Category Archives: Entertainment Adda

चर्चाओं में गुना कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का यह फरमान

मध्यप्रदेश के गुना जिले के कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का एक फरमान चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें कहा गया है कि सड़कों की गुणवत्ता पर 50 फीसद जनता की मुहर के बाद ही अब ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा। कलेक्टर के इस फरमान के बाद ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, सीसी रोड निर्माण की लगातार मिल रही शिकायतों और हाल ही में कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता घटिया मिलने के बाद ही गुना कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम ने यह निर्देश दिए है । जिसके तहत अब नगर पालिका क्षेत्र की सड़कों की गुणवत्ता को परखने के लिये वहां रहने वाले 50 फीसद जनता की मुहर लगना भी जरूरी होगी। इसके बाद ही सड़क निर्माण कराने वाले ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा। यह पहला मौका होगा, जब ठेकेदार के भुगतान में जनता की मुहर लगना भी जरूरी होगी।

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Reliance Jio अगले साल भारत में 5G हैंडसेट लॉन्च कर सकता है

न्यूज़ एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ शुरुआत में Jio अपने 5G हैंडसेट्स को 5,000 रुपये में बेचेगी, लेकिन बाद में इसे  2,500 रुपये से 3,000 रुपये तक किया जा सकता है.

Reliance Jio की तरफ़ से 2G मुक्त भारत की बात पहले ही कई गई है और कंपनी इसके तहत भारत के 20-30 करोड़ 2G मोबाइल फ़ोन यूज़र्स को टार्गेट करने की तैयारी में है.

PTI ने जियो ऑफिशियल के हवाले से कहा कि कंपनी चाहती है कि डिवाइस की कीमत 5,000 रुपये से कम हो. सेल बढ़ने के बाद क़ीमत को घटा कर 2,500 रुपये से 3,000 रुपये तक कर सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि अभी 5G स्मार्टफोन्स भारत में महँगे हैं. कम से कम इनके लिए 30,000 रुपये खर्च करने होते हैं. हालाँकि Jio के 5G हैंडसेट्स बेसिक फीचर-स्मार्टफोन जैसे ही होने की उम्मीद है.

ग़ौरतलब है कि भारत में Reliance Jio कब 5G लेकर आएगी अभी ये साफ़ नहीं है. कंपनी की तरफ़ से अभी कोई टाइमलाइन नहीं बताया गया है.

Reliance Jio ये साफ़ कर चुकी है कि कंपनी के पास 5G रेडी नेटवर्क तैयार है और स्पेक्ट्रम मिलते ही इसे पैन इंडिया बेसिक पर शुरू कर दिया जाएगा.

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क्यों मनाते हैं वर्ल्ड फूड डे…?

वर्ल्ड फूड डे भूख से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है. इस एक दिन स्थानीय स्तर पर हर किसी से भुखमरी के खिलाफ कदम उठाने की अपील की जाती है.  वर्ल्ड फूड डे पर गैर सरकारी संगठनों, मीडिया, आम जनता और सरकार द्वारा कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि लोगों को भूख पीड़ितों के बारे में जागरूक किया जा सके

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एप्पल ने आईफ़ोन12 सीरीज़ को लॉन्च

अमरीकी टेक कंपनी एप्पल ने आईफ़ोन12 सीरीज़ को लॉन्च कर दिया है जिसके तहत उसने चार नए मॉडल बाज़ार में उतारे हैं.

मंगलवार को एक डिजिटल इवेंट में इसकी घोषणा की गई.

एप्पल ने इस बात की पुष्टि की है कि आईफ़ोन12 के हैंडसेट 5जी नेटवर्क से लैस होंगे.

एप्पल प्रमुख टिम कुक ने कहा, “हम आईफ़ोन के अपने पूरे लाइनअप में 5जी ला रहे हैं. यह आईफ़ोन के लिए एक नए युग की शुरुआत है.”

