Category Archives: Social News

आईपीएस अकादमी में बाल महोत्सव में ग्रामीण बच्चे सीख रहे है डांस और इंग्लिश…

“सर अब हम इंग्लिश भी बोल लेते है, और डांस भी करते है” माय नेम इज़ निखिल पटवारी ”  -ये कहते है बीजलपुर गाँव के  8 वर्षीया निखिल पटवारी जो आईपीएस अकादमी में आयोजित बाल महोत्सव शिविर में डांस एवं इंग्लिश सीख रहे है,l

तकरीबन 40 छात्र,छात्राए 6 वर्ष से लेकर १४ वर्ष तक के ग्रामीण बच्चो का आईपीएस अकादमी में बाल महोत्सव शिविर रखा गया है, यहाँ पर आईपीएस कॉलेज के कॉमर्स , इंजीनियरिंग , व् मैनेजमेंट के छात्र व् छात्राए अपनी सोशल एक्टिविटीज के तहत बच्चो को शिक्षा दे रहे है l

कॉमर्स के छात्र प्रवीण पांडे कहते है, मै बच्चो को इंग्लिश पढाता हूँ , मुझे अच्छा लगता है , और सबसे बड़ी बात है कि ये बच्चे बड़े लगन से इंग्लिश सीखना चाहते है, हम अभी सभी बच्चो को जनरल इंग्लिश बोलना सिखा रहे है ताकि ये भी समाज के दौड़ में शामिल हो सके l

कॉलेज की छात्र दिशा सभी बच्चो को डांस सिखा रही है, हमारे रिपोर्टर ने जब लाइव परफोर्मेंस देखा तो दांग रह गए, कि वास्तव में ये ग्रामीण परिवेश के बच्चे अत्यधिक होनहार है l

इस महोत्सव के संयोजक जे.एस. रना ने बताया की आयोजन करना आसान है परन्तु इन बच्चो को ढून्ढ कर लाना बड़ा मुश्किल कार्य है, फिर भी हम कोशिश करते है कि इनके माता-पिता को समझाकर इन्हें शिविर में लाये lहम बच्चो को ज्ञान वर्धक कार्टून फिल्में भी दिखाते है, ताकि इनमे आत्मविश्वास जाग्रत हो l

प्रोफ. अलका सक्सेना ने बताया की हम बच्चो को गायन सिखाने के भी प्रयास कर रहे है l हमारे शिविर का समापन 20 मई को होगा जहा पर ये बच्चे शिविर में सिखाये गए गीतों को प्रस्तुत करेंगे l

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19 मई के दिन अधिक-से अधिक मतदान के लिए आईपीएस अकादमी में अपील..

आईपीएस अकादमी में जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे 100% मतदान की अपील करने वोट-रथ पंहुचा.
आईपीएस अकादमी के रजिस्ट्रार श्री रवि सक्सेना जी ने हस्ताक्षर कर सभी प्रोफेसर एवं कर्मचारियों से 19 मई को मतदान करने की अपील कीl

ICSR की अलका सक्सेना ने सभी स्टूडेंट्स को आह्वान कर हस्ताक्षर करवाए, साथ ही उन्हें मतदान करने को प्रेरित किया, ” अलका सक्स्सेना ने बताया की कॉलेज में बहुत से छात्र ऐसे है जो पहली बार मतदान करेंगे, हमें उन्हें प्रेरित करना जरूरी है, इसलिए आज हमने इस इवेंट को एक राष्ट्रिय इवेंट के रूप में मनाया,l हमने कॉलेज के सभी छात्रो से रथ के डिजिटल स्क्रीन में हस्ताक्षर करवाए और उन्हें मतदान करने की शपथ दिलवाई l
ICSR के श्री राणा ने बताया कि मतदान के लिए हम आसपास के गाँव के छात्रो को भी हमारी सोशल सर्विस के जरिये अधिक मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहे हैl

मतदान जागरूकता कार्यक्रम  में डॉ. वैशाली शर्मा , प्रो. मंगला जैन,प्रो.पूनम सिंह,एवं प्रो. प्रीती रतोला उपस्थित रहे l

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चर्चिल जिसने जीवन में कभी हार नहीं मानी , जाने उनकी कुछ रोचक बाते …

सर विस्टन चर्चिल यूनाइटेड किंगडम का एक कुशल राजनीतिज्ञ, आर्मी ऑफिसर , एवं लेखक था,सन १९४० -१९४५ फिर १९५०-१९५५तक वो uk का प्रधानमन्त्री भी रहा हैl

