Category Archives: Educational News

अपनी इच्छा से कोई भी महिला बन सकती है सरोगेट मदर-केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्यसभा की चयन समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद सरोगेसी (विनियमन) विधेयक को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्यसभा सिलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को शामिल करने वाली सरोगेसी विनियमन विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

एक संसदीय पैनल ने सिफारिश की थी कि न केवल करीबी रिश्तेदार, बल्कि अपनी इच्छा से सरोगेसी करने वाली किसी भी महिला को सरोगेट के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए। राज्यसभा की 23 सदस्यीय चयन समिति द्वारा सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 में सुझाए गए 15 बड़े बदलावों में ‘बांझपन’ की परिभाषा को शामिल करना भी शामिल है।

जावड़ेकर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 96 के तहत जम्मू और कश्मीर के संघ राज्य क्षेत्र में केंद्रीय अधिनियमों के अनुकूलन के लिए एक आदेश जारी करने की मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने लैक्कडिव, मिनिकोय और अमिंडीवि द्वीप समूह भूमि राजस्व और किरायेदारी विनियमन, 1965 के संशोधन को मंजूरी दी है। यह लक्षद्वीप के केंद्रशासित प्रदेश (यूटी) में अनुसूचित जनजाति की आबादी को निवास अधिकार प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने भारत और म्यांमार के बीच लकड़ियों की तस्करी, बाघों के सरंक्षण और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ पेट्रोलियम उत्पादों और संचार में सहयोग के लिए तीन समझौते ज्ञापनों पर मंजूदी दी है।

दिल्ली हिंसा पर पीएम, गृह मंत्री और एनएसए की नजर
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली हिंसा को लेकर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल घटना पर नजर बनाए हुए है। गौरतलब हो कि दिल्ली हिंसा में अब तक 21 लोगों की मौत हो गई है और 189 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

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Why Language Insufficiency is not a small problem

“Clear thinking leads to clear communication. More important than the name of language we use, is the quality of language”, said Mrs. Sandeepa Jayaswal, head of the Department of Humanities. She was speaking to students in workshop on Soft skills at IPS Academy where eminent speakers conducted a two days workshop on Communicative English.

“Four pillars for good career are – professional qualification, good language, job-relevant skills, and experience”, said Mrs. Archana Choudhary, Principal IES. “Language, in strict sense cannot be taught; it can only be learned. Unfortunately youngsters give either too much importance to name of language and too little importance to the quality of language. Then when it comes by 2020.

Dr Deepa Vanjani and Dr. Dr Evelyn R Gaikwad stressed upon language acquiring system of today. It is perhaps the motivating factor that combines ‘organic’ process with trained mentorship and technological support, identifying levels of language learning with stress on enhancement of quality of language. The techniques for Communicative English are developed in such a way that learning happens as naturally and continuously as breathing, stated Anand Ingle and Neha Singh during the commencement of the workshop.

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तकनीक केवल साधन बनाने तक सीमित नहीं

जाने-माने अमरीकी अनुसंधानकर्ता रेमंड कुर्ज़विल ने इस सदी की शुरुआत में कहा था कि तकनीक केवल साधन बनाने तक सीमित नहीं है, ये एक प्रक्रिया है जो पहले से अधिक ताकतवर तकनीक को जन्म देती है.

उनका कहना था कि तकनीक के विकास की गति, एक दशक में कम से कम दोगुनी होगी. आज तकनीक जिस मुकाम पर पहुंच चुकी है, उससे साबित होता है कि उनका कहना ग़लत नहीं था.

लेकिन तेज़ी से होते तकनीक के विकास के साथ इसके बेक़ाबू हो जाने का डर भी उतनी ही तेज़ी से फैला है. वैज्ञानिकों और जानकारों में तकनीक से प्रेरित अनजान भविष्य का डर और उस पर चर्चा कोई नई बात नहीं है.

गूगल और एल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने बीते सप्ताह कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है.