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#Indore आठ मंदिरों की संपत्ति को मंगलवार को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया

मध्य प्रदेश के इंदौर में देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटेबल ट्रस्ट (खासगी) के आठ मंदिरों की संपत्ति को मंगलवार को प्रशासन के अलग-अलग दलों ने अपने कब्जे में ले लिया है। बिजासन मंदिर में प्रशासन की ओर से पहले से दो दानपेटी लगी हुई है, लेकिन मंदिर में पुजारियों की तरफ से एक और दानपेटी रखी गई थी, जिसे सील कर दिया गया है। मंदिर के बाहर दो अन्य दान पेटियां भी रखी गई थी। प्रशासनिक अमले ने इन्हें भी सील करना चाहा, लेकिन पुजारियों के विरोध के कारण नहीं कर पाए।

इससे पहले प्रशासनिक दल ने आड़ा बाजार के सत्यनारायण मंदिर पहुंचकर उसे अपने कब्जा लिया। यहां भगवान विष्णु और देवियों के चांदी के छह मुकुट मिले। इसके अलावा कानों के अन्य आभूषण भी पाए गए। कब्जा लेने से पहले सभी सामग्री का पंचनामा बनाया गया और मंदिरों में शासन की संपत्ति होने का बोर्ड भी लगाए गए।

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मध्यप्रदेश की देहरी पर आर्थिक संकट…!!

कोरोना संकट के बीच प्रदेश की देहरी पर आर्थिक संकट ने धमाकेदार दस्तक दे दी है। शपथ लेते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दोहरी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। इनमें किसी एक से भी उबारना आसान नहीं है। कोरोना संकट के कारण एक तरफ लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं। वायरस की चपेट में आने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। दूसरी तरफ व्यापार, कारोबार, निर्माण सब ठप है। शराब की बिक्री पर रोक लगानी पड़ी है। नतीजे में देश के साथ मप्र भी दोहरी मार का शिकार है। लोग बीमार हो रहे हैं, कालकलवित हो रहे हैं और प्रदेश की आर्थिक हालत बिगड़ती जा रही है। सरकार को हर रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इन हालातों के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कमलनाथ की तत्कालीन सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए घोषित 5 फीसदी महंगाई भत्ता देने का आदेश रद्द करना पड़ा है।

पहले सियासी ड्रामा, फिर कोरोना संकट

जब साल का वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा था। विधानसभा के बजट सत्र की अधिसूचना जारी हो चुकी थी। ऐसे में प्रदेश में सियासी ड्रामा शुरू हो गया। राजनीतिक उठापटक के बीच कमलनाथ सरकार चली गई और भाजपा की सरकार आ गई। इस बीच कोरोना आ धमका। लॉकडाउन के बीच शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना पड़ी। मंत्रिमंडल नहीं गठित हुआ। लॉकडाउन के कारण सभी सरकारी, व्यापारिक तथा राजनीतिक गतिविधियां ठप हो गर्इं। बीस दिन में सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान हो गया। 14 अप्रैल तक कितना नुकसान होगा, कोई अंदाजा लगाने की स्थिति में नहीं है। लॉकडाउन की अवधि और बढ़ने की संभावना है। साफ है, वित्तीय संकट दस्तक दे चुका है। इसके और विकराल होने की संभावना है।

वित्तीय भयावहता, हर तरफ नुकसान

लॉकडाउन के कारण नुकसान की क्या स्थिति है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च के महीने में रजिस्ट्री करने वालों की संख्या 35 से 40 फीसदी से भी कम रही। केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि अटक गई। होटल, रेस्टोरेंट की आमदनी न के बराबर है। सिनेमा हॉल-मॉल सब बंद हैं। सरकार को टैक्स नहीं मिल रहा। छूट के प्रावधान अलग करना पड़ रहे हैं। वाहनों की आवाजाही बंद होने से पेट्रोल और डीजल की खपत न के बराबर है। अर्थात हर तरफ नुकसान ही नुकसान।

दो हजार करोड़ घट सकता है टारगेट

वाणिज्य कर विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 54 हजार 888 करोड़ रुपए कर वसूली का टारगेट तय किया था। इसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है। कोरोना का असर जमीन-मकान और दुकान की रजिस्ट्री पर दिखाई दे रहा है। रजिस्ट्री से राज्य सरकार को 65 सौ करोड़ राजस्व वसूली की उम्मीद थी लेकिन कोरोना की मार की वजह से इस पर बड़ा अंतर आ गया।

शराब पी गई तीन सौ करोड़

सरकार को शराब की बिक्री से अच्छी खासी आमदनी होती है। कोरोना का असर इस आमदनी पर भी पड़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश के बाद शराब की दुकानें बंद हैं। इस वजह से आबकारी विभाग को होने वाली आय घटना तय है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 11 हजार 500 करोड़ रुपए आय का टारगेट तय किया था। अब इसमें 300 करोड़ तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। अर्थात लोग भले शराब नहीं पी रहे लेकिन शराब सरकार की आमदनी पी रही है।

