Category Archives: sports

करोड़ों रुपये स्टिकर से कमाते है भारतीय बल्लेबाज

आज इस आर्टिकल में मां को भारतीय टीम के पांच ऐसे खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने बल्ले पर स्टीकर लगाने की भारीभरकम फीस लेते हैं

1 विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली अपने बल्ले पर ऐड करने का सर्वाधिक चार्ज करते हैं और वह 1 साल केकरीबन ₹8 करोड़ लेते हैं मैं भी एमआरएफ टायर कंपनी का ऐड करते हैं।

2 महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और वर्तमान विकेटकीपर अपने बल्ले पर ऐड करने के लिए सालाना ₹6 करोड़ हैं वह अपने बल्ले पर स्पोर्टल स्पोर्ट्स का स्पोर्ट्स का ऐड करते हैं

5 सुरेश रैना सुरेश रैना फिलहाल तो भारतीय टीम से दूर चल रहे हैं लेकिन पर भारतीय टीम पर रहते थे पर स्टीकर लगाने के 1 साल की3 करोड रुपए लेते थे सुरेश रैना टायर कंपनी सिएट का एड्रेस बल्ले पर करते थे

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भारत 360 रन के पार, मयंक अग्रवाल का दोहरा शतक,

इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। मैच के पहले बांग्लादेशी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 150 रन बनाए थे। लक्ष्य के जवाब में उतरी टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में चार विकेट खोकर 366 रन बना लिए हैं।

मयं वहीं शानदार फाॅर्म में चल रहे मयंक अग्रवाल ने अपने टेस्ट करीयर का दोहरा शतक जड़ दिया है। बता दे कि मयंक का यह टेस्ट करियर का दूसरा दोहरा शतक है। इससे पहले उन्होने पिछले महीने विशाखापत्तनम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में 215 रन की शानदार पारी खेली थी।

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क्यों बिके 11.5 करोड़ में उनादकट…!

इंडियन प्रीमियर लीग में हुई लाखों-करोड़ों रुपए की बारिश ने साबित कर दिया है कि अगर आप अच्छा खेलते हैं तो टैलेंट को पहचानने और दांव लगाने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है.

आईपीएल की दो दिन चली नीलामी में 169 खिलाड़ियों की बोली लगी और उन पर कुल 628.7 करोड़ रुपए न्योछावर किए गए. इनमें 113 भारतीय और 56 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं.

इंग्लैंड के बेंजामिन स्टोक्स 12.5 करोड़ रुपए में बिके और क्रुणाल पंड्या 8.80 करोड़ रुपए में. पंड्या ने अब तक एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है.अब बात उस खिलाड़ी की जिसे ख़ुद भी अपने इतना महंगा बिकने की उम्मीद नहीं थी.

तेज़ गेंदबाज़ जयदेव उनादकट ने शायद ही सोचा होगा कि बल्लेबाज़ों का गढ़ माने जाने वाले इस टूर्नामेंट में वो सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे.जब वो नेट में पसीना बहा रहे थे तो बेंगलुरु में नीलामी चल रही थी. जैसे ही उनका नाम आया, वो और उनके साथी भागकर ड्रेसिंग रूम में पहुंचे.

उनादकट ने कहा, ”एक फ़ोन को 30 लोगों ने घेर कर रखा था. पूरी टीम टूट पड़ी थी. कोई चिल्ला रहा था, कोई हल्ला कर रहा था. ये मज़ेदार था. सभी खुशियां मना रहे थे.”

उनका प्राइस इसलिए बढ़ता चला गया क्योंकि उन्हें अपनी टीम का हिस्सा बनाने को लेकर चेन्नई सुपर किंग्स के चीफ़ कोच स्टीफ़न फ़्लेमिंग और किंग्स इलेवन पंजाब की प्रीति जिंटा के बीच बहस सी शुरू हो गई.