बीते सप्ताह उनका एक लेख फाइनेन्शियल टाइम्स में छपा, जिसमें उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर नियमों का बनाया जाना ज़रूरी है. हम नई तकनीक पर लगातर काम करते रह सकते हैं. लेकिन बाज़ार व्यवस्थाओं को उसके किसी भी तरह के इस्तेमाल की खुली छूट नहीं होनी चाहिए.”

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मैं भारतीयों से नफरत करता हूं.”-विंस्टन चर्चिल

मैं भारतीयों से नफरत करता हूं.”

ये विचार एक ऐसे प्रधानमंत्री के हैं, जिसने एक ऐसे देश का प्रतिनिधित्व किया है, जिसने लगभग पूरी दुनिया को अपना गुलाम बनाया है. भारत जैसे कई देशों पर ब्रिटेन ने हुकूमत की है, तानाशाही की है. यहां के संसाधनों को बुरी तरह से लूटा है.

जी हां! हम बात कर रहे हैं विंस्टन चर्चिल की.

उपयुक्त कथन ये भी दिखाता है कि एक प्रधानमंत्री के तौर पर विंस्टन चर्चिल को भारतीयों से ज्यादा लगाव था या यहां की अकूट संपदा से.

चर्चिल उस दौर में ब्रिटेेन का नेतृत्व कर रहे थे, जब दुनिया द्वितीय विश्व युद्ध की गर्त में थी.

चर्चिल ने उपनिवेश शासनों को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रहने की पूरी कोशिश की. प्रधानमंत्री रहते हुए उन हदों को पार किया, जो इंसानों और जानवरों में फर्क करती हैं.

चर्चिल को 20वीं सदी के उन तानाशाहों की श्रेणी में रखा जाता है, जिन्होंने साम्राज्यवाद के लिए मासूमों के खून की नदियां बहा दीं.  30 नवंबर, 1874 को इंग्लैंड में पैदा हुए विंसटन चर्चिल इंग्लैंड का एक प्रेरणादायक राजनेता, लेखक, वक्ता और नेता माना जाता है. चर्चिल का पूरा नाम सर विंस्टन लियोनार्ड स्पेंसर चर्चिल था.

इंग्लैंड के बड़े नेता होने के साथ ही ये सेना में अधिकारी भी रहे, साथ ही इतिहासकार, लेखक और कलाकार भी थे.

गुलाम भारत पर अपने तुगलकी फरमान थोपने से पहले चर्चिल एक सैन्य अधिकारी के तौर पर ब्रिटिश उपनिवेश भारत और सूडान में अपना जौहर दिखा चुके थे.

सेना में अपने छोटे लेकिन बड़े कारनामे वाले करियर के बाद ये सन 1900 में संसद के एक कंजरवेटिव सदस्य बन गए. राजनीति के शुरूआती दौर में इन्होंने पहले तीन दशक तक लिबरल और कंजरवेटिव सरकारों में कई उच्च पदों पर कार्य किया.

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इन्हें लॉर्ड ऑफ एडमिरल्टी बना दिया गया. इसके बाद ये मई 1940 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री बने. इस समय तक दूसरा विश्व युद्ध छिड़ चुका था. इसमें इनकी कूटनीति के दम पर ब्रिटेन ने नाजी जर्मनी पर जीत दर्ज की.

चर्चिल कंजर्वेटिव पार्टी की ओर से दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे. पहली बार वह 1940 से 1945 तक, और उसके बाद 1951 से 1955 तक. 26 जुलाई, 1945 को हुए आम चुनावों में ब्रिटेन की जनता ने विंस्टन चर्चिल को सत्ता से बेदखल कर लेबर पार्टी के नेता क्लेमेंट एटली को अपना प्रधानमंत्री चुना.

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18 मशीनें आविष्कार करने वाला भारतीय डॉक्टर….जगदीश चतुर्वेदी

जगदीश चतुर्वेदी कोई आम डॉक्टर नहीं हैं. वे हेल्थ केयर का बिज़नेस भी करते हैं.