माइनिंग से आय पर बड़ा फर्क

लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य बंद होने का सीधा असर माइनिंग पर पड़ा है। इससे सरकार को होने वाली आय बुरी तरीके से प्रभावित हुई है। जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार से मिलने वाला क्षतिपूर्ति का पैसा राज्य सरकार को नहीं मिला। लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाती है तो हालात और खराब होंगे। शिवराज सिंह कहते हैं, आर्थिक हालात तो ठीक हो जाएंगे लेकिन अभी लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। इस आधार पर वे लॉक डाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं।

शिवराज के सामने एक साथ कई चुनौतियां

रबी फसल की खरीदी एक अप्रैल से शुरू होती है। लॉकडाउन के कारण सरकार ने यह 15 अप्रैल से शुरू करने का फैसला किया। लॉकडाउन बढ़ा तो इसमें परेशानी आएगी। इसके लिए भी सरकार को करोड़ों रुपए की जरूरत होगी। कमलनाथ ने समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी करने की मांग भी की है। ऐसे में सरकार के सामने अपने मौजूदा वित्तीय संसाधनों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की बड़ी चुनौती है। कोरोना के कारण पैदा संकट से प्रदेश कब तक उबर पाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।

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इंदौर जिले में आगामी सभी त्यौहार एवं पर्व गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिलजुल कर मनाये जायेंगे

इंदौर जिले में आगामी सभी त्यौहार एवं पर्व मिलजुल कर गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मनाये जायेंगे। शांति सद्भाव एवं एकता की गौरवशाली परम्परा को हर हाल में कायम रखा जायेगा। आयोजनों में डीजे का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

ये निर्णय आज यहां कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में लिये गये। बैठक में डीआईजी श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र, एसपी द्वय श्री मोहम्मद युसूफ कुरैशी एवं श्री महेशचन्द्र जैन, अपर कलेक्टर श्री दिनेश जैन तथा श्री बीबीएस तोमर सहित अन्य अधिकारी एवं शांति समिति के सदस्यगण मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि आगामी मई माह तक विभिन्न धर्मों के 12 त्यौहार एवं पर्व प्रमुख रूप से मनाये जायेंगे। इन त्यौहारों एवं पर्वों के दौरान प्रशासनिक, पुलिस एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक में चर्चा की गयी। बैठक में इंदौर की रंगारंग गैर को यूनेस्को की सूची में शामिल करवाने के लिये जिला प्रशासन विशेषकर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की समवेत स्वर से सराहना की गयी। बैठक में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव ने कहा कि इंदौर की गौरवशाली परम्परा को हर हाल में कायम रखा जायेगा। होली एवं रंगपंचमी के लिये प्राकृतिक रंग एवं गुलाल की बिक्री के नये केन्द्र खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि अभी परीक्षाओं का समय है। ऐसे समय में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का पूर्ण पालन किया जाये। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान सामाजिक समरसता के वातावरण को बनाया रखा जाये। यह प्रयास किया जाये कि त्यौहार अलग-अलग नहीं बल्कि मिल-जुलकर सामुहिक रूप से मनाये जायें। उन्होंने त्यौहारों के दौरान की जाने वाली प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।

बैठक में डीआईजी श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र ने त्यौहारों के दौरान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। शांति समिति की बैठकें थाना स्तर पर भी होंगी। उन्होंने कहा कि आयोजनों के दौरान अभद्रता एवं फुहड़ता नहीं की जाये। डीजे का उपयोग भी पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

बैठक में बताया गया कि त्यौहारों के दौरान पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश आदि की समुचित व्यवस्था रहेगी। परम्परागत आयोजनों को ही अनुमति दी जायेगी। होलिका दहन की अनुमति थाना/सीएसपी स्तर से मिलेगी। आयोजन के लिये अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेना होंगे। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी संयुक्त भ्रमण नियमित करेंगे। बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

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आम आदमी पार्टी की जीत का क्या है मंत्र…?

आम आदमी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ हो गई है. बीजेपी को उन्हीं का ‘करंट’ ज़ोर से लगा है.

अब बीजेपी कह रही है, “विजय से हम अहंकारी नहीं होते और पराजय से हम निराश नहीं होते”. हालांकि भाजपा का प्रदर्शन 2015 के मुक़ाबले बेहतर ज़रूर हुआ.

कांग्रेस को चुनाव पहले हथियार डालने का पूरा सिला मिला. आम आदमी पार्टी के 50 से ज्यादा रोड शो के मुकाबले में अमित शाह ने 40 से ज्यादा सभाएं की. वहीं राहुल और प्रियांका ने केवल चार रैलियां की.