तेज़ गेंदबाज़ के मुताबिक पिछले दो साल के परफॉर्मेंस को देखते हुए उम्मीद थी कि उन्हें अच्छी रकम में ख़रीदा जाएगा, लेकिन इतनी ज़्यादा रकम के बारे में उन्होंने नहीं सोचा था.

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धोनी की आलोचना पर अजित अगरकर हुए ट्रोल..!!!

महेंद्र सिंह धोनी के टी20 टीम में स्‍थान को लेकर कमेंट करके टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर अजित अगरकर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं.

महेंद्र सिंह धोनी के टी20 टीम में स्‍थान को लेकर कमेंट करके टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर अजित अगरकर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं. राजकोट में न्‍यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में टीम इंडिया की हार के बाद अजित ने कहा था कि भारत को क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट (टी20) में धोनी से अलग कुछ सोचने की जरूरत है. उन्‍होंने यह भी कहा था कि टीम इंडिया को शायद ही टी20 क्रिकेट में एमएस धोनी की कमी महसूस होगी. अगरकर का यह बयान धोनी के प्रशंसकों को नागवार गुजरा है. इसे लेकर ट्विटर पर मुंबई के पूर्व तेज गेंदबाज को ट्रोल किया जाने लगा.

अगरकर की इस टिप्‍पणी पर शुभम क्‍वात्रा ने ट्वीट किया, ‘अजित अगरकर, आपको धोनी का सम्‍मान करना चाहिए. धोनी को लेकर आपका कमेंट उसी तरह का है कि एक स्‍थानीय विधायक, प्रधानमंत्री के काम को लेकर कमेंट कर रहा है.’  एक अन्‍य यूजर ने लिखा जब आपके पास काम करने के लिए कुछ नहीं होता तो आप मीडिया की सुर्खियों में आने का प्रयास करते हैं. एक अन्‍य ट्वीट में लिखा गया, अगरकर, आप धोनी को ट्रोल करके लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश न करें. जितना आप 20 की उम्र में खेलते थे, उससे कहीं अच्‍छा धोनी 36 वर्ष की उम्र में खेलते हैं.

अगरकर के अलावा टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्‍मण और आकाश चोपड़ा भी धोनी को लेकर कुछ इसी तरह की राय जता चुके हैं. वीवीएस लक्ष्‍मण ने कहा था, ‘टी20 मैचों में धोनी चार नंबर पर आते हैं. उन्‍हें गेंद पर नजर जमाने में ज्‍यादा वक्‍त लगता है और उसके बाद वे अपनी जिम्‍मेदारी निभाते हैं. राजकोट के मैच में जब विराट कोहली का स्‍ट्राइक रेट 160 के करीब था तब धोनी का स्‍ट्राइक रेट 80 के आसपास था. भारतीय टीम जब बड़े स्‍कोर का पीछा कर रही थी तब यह पर्याप्‍त नहीं था.’ उन्‍होंने कहा था कि मुझे लगता है कि समय आ गया है कि धोनी टी20 फॉर्मेट में किसी युवा खिलाड़ी के लिए स्‍थान खाली करें. हां, वनडे क्रिकेट में वे (धोनी)टीम इंडिया के महत्‍वपूर्ण सदस्‍य हैं.

पूर्व ओपनर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कहा था कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से धोनी की जगह किसी अन्‍य खिलाड़ी को चुना जाना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के बाद भारत को दक्षिण अफ्रीका के चुनौतीपूर्ण दौरे पर जाना है.

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तिरुवनंतपुरम में 29 साल बाद गेंद-बल्ले में होगी टक्कर..!!!

टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का अंतिम और निर्णायक मैच मंगलवार को तिरुवनंतपुरम के ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस शहर में 29 साल बाद क्रिकेट मैच का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर यहां के क्रिकेट प्रेमी दर्शकों में भारी उत्साह है। बारिश की आशंका के बीच लोगों को उम्मीद है कि यहां टीम इंडिया और कीवी टीम में जोरदार टक्कर देखने को मिलेगी।

तिरुवनंतपुरम में 29 साल पहले 1988 में विवियन रिचर्डस की कप्तानी में वेस्टइंडीज की टीम ने 25 जनवरी को यहां यूनिवर्सिटी स्टेडियम में भारत के खिलाफ मैच खेला था। इतने लंबे अंतराल के बाद मंगलवार को हो रहे मैच को देखने के लिए करीब 40 हजार दर्शक स्टेडियम में उपस्थित रह सकते हैं। वेस्टइंडीज और टीम इंडिया के बीच मैच में भी बारिश की बाधा आई थी। भारत ने पहले खेलते हुए 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 239 रन बनाए थे। बाद में बारिश की वजह से वेस्टइंडीज को 45 ओवर में 240 रनों का टारगेट दिया गया। जिसे फिल सिमंस की शतक की बदौलत वेस्टइंडीज ने 43 ओवरों में ही महज एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।

दिल्ली का पहला मैच टीम इंडिया ने जीता था। राजकोट में कीवी टीम ने पलटवार कर सीरीज में बराबरी कर ली है। ऐसे में तीसरे मैच के काफी रोमांचक होने के आसार है। टीम इंडिया के ओपनरों और ट्रेंट बोल्ट के बीच की टक्कर देखने लायक होगी। वहीं कीवी टीम के ओपनर कोलिन मुनरो त‌था मार्टिन गुप्टिल तथा टीम इंडिया के गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर होगी। दिल्ली में रोहित और शिखर ने 80-80 रनों की पारी खेली थी। वहीं राजकोट में मुनरो ने शतक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में मुख्य भूमिका अदा की थी।

सोमवार को तिरुवनंतपुरम में जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बारिश की आशंका व्यक्त की है। अगर बारिश हुई तो तिरुवनंतपुरम के लोगों को निराश हो सकते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच भी टी-20 सीरीज का निर्णायक मैच हैदराबाद में बारिश की भेंट चढ़ गया था। अगर यहां भी बारिश हुई तो टीम इंडिया और विराट कोहली का कीवी टीम के खिलाफ टी-20 सीरीज जीतने का सपना टूट सकता है।

टीम इंडिया ने अभी तक कीवी टीम के खिलाफ कभी भी टी-20 सीरीज नहीं जीती है। वन डे सीरीज में तो उसे जीत मिली है लेकिन टी-20 में वह कीवी टीम से हमेशा कमजोर पड़ी है। दिल्ली में टीम इंडिया ने पहली बार टी-20 में कीवी टीम को हराया है। ऐसे में तिरुवनंतपुरम में सीरीज जीत इतिहास बुक में ‌विराट कोहली अपना नाम दर्ज कराना चाहेंगे।

तीसरे मैच में धोनी की बैटिंग पर भी सबकी नजर रहेगी। राजकोट में धीमी बल्लेबाजी की वजह से उनकी आलोचना हुई थी। लक्ष्मण ने तो यहां तक कह दिया था कि धोनी अब टी-20 से अपने को अलग कर लें, वह वन डे में जरूर हिस्सा हो सकते हैं। धोनी ने राजकोट में हालांकि 37 गेंद में 49 रन बनाए थे। लेकिन पांच गेंद में बाउंड्री के जरिए महज 26 रन जुटाए। वहीं अन्य 32 गेंदों में महज 23 रन ही बना सके थे। ऐसी धीमी पारी के बाद यह देखना होगा कि कप्तान कोहली और कोच रवि शास्‍त्री अब धोनी को किस नंबर पर बैटिंग कराते हैं।

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महिला हॉकी टीम के कोच ने कहा, हर टूर्नामेंट में चाहिए पदक ..!!

पिछले साल जूनियर पुरुष टीम को वर्ल्‍डकप दिलाने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम को 13 बरस बाद एशिया कप जिताने के बावजूद हरेंद्र सिंह संतुष्ट होने वाले कोचों में से नहीं हैं.