भारतीय इतिहास में उसको पढ़ना काफी रोचक है , इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए जौर्नालिस्ट दिलीप अवस्थी ने अपने अपने पाठको को एक सीरीज प्रस्तुत की है l

बहुत कम लोगो को पता होगा कि चर्चिल एक मात्र राजनीतिज्ञ था जिसको नोबल पुरूस्कार मिला, और दूसरा विश्वयुद्ध का सेहरा उसके सिर पर बाँधा गया lदि स्टोरी ऑव मालकंड फील्ड फोर्स (१८९८) और दि रिवर वार (१८९९)  ‘लंदन टु लेडीस्मिथ वाया प्रिटोरिया’ (१९००) चर्चिल के द्वारा लिखी पुस्तके है, जिसमे उन्होंने युद्ध के दौरान हुई घटनाओं का उल्लेख किया हैl

अपने लाभ के लिए अंग्रेजों ने ब्रिटिश लोगों ने भारत में मानव इतिहास का भयंकरतम नरसंहार किया और इसके करने वाला कोई और नहीं वरन तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टल चर्चिल था। भारतीयों की मौतों पर उसका कहना था कि ‘मैं भारतीयों से घृणा करता हूं। वे जानवरों जैसे लोग हैं जिनका धर्म भी पशुओं जैसा है। अकाल उनकी अपनी ही गलती थी क्योंकि खरगोशों की तरह जनसंख्या बढ़ाने का काम करते रहे।’
जब भारत में अपना कामकाज करने की बात आती है तो इस मामले में अंग्रेजों का आर्थिक एजेंडा पूरी तरह से कट्‍टर था जिसमें भारतीयों के लिए दयाभाव की कोई गुंजाइश नहीं थी। ब्रिटिश शासन में भारत ने अनगिनत अकालों को झेला, लेकिन सबसे ज्यादा दर्दनाक और भयानक बंगाल का अकाल था।
इस तरह का पहला अकाल 1770 में पड़ा था। और इसके बाद 1783, 1866, 1873, 1892, 1897 और अंत में 1943-44 में अकाल पड़ा। पहले तो ऐसा होता था कि जब अकाल पड़ता तो देश में शासन करने वाले लोग इन बड़ी त्रासदियों को कम करने के लिए उपयोगी कदम उठाते थे, लेकिन जब अंग्रेज आए तो अकाल मानसून की देरी के साथ-साथ केवल ब्रिटिश लोगों के लाभ के लिए देश के प्राकृतिक संसाधनों के भीषण शोषण का नतीजा था। लेकिन इसके बावजूद ब्रिटिश सत्ताधीशों ने कभी भी इस बात को स्वीकार नहीं किया कि उनकी कारगुजारियों के कारण भारतीयों को किन भयानक मुसीबतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वे इस बात को लेकर क्रोधित होते थे कि अकाल के कारण उन्हें पर्याप्त टैक्स नहीं मिल पा रहा है।
इनमें से पहला अकाल 1770 में पड़ा था और यह भयानक रूप से विकराल और नृशंस था। इस तरह के भयानक अकाल पड़ने के चिन्ह 1769 में दिखाई देने लगे थे और इस अकाल का असर 1773 तक बना रहा। इस अकाल में करीब 1 करोड़ लोगों की मौत हो गई। यह संख्या उससे भी लाखों की संख्या में ज्यादा थी जितनी संख्या में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों को जेलों में डाला गया था।

इस अकाल के चलते बंगाल की एक तिहाई जनसंख्या का सफाया हो गया था। अपनी पुस्तक ‘द अनसीन वर्ल्ड’ में अमेरिकी इतिहासकार और दार्शनिक जॉन फिस्क ने लिखा है कि 1770 में बंगाल का अकाल उस ब्लैक प्लेग की तुलना में कहीं अधिक भयानक था जिसने चौदहवीं सदी में समूचे यूरोप को आतंकित कर दिया था।

 

 

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दुर्गा नवमी पर मां दुर्गा आपको शांति, सम्पति और शक्ति दे. दुर्गा नवमी की शुभकामनाएं.

राम नवमी सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है.हर साल इस दिन को भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति भी हो जाती है।

भगवान राम का जन्म मध्यान्ह काल में व्याप्त नवमी तिथि को पुष्य नक्षत्र में हुआ था. हिन्दु धर्म शास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की पुन: स्थापना के लिये भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक में श्री राम के रुप में अवतार लिया था. श्रीराम चन्द्र जी का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में कौशल्या की कोख से , राजा दशरथ के घर में हुआ था. दुनिया भर में भक्त इस दिन को शुभ दिन मानते हैं. यह दिन वसंत के मौसम में मनाया जाता है.