क्या इन्हीं रोड शो में छिपा है आम आदमी पार्टी के प्रचंड जीत का राज़ या फिर पर्दे के पीछे की रणनीति ने भी किया है कमाल.

अगस्त, 2019 में दिल्ली सरकार ने बिजली की 200 यूनिट मुफ़्त देने की घोषणा की थी यानी 200 यूनिट तक ख़र्च करने पर बिजली का बिल ज़ीरो आएगा.

पानी की बात करें तो इस समय दिल्ली सरकार 20 हज़ार लीटर तक पानी मुफ़्त दे रही है. आख़िर के छह महीने में दिल्ली सरकार ने 400 से ज़्यादा मोहल्ला क्लिनिक खुलवाएं, स्कूलों में 20 हज़ार नए कमरे बनवाने का दावा भी किया.

आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए अपने काम गिनाए. इसी पर उन्होंने अपना नारा भी बुलंद किया, ‘मेरा वोट काम को,सीधे केजरीवाल को’

दिल्ली की जनता को इन योजनाओं का पूरा लाभ मिला. चुनाव के नतीजे इस बात को साबित भी करते हैं.

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Why Language Insufficiency is not a small problem

“Clear thinking leads to clear communication. More important than the name of language we use, is the quality of language”, said Mrs. Sandeepa Jayaswal, head of the Department of Humanities. She was speaking to students in workshop on Soft skills at IPS Academy where eminent speakers conducted a two days workshop on Communicative English.

“Four pillars for good career are – professional qualification, good language, job-relevant skills, and experience”, said Mrs. Archana Choudhary, Principal IES. “Language, in strict sense cannot be taught; it can only be learned. Unfortunately youngsters give either too much importance to name of language and too little importance to the quality of language. Then when it comes by 2020.

Dr Deepa Vanjani and Dr. Dr Evelyn R Gaikwad stressed upon language acquiring system of today. It is perhaps the motivating factor that combines ‘organic’ process with trained mentorship and technological support, identifying levels of language learning with stress on enhancement of quality of language. The techniques for Communicative English are developed in such a way that learning happens as naturally and continuously as breathing, stated Anand Ingle and Neha Singh during the commencement of the workshop.

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वफादार मुसलमान ने बचाई थी महाराणा की जान…

1576 में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच यह युद्ध हुआ. अकबर की सेना को मानसिंह लीड कर रहे थे. बताते हैं कि मानसिंह के साथ 10 हजार घुड़सवार और हजारों पैदल सैनिक थे. लेकिन महाराणा प्रताप 3 हजार घुड़सवारों और मुट्ठी भर पैदल सैनिकों के साथ लड़ रहे थे. इस दौरान मानसिंह की सेना की तरफ से महाराणा पर वार किया जिसे, महाराणा के वफादार हकीम खान सूर ने अपने ऊपर ले लिया और उनकी जान बचा ली. उनके कई बहादुर साथी जैसे भामाशाह और झालामान भी इसी युद्ध में महाराणा के प्राण बचाते हुए शहीद हुए थे.

सारी की सारी जनता थी राणा की सेना

राणा प्रताप का जन्म कुम्भलगढ़ के किले में हुआ था. ये किला दुनिया की सबसे पुरानी पहाड़ियों की रेंज अरावली की एक पहाड़ी पर है. राणा का पालन-पोषण भीलों की कूका जाति ने किया था. भील राणा से बहुत प्यार करते थे. वे ही राणा के आंख-कान थे. जब अकबर की सेना ने कुम्भलगढ़ को घेर लिया तो भीलों ने जमकर लड़ाई की और तीन महीने तक अकबर की सेना को रोके रखा. एक दुर्घटना के चलते किले के पानी का सोर्स गन्दा हो गया. जिसके बाद कुछ दिन के लिए महाराणा को किला छोड़ना पड़ा और अकबर की सेना का वहां कब्ज़ा हो गया. पर अकबर की सेना ज्यादा दिन वहां टिक न सकी और फिर से कुम्भलगढ़ पर महाराणा का अधिकार हो गया. इस बार तो महाराणा ने पड़ोस के और दो राज्य अकबर से छीन लिए.

महाराणा प्रताप की कुल 11 बीवियां थीं और महाराणा की मृत्यु के बाद सबसे बड़ी रानी महारानी अजाब्दे का बेटा अमर सिंह प्रथम राजा बना.

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