पिछले साल जूनियर पुरुष टीम को वर्ल्‍डकप दिलाने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम को 13 बरस बाद एशिया कप जिताने के बावजूद हरेंद्र सिंह संतुष्ट होने वाले कोचों में से नहीं हैं. उनका कहना है कि इस टीम से अब उन्हें हर टूर्नामेंट में पदक चाहिए. इससे कम में मैं संतुष्‍ट नहीं होता. पिछले साल दिसंबर में लखनऊ में जूनियर टीम ने हरेंद्र के मार्गदर्शन में वर्ल्‍डकप जीता और अब महिला टीम ने 2004 के बाद पहली बार एशिया कप अपने नाम किया. जापान के काकामिगहरा में खेले गए टूर्नामेंट के फाइनल में भारत ने अपने से बेहतर रैंकिंग वाली चीन की टीम को पेनल्टी शूटआउट में हराया.

महिला टीम के साथ हरेंद्र का यह पहला टूर्नामेंट था.उन्होंने जीत के बाद काकामिगहरा से दिए गए एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं इस फलसफे को नहीं मानता कि जीत हार से ज्यादा अहम भागीदारी है. मुझे इस टीम से हर टूर्नामेंट में पदक चाहिए. मैं एक जीत से संतुष्ट होने वालों में से नहीं हूं.’यह पूछने पर कि फाइनल मैच से पहले क्या उन्होंने चक दे इंडिया जैसा कोई 70 मिनट वाला भाषण टीम को दिया था, हरेंद्र ने नहीं में जवाब दिया.

उन्होंने कहा, ‘मैं ”चक दे इंडिया” का बड़ा फैन नहीं हूं. मैंने कोई 70 मिनट वाली स्पीच नहीं दी लेकिन इतना जरूर कहा कि आपने पदक तो पक्का कर लिया है लेकिन इसका रंग आपको तय करना है. मुझे यकीन था कि भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण के लिये ही खेलेंगी. खिताबी जीत का उनके परिवारों के लिये क्या महत्व है , यह मैं जानता हूं क्योंकि अधिकांश खिलाड़ी गरीब घरों से आई हैं.’उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम को प्रतिद्वंद्वी की रैंकिंग से नहीं घबराने का हौसला दिया. पिछले 21 साल से कोचिंग से जुड़े हरेंद्र ने कहा, ‘मैंने उन्हें इंग्लैंड की महिला टीम और अर्जेंटीना की पुरुष टीम के उदाहरण दिये जिन्होंने अपने से बेहतर रैंकिंग वाली टीमों को पछाड़कर क्रमश: वर्ल्‍डकप और रियो ओलिंपिक में स्वर्ण जीता. रैंकिंग महज एक आंकड़ा है और मैच वाले दिन हम किसी को भी हरा सकते हैं.’अपने सामने अहम चुनौतियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि टीम को विजेताओं वाले तेवर और आत्मविश्वास देना सबसे जरूरी है.

हरेंद्र ने कहा, ‘जब मैंने इस टीम की कमान संभाली, तभी मुझे लगा कि इसमें आत्मविश्वास भरना होगा क्योंकि उसी से टीम को खुद पर भरोसा होगा. उम्मीद है कि इस जीत से उस दिशा में पहला कदम रख दिया है. अभी बेसिक्स और फिटनेस पर काम करना है.’दो अहम टूर्नामेंटों में स्वर्ण के बाद अब उन्हें मिडास टच वाला कोच कहा जाने लगा है लेकिन हरेंद्र ने कहा कि अभी वह खुद को इस जमात में नहीं रखते. उन्होंने कहा,‘‘मेरे गुरु रिक चार्ल्सवर्थ और मशहूर फुटबॉल कोच जिनेडिन जिडान मेरे आदर्श हैं. अभी उनके मुकाम तक पहुंचने के लिये बहुत लंबा सफर तय करना है.’इस जीत का सबसे बड़ा तोहफा अपनी बेटी से मिली तारीफ को मानने वाले हरेंद्र ने कहा, ‘जब मैं लड़कियों की टीम का कोच बना तो सबसे ज्यादा खुश मेरी बेटी ही थी. वह आज मेरे साथ नहीं थी लेकिन इन 18 लड़कियों ने मुझे गले लगकर बधाई दी तो गौरवान्वित पिता की तरह महसूस हुआ.यही मेरे लिए सबसे बड़ा जश्न था.’