बेंगलुरु में रहने वाले डॉक्टर चतुर्वेदी ने साल 2010 से 18 मेडिकल उपकरणों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है.

उनकी भूमिका को-इन्वेंटर यानी सह-आविष्कारकर्ता की है. ये मशीनें भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने में मदद करने के इरादे से तैयार की गई हैं.

जगदीश नई पीढ़ी के पेशेवर लोगों की उस जमात से आते हैं, जो कामकाज में आने वाली परेशानियों को न केवल हल करने बल्कि उससे पैसा बनाने का हुनर भी जानते हैं.

साल 2008 में जब उनकी पढ़ाई पूरी होने को थी और डॉक्टरी की उनकी ट्रेनिंग जारी थी, तब जगदीश को पहली बार ऐसा ही एक आइडिया आया था.आज वे एक ईएनटी स्पेशलिस्ट (आंख, नाक और गले का डॉक्टर) हैं. गांवों में मौजूद बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच ही जगदीश ने अपना पहला हुनर सीखा

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भारत सरकार नए वर्ष २०२० से कुछ बदलाव करने जा रही है जाने …

डिजिटल ऐज में सरकार ने देश की जनता के जीवन को और सुगम बनाने की पहल करते हुए कुछ बदलाव किये है जिन्हें १ जनवरी २०२० से लागू किये जायेंगे …

पैनआधारलिंकिंग

याद है ना आपको कि पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2019 है. हाल ही में आयकर विभाग ने 31 दिसंबर तक पैन को आधार से लिंक करा लेने के लिए एक रिमाइंडर भी जारी किया था. अगर 31 दिसंबर तक आधार से पैन की लिंकिंग नहीं हुई तो PAN काम नहीं करेगा.

बैकोंसे NEFT करनेपरचार्जनहीं

1 जनवरी 2020 से ग्राहकों को बैंकों से एनईएफटी के जरिए किए जाने वाले लेनदेन के लिए कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा. नोटबंदी की तीसरी वर्षगांठ पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया था. वहीं 16 दिसंबर से 24 घंटे नेफ्ट ट्रांजेक्शन की सुविधा भी शुरू कर दी गई है.

रूपेकार्डऔर UPI सेलेनदेनपर MDR चार्जनहीं

1 जनवरी 2020 से 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों को अपने ग्राहकों को बिना किसी MDR शुल्क के डेबिट कार्ड और UPI QR कोड के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध करानी होगी. यानी रूपे कार्ड और UPI ट्रांजेक्शंस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क का वहन सरकार करेगी.

EPFO मेंबर्सकेलिए 1 जनवरीसेपेंशन ‘कम्युटेशन‘ सुविधा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन कोष से एकमुश्त आंशिक निकासी यानी ‘कम्युटेशन’ की सुविधा 1 जनवरी से ले सकेंगे. इस सुविधा के तहत पेंशनधारक को एडवांस में पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त दे दिया जाता है. उसके बाद अगले 15 साल के लिए उसकी मासिक पेंशन में एक तिहाई की कटौती की जाती है. 15 साल बाद पेंशनभोगी पूरी पेंशन लेने के लिए पात्र होते हैं.

SBI ATM सेनएतरीकेसेकैशनिकासी

SBI ने वन टाइम पासवर्ड (OTP) बेस्ड ATM विदड्रॉल सुविधा लॉन्च की है, जो 1 जनवरी 2020 से लागू होगी. यह सुविधा नए साल से SBI ATM में रात 8 बजे से

सुबह 8 बजे के बीच 10000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन के लिए मिलेगी.

येडेबिटकार्डनहींकरेंगेकाम

अगर आपका भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में अकाउंट है और बैंक के एटीएम-डेबिट कार्ड (ATM or debit Card) कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो जान लें कि अब पुराने मैग्नेटिक एटीएम-डेबिट कार्ड को बदलवा लें। ग्राहकों को यह काम 31 दिसंबर 2019 तक करना है .क्योंकि वह नए साल से अपने पुराने एटीएम-डेबिट कार्ड से पैसे नहीं निकाल पाएंगे.