 

यह त्यौहार चैत्र के हिंदू कैलेंडर माह के नौवें दिन आता है. चैत्र के महीने के नौवें दिन राम नवमी का उत्सव पृथ्वी पर परमात्मा शक्ति के होने का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ के बड़े पुत्र राम के रूप में हुआ था। इस दिन भगवान राम के भक्त अपनी आत्मा की शुद्धि के लिए कुछ विस्तृत रीति-रिवाज करते हैं। राम के जन्म का उद्देश्य रावण की दुष्ट आत्मा को नष्ट करना था। इसलिए राम नवमी का उत्सव धर्म की शक्ति की महिमा , अच्छे और बुरे के बीच शाश्वत संघर्ष को दर्शाता है।

 

राम नवमी का दिन सूर्य की प्रार्थना करने के साथ शुरू होता है। सूर्य शक्ति का प्रतीक है और हिंदू धर्म के अनुसार सूर्य को राम का पूर्वज माना जाता है इसलिए, उस दिन की शुरुआत में सूर्य को प्रार्थना करने का उद्देश्य सर्वोच्च शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करना होता है।

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#MeToo भारत की चपेट में फ़िल्म, मीडिया इंडस्ट्री और राजनीति से जुड़े लोग भी आए

औरतों का अपने उत्पीड़न के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने का ज़रूरी अभियान #MeToo भारत में इस वक़्त अपने चरम पर है.

सोशल मीडिया पर हर तबके की औरतें अपने साथ हुए उत्पीड़न की कहानियां साझा कर रही हैं. इस अभियान की चपेट में फ़िल्म, मीडिया इंडस्ट्री और राजनीति से जुड़े लोग भी आए हैं.

कई बड़े नामों ने ख़ुद पर लगे आरोपों पर माफी मांगी है और कुछ लोग अब भी चुप्पी बनाए हुए हैं. लेकिन इस अभियान का एक पहलू ये भी है किन मामलों को #MeToo माना जाए और किन मामलों को नहीं.

कुछ महिला पत्रकार #MeToo की अहमियत बताते हुए इस पहलू पर भी रोशनी डाल रही हैं. इन महिलाओं का कहना है कि हर मामले को #MeToo से जोड़कर यौन उत्पीड़न न माना जाए.

बैडमिंटन खिलाड़ी गुट्टा ज्वाला ने ट्विटर पर मंगलवार को ‘अपने साथ हुए मानसिक उत्पीड़न’ को #MeToo हैशटैग के साथ शेयर किया. ज्वाला ने लिखा, ”2006 में वो आदमी चीफ़ बना और एक नेशनल चैम्पियन होने के बावजूद मुझे नेशनल टीम से बाहर किया गया. रियो से लौटने के बाद मुझे फिर टीम से बाहर किया गया. इसी वजह से मैंने खेलना बंद कर दिया.”

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पूरा वोहरा समाज विश्व में भारत की वसुधैव कुटुम्बकम् की परम्परा फैला रहा है :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को इंदौर के सैफी मस्जिद का दौरा किया और यहां शीर्ष शिया गुरुओं से बातचीत की। दाऊरी बोहरा सुमदाय की ओर से आयोजित धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह समाज देश की एकता के लिए काम करता आया है।

सरकार ने पिछले चार वर्षों में ईमानदार व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका फायदा बोहरा समुदाय उठा रहा है। इससे दुनिया भर के निवेशकों का विश्वास भारत में बढ़ा है। आज रिकॉर्ड स्तर पर निवेश हो रहा है। यही कारण है कि पिछली तिमाही में देश ने आठ फीसदी से ज्यादा की विकास दर हासिल की है। अब देश की नजर दहाई के विकास दर पर है

इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद हैं। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाला है, ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएम मोदी के इस दौरे को ‘सबका साथ, सबका विकास’ के उनके नारे से जोड़कर देखा जा रहा है।

दाऊदी बोहरा समुदाय काफी समृद्ध, संभ्रांत और पढ़ा-लिखा समुदाय है। यह समुदाय दुनिया में जहां-जहां बसा, इस समुदाय ने अपनी अलग पहचान बनाई है। दुनिया में आप लोगों ने अपने आचरण से दुनिया के लोगों को आकर्षित किया है।

भारत के प्रति सद्भावना बनाने में आप लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के नवनिर्माण के लिए हम मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे। इसी विश्वास के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं।

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सवर्ण तो बाहर से आये हुए मुग़ल है,..अब समानता की बात करना बेईमानी होगी ..!