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IND vs NZ: सीरीज सील करने आज उतरेगी टीम इंडिया…!!

भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन टी-20 मैचों के सीरीज का दूसरा मैच आज राजकोट में खेला जाएगा.

भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन टी-20 मैचों के सीरीज का दूसरा मैच आज राजकोट में खेला जाएगा. भारतीय टीम के पास इस मैच को जीत कर सीरीज सील करने का सुनहरा मौका होगा, क्योंकि भारतीय टीम ने पहले मैच में न्यूजीलैंड को 53 रनों के भारी अंतर से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. भारतीय टीम पर न्यूजीलैंड की टीम टी-20 मैचों में हमेशा भारी पड़ी है, इसलिए भारत चाहेगी कि सीरीज को राजकोट में ही सील किया जाए. लेकिन भारतीय टीम के लिए यह बहुत ही मुश्किल होगा, क्योंकि न्यूजालैंड पलटवार करने में सक्षम है. वैसे भी न्यूजीलैंड आंकड़ों के हिसाब से भारतीय टीम पर भारी है. न्यूजीलैंड ने लगातार 6 मुकाबलों में भारतीय टीम को हराया था. दिल्ली में मैच से पहले भारत ने एक भी मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ नहीं जीता था. पिछले मैच में भारत के दोनों ओपनरों की शानदार बल्लेबाजी ने भारत को न्यूजीलैंड पर आसान जीत दर्ज करने में काफी मदद की. अगर राजकोट में भी रोहित और शिखर का बल्ला ऐसे ही गरजा तो भारत इस मैच में न्यूजीलैंड पर भारी पड़ सकता है.

पहले मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भारत की नजरें दूसरा टी-20 मैच में जीत हासिल करते हुए तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त लेने पर होंगी. वहीं, न्यूजीलैंड आज को सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में होने वाले इस मैच में वापसी करने के इरादे से उतरेगा.  मेजबानों की फॉर्म को देखते हुए जीत उससे दूर नहीं लग रही है लेकिन किवी टीम टी-20 की नंबर-1 टीम है और उसमें वापसी करने का पूरा माद्दा है. पहले मैच में किवी टीम की न गेंदबाजी चली थी न बल्लेबाजी. शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी ने उसे विकेटों के लिए तरसा दिया था. बची कुची कसर विराट कोहली ने पूरी कर दी थी. कोहली ने पिछले मैच में श्रेयस अय्यर को पदार्पण का मौका दिया था, लेकिन वह बल्लेबाजी करने नहीं उतर पाए थे. दूसरे मैच में भी उम्मीद है कि अय्यर अंतिम एकदाश में होंगे.

किवी गेंदबाजों में से सिर्फ मिशेल सैंटनर ही भारतीय गेंदबाजों को शुरुआत में कुछ हद तक रोक पाए थे. बाकी के सभी गेंदबाज महंगे साबित हुए थे, हालांकि ईश सोढ़ी ने दो विकेट जरूर लिए थे. वहीं, गेंदबाजी में भुवेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल ने भारत की तरफ से अपना कमाल दिखाया था. दिल्ली का मैच तेज गेंदबाज आशीष नेहरा का अंतिम मैच था. उनके जाने के बाद टीम में एक गेंदबाज की जगह खाली हुई है. ऐसे में इस सीरीज में टीम में शामिल किए गए मोहम्मद सिराज पदार्पण कर सकते हैं. किवी टीम के लिए सिर्फ बल्लेबाजी और गेंदबाजी ही चिंता का सबब नहीं है बल्कि फील्डिंग में भी पिछले मैच में वह कमजोर रही थी. शुरुआत में ही धवन और रोहित के कैच किवी फील्डरों ने छोड़े थे. ऐसे में मेहमानों को तीन क्षेत्र में सुधार करने की जरूरत है.