गाड़ियांहो जाएंगीमहंगी

टाटा मोटर्स, टोयोटा मोटर्स, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर इंडिया, मर्सिडीज-बेंज, किया मोटर्स और निसान मोटर इंडिया जनवरी से अपने वाहनों के दाम बढ़ाने जा रही हैं. कंपनियों का कहना है कि यह कदम उच्च इनपुट लागत के प्रभाव के चलते उठाया जा रहा है. टू-व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) भी जनवरी से अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि की घोषणा कर चुकी है. कंपनी की सभी मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के दाम 2000 रुपये तक बढ़ जाएंगे.

सर्विस टैक्स विवाद निपटाने का मौक़ा

सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी से जुड़े पुराने लंबित विवादित मामलों के समाधान के लिए पेश की गई ‘सबका विश्वास योजना’ 31 दिसंबर 2019 को समाप्त होने जा रही है. अब इसे आगे विस्तार दिए जाने की संभावना नहीं है. योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को पुराने विवादित मामले में स्वयं कर बकाए की घोषणा करते हुए उसका भुगतान करने का प्रावधान रखा गया है.

आधारसे GST रजिस्ट्रेशन

जीएसटी रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए आधार के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन का फैसला लिया गया है. नया जीएसटी रिटर्न फाइलिंग सिस्टम 1 जनवरी 2020 से लागू होगा.

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भारतीय युवाओ की समस्या और समाधान ..!!

आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है.

2011 की जनगणना के अनुसार देश की 54% आबादी युवा है। किसी भी देश को खड़ा करने में उस देश के युवाओं का अहम योगदान होता है। हालाँकि भारतीय युवा किसी से कम नहीं है लेकिन फिर भी कुछ कारण जरुर है जिस वजह से युवा जनसंख्या का ठीक से इस्तेमाल नहीं किया गया है। जिसके कई आर्थिक, सामाजिक कारण हो सकते है जो युवाओं में अवसाद और कुंठा की भावना को पैदा करते है।

यहाँ पर हम कुछ कारणों पर प्रकाश डालने की कोशिश कर रहे है। आप देखिये भारतीय युवा के टेंशन – कैसे ये 10 टेंशन भारतीय युवाओं के भविष्य के लिए खतरा है-

भारतीय युवा के टेंशन –

1. कैरियर की टेंशन-

आज के भारतीय युवा की सबसे आम समस्या है कैरियर। उनको ऐसे विकल्पों की तलाश रहती है जो उनके और परिवार के सपनो को पूरा कर सके। लेकिन इस आर्थिक युग में हर बड़े कैरियर का रास्ता खूब सारे धन के ढेर से होकर गुजरता है। इसलिए हर भारतीय युवा बेहतर कैरियर के सपने देखता ही रह जाता है क्योंकि आर्थिक समस्या हर युवा के साथ है।

2. देश की चिंता-

हमेशा बेपरवाह कहे जाने युवाओं को सबसे बड़ी टेंशन है देश का भविष्य। आज देश किन हालातों से गुजर रहा है वो हम देख ही रहे है। ऐसे में देश की टेंशन होना लाज़िमी है।

3. पुरानी पीढ़ी और नई पीढ़ी-

समय के साथ लोगो की सोचने समझने की क्षमता में जबरदस्त बदलाव आया है, और जिसका असर हमारे रिश्तों में देखने को मिल रहा है। आज युवा सोच परम्परावादी और पुरानी सोच से सामंजस्य नहीं बिठा पा रहे है।

4. बेवजह का हस्तक्षेप-

आज के युवाओं को आज़ादी पसंद है वे अपनी जिंदगी को अपने ढंग से जीना चाहते है। लेकिन परिवार के सदस्य उनकी जिंदगी में दखल देते है जो उनको बिलकुल पसंद नहीं आता है।