मंजुला दाधीच की कलम से   :-

गरीब की कोई जात नही होती, वो तो सिर्फ गरीब होता है l वो हर चुनाव में नयी पार्टी को इस उम्मीद से वोट देता है कि शायद ये सरकार उसके लिए कुछ करेगी, चूकि चुनाव में ये सब समानता की बात करते है ,सबका साथ ,सबका विकास कह ये हर गरीब का दुःख समझाते है l

मगर सरकार आते ही ये अपना राग अलापने लगते है, और पुरानी सरकार को कोसने लगते है , दलितों के मसीहा बनने की कोशिश करते है l

ना जाने कौन इनको सरकार में रहकर ज्ञान देता है कि दलितों को ऐसा करने से तुम्हारा इतना परसेंट वोट बैंक निश्चित हो जायेगा, और सरकार जोर जोर से भोंगे में दलित राग अलापने लगती है , और ऐसा लगने लगता है, जैसे सवर्ण तो बाहर से आये हुए मुग़ल है, और तथाकथित राजनीतिक ये बोलने लगते है कि इनको सवर्णों ने हजारो साल तक दोहन किया है, इसलिए अब इनको मौका मिलना चाहिए l

मतलब सीधा है कि हमें इनको सिर्फ वोट बैंक बनना है, इसलिए इनको रोटी राम बना दो l फिर सवर्ण क्यों और किस हिन्दू की बात करे, वो तो ब्राम्हण है, क्षत्रिय है,कायस्थ है ,वणिक है, जैन है , इन सबके देवता है , सबके अपने कर्म है और इनका अपना समाज़ है , और जो इनके हक़ की बात करेगा ये उसी को वोट देंगे l

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लंदन का नॉटिंग हिल फेस्टिवल बना लोगो मके आकर्षण का केंद्र ….!!!

1966 से शुरू हुआ लंदन के नॉटिंग हिल इलाके में हर साल मनाया जानेवाला कार्निवल पूरे यूरोप में सबसे बड़ा माना जाता है. लंदन के कार्निवल में अफ़्रीकन मूल के लोग नोटिंग हिल में जुटते हैं. ब्राज़ील का कार्निवल दुनिया का सबसे बड़ा माना जाता है.

अगस्त के दूसरे सप्ताह में मनाया जाने वाला ये फेस्टिवल ब्रिटेन में स्ट्रीट फेस्टिवल के नाम से भी जाना जाता है l वर्तमान में इस फेस्टिवल में तकरीबन एक लाख लोग देखने आते है l

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कश्मीर को लेकर दुष्प्रचार ज्यादा फैलाया जा रहा है”:- आलिया भट्ट

लोगों के बीच इन चर्चाओं का एक निष्कर्ष ये रहता है कि कश्मीर सुरक्षित जगह नहीं है. लेकिन फ़िल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट ऐसी बातों से इत्तेफाक नहीं रखती हैं.

आलिया कहती हैं, ”कश्मीर को लेकर दुष्प्रचार ज़्यादा फैलाया जा रहा है. यह बात लोगों के मन में बैठा दी गई है कि यह जगह असुरक्षित है पर ऐसा है नहीं. कश्मीर पूरी तरह से सुरक्षित है.”

बीबीसी से बातचीत में आलिया ने कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा की.

आलिया इन दिनों अपनी फिल्म ‘राज़ी’ की शूटिंग के सिलसिले में कश्मीर में हैं. फिल्म की ज़्यादातर शूटिंग यहीं हुई है.

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अदिति सिंह व राहुल गाँधी की शादी की अफवाह क्यों उड़ी..!

47 वर्षीय राहुल गांधी का नाम जब एक लड़की के साथ जुड़ा तो तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो गईं.

सोशल मीडिया पर खोज-खोजकर राहुल गांधी की लड़की के साथ तस्वीरें शेयर की जाने लगीं.

इसी बीच, तस्वीर में दिखने वाली लड़की ने इंटरनेट पर चल रहीं तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा, “ये अफवाह मात्र है. अफवाह फैलाने वाले बाज आएं.”

लड़की ने ये भी कहा कि जिन राहुल गांधी से उनका नाम जोड़ा जा रहा था, वो उन्हें अपना “भाई” मानती हैं.

राहुल को अपना भाई मानने वाली इस महिला का नाम अदिति सिंह हैं, जो रायबरेली सदर सीट से कांग्रेस की विधायक हैं.

अदिति ने इस अफ़वाह के पीछे इशारों-इशारों में भाजपा का हाथ बताया और इसे कर्नाटक चुनाव से लोगों का ध्यान भटकाने की साज़िश बताया.

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