खास भारत आता है, तो वो ताज का दीदार करे बगैर नहीं जाता है। तो भला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ताज महल देखे बिना कैसे वापस जा सकते हैं। ट्रंप भी अपने परिवार संग आज ताजमहल को देखने आगरा पहुंचेंगे। हालांकि, ट्रंप कोई पहले अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं हैं, जो ताजमहल को निहारने आगरा पहुंचेंगे। उनके पहले भी अमेरिका के दो राष्ट्रपति ताज का दीदार कर चुके हैं।

गौरतलब है कि ट्रंप अपनी भारत यात्रा के दौरान सोमवार शाम को आगरा पहुंचेंगे। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी मेलानिया, बेटी और दामाद जैरेड कशनर मौजूद होंगे। आगरा उनके वेलकम के लिए तैयार है। जहां खुद सूबे के मुख्यमंत्री और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उनकी अगवानी करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, ट्रंप सोमवार शाम साढ़े चार बजे एयरफोर्स वन विमान से खेरिया एयरपोर्ट पहुंचेंगे। जहां राज्यपाल आनंदी बेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वो सड़क मार्ग से होटल अमर विलास और फिर गोल्फ कार्ट से ताजमहल पहुंचेंगे। उनके स्वागत के लिए करीब 300 कलाकार प्रदेश की संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे। इसमें रामलीला, रासलीला से लेकर नौटंकी तक शामिल होगी।

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मंत्रिमंडल की अहम बैठक आज, 12 से ज्यादा अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

भोपाल। कमलनाथ कैबिनेट की आज अहम बैठक होने वाली है। बैठक में 12 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। आईफा अवॉर्ड से पहले मध्य प्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2020 को कैबिनेट मंजूरी देगी। फिल्म की कहानी एमपी बेस्ड होगी तो पांच करोड़ तक का अनुदान भी दिया जा सकता है। कैबिनेट में निवेश को बढ़ाने के लिए टाइम बाउंड क्लीयरेंस एक्ट को भी मंजूरी मिलेगी।
आबकारी नीति भी कैबिनेट की बैठक में पास होनी है। दरअसल मध्यप्रदेश में चार साल बाद अप्रैल 2020 से शराब दुकानों की नीलामी शुरू होगी। सरकार 6 से आठ दुकानों का समूह बनाकर दुकानें नीलाम करेगी और पांच किमी के दायरे में ठेकेदारों को उप दुकान खोलने की इजाजत भी देगी।
ठेकेदार आहता खोलना चाहते हैं तो अलग से शुल्क लिया जाएगा। ऐसा होता है तो मध्यप्रदेश में शराब की 320 उप दुकानें खुल सकेंगी। इस नीति से राज्य को करीब साढ़े 13 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। प्रदेश की इस नई शराब नीति का प्रस्ताव बुधवार को कैबिनेट में लाया जा रहा है।
इसके अलावा बैठक में होशंगाबाद के बाबई को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने, समय सीमा में आवेदनों के निराकरण के विधेयक सहित 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। वहीं सरकार औद्योगिक इकाईयों को जमीन आवंटन, पानी, बिजली, फैक्ट्री लाइसेंस सहित तीन दर्जन से ज्यादा अनुमतियां तय समय पर देने को लेकर ‘मप्र समयबद्ध स्वीकृति अधिनियम 2020″ ला रही है।
कानून का मसौदा बुधवार को कैबिनेट में रखा जाएगा। फिल्म पर्यटन नीति का एजेंडा भी कैबिनेट की बैठक में आने वाला है। इस नीति के तहत जो भी फिल्म मेकर मध्यप्रदेश पर बेस्ड फिल्म बनाएगा उसे सरकार 5 करोड रुपए तक का अनुदान देगी।

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इंडिया कॉप्लेक्स कन्ट्री है, यहाँ अनेकता में एकता है -मुख्यमंत्री कमलनाथ

आज भोपाल में IPS अफ़सर मीट का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने किया।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि इंडिया कॉप्लेक्स कन्ट्री है, अनेकता में एकता है यहां।

पुलिस प्रदेश का फेस है। आपको यह बात नहीं भूलना चाहिए। हमे सोचना यह है कि आज के इस बदलवा के दौर में शस्त्र के बजाय पुलिस को कैसी टेक्नोलॉजी को अडॉप्ट करना है।