5. दिल की सुने या परिवार की-

भारत के युवाओं में कैरियर को लेकर आज भी विरोधाभास है। क्योंकि उनका परिवार चाहता है कि वे उनके अनुसार कैरियर की राह चुने। लेकिन उनका दिल कुछ और ही कहता है ऐसे में वे ना इधर के रहते है ना उधर के।

6. गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड-

आजकल के युवा में गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड बनाना एक चलन सा बन गया है। ऐसे में कई बार जब रिश्ते टूटते है तो फिर उन्हें जिंदगी भर का दर्द दे जाते है। जिसका असर उनके कैरियर और पढ़ाई पर भी पड़ता है।

7. हेल्थ प्रॉब्लम-

खानपान और कैरियर के दबाव के चलते बेहतर स्वास्थ्य के लिए युवाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिसकी वजह से युवा कम उम्र में ही किसी बीमारी का शिकार हो जाते है।

8. व्यक्तिगत रिश्ते-

आजकल रिश्तों में वो पहले जैसा भरोसा नहीं रहा है जो हमारे पिता या दादा के समय पर हुआ करता था। आज जहाँ नैतिक मूल्य के नाम पर सिर्फ स्टेटस सिंबल बनकर रह गया है वहां पर रिश्तों को जिन्दा रखना मुश्किल हो गया है।

9. सोशल स्टेटस-

बाजारवाद के इस दौर में अपने आप को दूसरों से बेहतर दिखाना आज सोशल स्टेटस बन चूका है। आज लोगो को आकर्षक जीवन शैली अपनी तरफ खिंच रही है। ये आभाषी दुनिया है इसलिए इसके भी कई टेंशन है जो युवाओ को झेलने पड़ते है।

10. रोल मॉडल-

आजकल के युवाओं के आदर्श स्वामी विवेकानंद नहीं बल्कि विराट कोहली और सलमान खान जैसे सितारे होते है। वो उनकी आकर्षक जीवन शैली के दीवाने हो जाते है। जिसकी वजह से वो उनके जैसा दिखने के चक्कर में कई समस्याओं का सामना करते है।

ये है भारतीय युवा के टेंशन – ये 10 टेंशन लगभग हर भारतीय युवा को है, अगर इनको हटा दें तो आज भी भारतीय युवा दुनिया में किसी से कम नही है।

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जाने अफ्रीका के रोचक रीति-रिवाज़…!

बुल-जंपिंग

मास्सई व् इथोपिया के आदिवासियों में ये खेल मुख्यतः खेला जाता है l इसमें यंग अपने पुरुषत्व को साबित करने के लिए नंगे होकर दौड़ते है ,और जम्प करके बैल के ऊपर बैठते है ,इस तरह एक बैल से दुसरे बैलो पर कूदते हुए अपने पुरुषत्व को दर्शाते है l

दुल्हन का किडनैप

लातुका आदिवासी में शादी की अनोखी प्रथा है, इस समुदाय के लोगो में जब किसी को शादी करना होती है, तो तो वो अपने मन-पसंद की लड़की को काबिले से भगा ले जाता है, तत्पश्चात लड़के के घर का सबसे बड़ा मुखिया लड़की के घर जाकर सम्बन्ध को विधिवत बनने की मांग करता है l लड़की पक्ष की मंजूरी मिलने के पश्चात लड़के के घर का मुखिया लड़के की खूब पिटाई करता है , जो उसके शादी पक्की होने की निशानी मानी जाती है l

थूककर बुरी आत्मा को दूर करते है

साउथ अफ्रीका की बड़ी प्रचलित परंपरा है गिसमे हर शुभ कार्य को थूक कर किया जाता है l यहाँ पर रहने वाली प्रजातियों का मानना है की ऐसा करने से बुरी आत्मा नहीं आती है l

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‘द लास्ट आइस एरिया’ पिघलने से दुनियाभर के वैज्ञानिक चिंतित

धरती एक बड़ी संकट में है. आर्कटिक में मौजूद सबसे पुराना और सबसे स्थिर आइसबर्ग बेहद तेजी से पिघल रहा है. इसी के चलते 130 देशों के करीब 11 हजार वैज्ञानिकों ने चेतावनी भी दी है.