बल्लेबाजी में किवी टीम की आस कप्तान केन विलियमसन, रॉस टेलर, मार्टिन गुप्टिल और टॉम लाथम पर है. इनके अलावा अगर कोलिन मुनरो का बल्ला चल गया तो वह भारतीय टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं. अब देखना होगा कि कौन सी टीम राजकोट में बाजी मारती है.

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विराट कोहली: तोड़े पोंटिंग-डीविलियर्स के वर्ल्ड रिकॉर्ड ..!!

कप्तान विराट कोहली दिनों दिन क्रिकेट में इतिहास रचते जा रहे हैं। कानपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक मैच में कोहली ने वन डे करियर का एक और शतक लगाया। अब उनके शतकों की संख्या 32 हो गई है।

विराट ने कानपुर में अपनी शतकीय पारी के दौरान वन डे में सबसे तेज 9000 रन बनाने का कीर्तिमान रच दिया। कोहली ने करियर में 203 मैच की 194 पारी के दौरान 9000 रन पूरे किए हैं। उनसे पहले दक्षिण अफ्रीका के एबी ‌डीवीलियर्स ने 205 पारी में यह आंकड़ा छुआ था। विराट के अब वन डे में 9030 रन हो गए हैं। सौरव गांगुली ने 228 तथा सचिन तेंदुलकर ने 235 पारियों में यह आंकड़ा पार किया। ब्रायन लारा ने 239 पारियों में 9000 रन पूरे किए थे।

कप्तान के रूप में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकी पोंटिंग का विश्व रिकॉर्ड विराट ने तोड़ दिया है। पोंटिंग ने इससे पहले 2007 में बतौर कप्तान सबसे अधिक 1424 रन बनाए थे। विराट इस साल अब तक 1460 रन बना चुके हैं। कानपुर में कोहली ने 105 गेंदों में 113 रन बनाए। यह उनका वन डे करियर में 32 वां शतक है। इसी सीरीज के पहले मैच में मुंबई में कोहली ने शतक लगा ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के 30 शतकों का रिकॉर्ड तोड़ा था।

कोहली इस साल अब तक वन डे में 1460 रन बना चुके हैं। कोहली ने इस साल 6 शतक भी लगाए हैं। विराट के बाद टीम इंडिया के ही ओपनर रोहित शर्मा ने इस साल 1000 से ज्‍यादा रन बनाए हैं। बतौर भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने 2006 के दौरान 5 शतक लगाए थे। विराट कोहली ने इस साल 6 शतक लगाकर गांगुली के इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। विराट एक कैलेंडर ईयर में 6 शतक लगाने वाले दुनिया के पहले कप्तान हो गए हैं।

कोहली के लिए यह साल सबसे बेहतर रहा है। इस साल उन्होंने 26 मैचों में 1460 रन बनाए हैं। इससे पहले कोहली ने 2011 के दौरान 1381 रन बनाए थे। विराट ने इस साल क्रिकेट के सभी फार्मेट के 40 मैचों में 2000 से अधिक रन बनाए हैं। दुनिया में इस साल यह सबसे ज्यादा रन है।

कोहली ने इस साल टेस्ट में 449 तथा वन डे में 1460 रन बनाए हैं। टी-20 में उन्होंने इस साल 195 रन बनाए हैं। इस तरह उन्होंने 40 मैच 2057 रन बनाए हैं। दुनिया में यह कारनाम करने वाले कोहली इकलौते बल्लेबाज हैं।

कप्तान कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर कप्तान सबसे कम पारी में 20 शतक जड़ दिए हैं। कोहली ने महज 93 पारियों में 20 शतक लगाए हैं। पोंटिंग ने 164 तथा दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ ने 227 पारी में 20 शतक लगाए थे।