सीएम बोले मैं स्वीकार करता हूँ कि पुलिस के लिए बहुत सारी चीजें हैं जो नहीं हुई है पर हम करेंगे। आपने कमिश्नर सिस्टम की बात की आप याद रखिये अगर अभी पुलिस कमिश्नर सिस्टम स्वीकार नहीं हुआ है तो रिजेक्ट भी नहीं हुआ।

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धुंधले पड़ रहे टिकटॉक स्टार

22 साल के अजय बरमन भारत में धुंधले पड़ रहे टिकटॉक स्टार हैं. वो धुंधले इसलिए नहीं पड़ रहे हैं कि उनका दौर ख़त्म हो रहा है, बल्कि उनका आरोप है कि हिंदू-मुस्लिम भाईचारे वाले वीडियो डालने के कारण उन्हें ‘शैडो बैन’ किया जा रहा है.

शैडो बैन करने का मतलब है कि कॉन्टेंट को इस तरह से चुपके से ब्लॉक कर दिया जाए कि वो प्लेटफ़ॉर्म के सभी यूज़र्स तक नहीं पहुंच सकें. कॉन्टेंट बनाने वाले को अचानक नहीं लगेगा कि उसके कॉन्टेंट को ढंग से प्रमोट नहीं किया जा रहा.

टिकटॉक राजनीतिक विषयों से शुरू से ही बचता रहा है. मगर बरमन ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर 15 सेकंड का छोटे सा नाटक बनाकर 10 लाख से कुछ ही कम फॉलोअर्स बना लिए हैं. वह भी उस दौर में जब बहुत से लोगों को चिंता है कि भारत में दोनों समुदायों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं.

बरमन का एक वीडियो बहुत सफल हुआ और उसे 25 लाख से अधिक व्यूज़ मिले. एक वीडियो में बरमन मुस्लिम शख़्स के वेश में हैं. उन्होंने सफ़ेद रंग की टोपी पहनी है और एक हिंदू उन्हें ले जा रहा है. बैकग्राउंड में सद्भाव भरा संगीत बज रहा है.

एक और लोकप्रिय स्किट में वो पाकिस्तान के एक मुस्लिम लेखक बने हैं जो भारत में एक किताब पर शोध करने आए हैं और दो हिंदू अजनबी उन्हें अपने यहां ठहराते हैं.

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धूम्रपान छोड़ दो , फेफड़े ठीक हो जायेंगे ..

वैज्ञानिकों का कहना है कि आपके फेफड़ों में लगभग ‘जादुई’ क्षमता है जो धूम्रपान से हुए कुछ नुक़सान को ख़ुद-ब-ख़ुद ठीक कर देते हैं.

फेफड़ों के कैंसर को जन्म देने वाले म्यूटेशंस को स्थाई माना जाता है और धूम्रपान छोड़ने के बाद भी समझा जाता है कि यह वहीं रहता है.

लेकिन नेचर में छपे शोध के अनुसार, कुछ सेल्स फेफड़ों को हुए नुक़सान को ठीक कर देते हैं.

इन प्रभावों को उन मरीज़ों में भी देखा गया है जो धूम्रपान छोड़ने से पहले 40 सालों तक रोज़ाना एक पैकेट सिगरेट पिया करते थे.

धूम्रपान करते समय तंबाकू में ऐसे हज़ारों रासायन होते हैं जो फेफड़ों के सेल के डीएनए को तबदील करते हैं और उसे धीरे-धीरे स्वस्थ से कैंसर बनाते हैं.

इस शोध में यह भी पता चला है कि कैंसर होने पर भी धूम्रपान करने वाले के फेफड़ों में यह बड़े स्तर पर होता है.

धूम्रपान करने वाले शख़्स के फेफड़ों से एयरवेज़ से ऐसे सेल्स लिए गए जो तंबाकू से परिवर्तित हुए थे, इनमें 10,000 आनुवंशिक तब्दीलियां थीं.

यूसीएल की शोधकर्ता डॉक्टर केट गोवर्स कहती हैं, “इनको एक छोटा बम समझा जा सकता है जो अगले क़दम का इंतज़ार कर रही हैं जो कैंसर में बदल सकते हैं.”

लेकिन सेल्स का एक छोटा हिस्सा तब्दील नहीं होता है.

धूम्रपान से होने वाला आनुवंशिक बदलाव क्यों होता है यह अभी साफ़ नहीं लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि ‘वो परमाणु बंकर’ जैसे लगते हैं.

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