दुनियाभर के वैज्ञानिक आर्कटिक के जिस इससे की बात कर रहे हैं उसे ‘द लास्ट आइस एरिया’ कहा जाता है. दुनिया का यह सबसे पुराना और स्थिर बर्फ वाला इलाका है. लेकिन यह अब बेहद तेजी से पिघल रहा है.

बर्फ के इस इलाके में साल 2016 में 4,143,980 वर्ग किमी थी, जो अब घटकर करीब 9.99 लाख वर्ग किमी ही बची है. अगर यह इसी रफ़्तार के साथ पिघलता रहा तो साल 2030 तक यहां से बर्फ पिघल कर खत्म हो जाएगी.

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के वैज्ञानिक केंट मूर ने बताया कि “1970 के बाद से अब तक आर्कटिक में करीब 5 फीट बर्फ पिघल चुकी है. यानी हर 10 साल में करीब 1.30 फीट बर्फ पिघल रही है. ऐसे में समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है.”

वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर यह बर्फ पूरी पिघल जाती है तो ग्रीनलैंड और कनाडा के कई इलाकों में मौसम बदल जाएगा. वहां गर्मी बेहद बढ़ जाएगी. सिर्फ ग्रीनलैंड और कनाडा ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर इसका असर देखने को मिलेगा.

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अम्भस (पानी) के रक्षक बनना आज के युवाओ की अच्छी पहल -अचल चौधरी

अम्भस “जुबली वर्ष में आईपीएस अकादमी के छात्रो ने लिया पानी को सहेजने का संकल्प

आईपीएस अकादमी के प्रेसिडेंट श्री अचल चौधरी एवं  MY FM के RJ वीर ने कॉलेज के हजारो छात्रो के साथ मिलकर “अम्भस” कैंपेन की शुरुवात की l श्री अचल चौधरी ने बताया की आज की बढती जनसँख्या में पानी सबसे बड़ा संकट होने जा रहा है , इसलिए युवाओ में हमें आज से ही  पानी के प्रति जागरूकता लानी पड़ेगी, और इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने कॉलेज में अम्भस का अभियान चलाया है lश्री चौधरी ने कहा की “अम्भस” एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ पानी है l

कार्यक्रम में आरजे वीर ने स्टूडेंट्स से डांस करवाया साथ ही स्कूल ऑफ़ परफोर्मिंग आर्ट के बैंड ने बेहतरीन परफॉरमेंस दिया , साथ ही ह्यूमैनिटी डिपार्टमेंट की प्रो.अलका सक्सेना ने अपनी आवाज़ से सभी को झूमा दिया l ICSR की नेहा शर्मा ने कहा आईपीएस अकादमी  सिल्वर जुबली वर्ष के अंतर्गत मुस्कान , ज्ञान विस्तार एवं अम्भस जैसे कार्यक्रम को आयोजित कर रहे है,ताकि स्टूडेंट्स में सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढे l नेहा शर्मा ने बताया की हमारी ICSR की सभी एक्टिविटीज में टीम प्रो.डॉ. बबिता कोहली, डॉ. कैलाश पटेल ,दलजीत सिंह वालिया , ने सराहनीय योगदान दिया l

आईपीएस अकादमी के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर सिल्वर जुबली सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत कॉलेज में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है, इसी कड़ी में कॉलेज के ICSR विभाग ने अम्भस का शुभारम्भ गुब्बारे आकाश में उड़ा कर किया l

कार्यक्रम में मैनेजमेंट के श्री राजेश चौधरी , रजिस्ट्रार श्री रवि सक्सेना , ibmr के डायरेक्टर डॉ. विवेक कुशवाह , श्रीमती वीणा छिब्बर ,प्रो. सत्यकाम दुबे सहित हजारो छात्र मौजूद रहे l

 

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