बतौर कप्तान इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाने के मामले में कोहली तीसरे नंबर पर आ गए हैं। रिकी पोंटिंग ने बतौर कप्तान 376 पारियों में 41 तथा ग्रीम स्मिथ ने 368 परियों में 33 शतक लगाए थे। विराट ने महज 93 पारियों में 20 शतक लगा दिए हैं।

पिछले 10 साल में टीम इंडिया की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट के नाम हो गया है। ‌विराट ने ही इससे पहले 2011 में 1381 रन बनाए थे। इस साल विराट 1460 रन बना चुके हैं। 2013  में विराट ने 1268 रन तथा 2009 में एमएस धोनी ने 1198 रन बनाए थे।

इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत की तरफ से विराट सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। सचिन तेंदुलकर ने 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। इसके बाद विराट के नाम 49 शतक हो गए हैं। विराट ने वन डे में 32 तथा टेस्ट में 17 शतक लगाए हैं। ‌तीसरे नंबर पर राहुल द्रविड़ हैं। जिनके नाम 48 शतक हैं।

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आखिर क्यों आसान नहीं है क्रिकेट की सफाई..!!!!

सुप्रीम कोर्ट और उसकी ओर से नियुक्त बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के प्रशासकों की समिति (सीओए) की तमाम कोशिशों के बावज़ूद क्रिकेट की साफ-सफाई इतनी आसान नहीं लगती. यह बात एक दिन पहले ही हुए एक ख़ुलासे से साबित हो गई है. इंडिया टुडे और आज तक चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए बताया है कि भारत और न्यूज़ीलैंड के पुणे में हुए दूसरे एकदिवसीय मैच से पहले क्यूरेटर ने पिच से छेड़छाड़ करने की हामी भर दी थी.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक स्टिंग ऑपरेशन करने वाले मीडियाकर्मी ने पुणे के पिच क्यूरेटर पांडुरंग सालगांवकर से सट्‌टेबाज़ के तौर पर संपर्क किया था. उसने उन्हें कहा कि दो खिलाड़ी पिच में ज़्यादा बाउंस चाहते हैं. उसके हिसाब से क्या पिच में कुछ तब्दीली हो सकती है? इस पर सालगांवकर ने कहा, ‘पांच मिनट में हो जाएगा.’ यहां तक कि उन्होंने उनसे संपर्क करने वाले कथित सट्‌टेबाज़ों को मैच से पहले पिच का निरीक्षण करने तक की मंज़ूरी दे दी थी.

सालगांवकर ने दावा किया था कि मैच में खूब रन बनेंगे. जो भी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी वह 340 रन तक का लक्ष्य रख सकती है. और बाद में खेलने वाली टीम इस लक्ष्य को भी आसानी से हासिल कर लेगी. इस बाबत आज तक पर दिखाए गए स्टिंग ऑपरेशन की वीडियो क्लिप में यह पूरी बातचीत सुनी जा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट और उसकी ओर से नियुक्त बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के प्रशासकों की समिति (सीओए) की तमाम कोशिशों के बावज़ूद क्रिकेट की साफ-सफाई इतनी आसान नहीं लगती. यह बात एक दिन पहले ही हुए एक ख़ुलासे से साबित हो गई है. इंडिया टुडे और आज तक चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए बताया है कि भारत और न्यूज़ीलैंड के पुणे में हुए दूसरे एकदिवसीय मैच से पहले क्यूरेटर ने पिच से छेड़छाड़ करने की हामी भर दी थी.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक स्टिंग ऑपरेशन करने वाले मीडियाकर्मी ने पुणे के पिच क्यूरेटर पांडुरंग सालगांवकर से सट्‌टेबाज़ के तौर पर संपर्क किया था. उसने उन्हें कहा कि दो खिलाड़ी पिच में ज़्यादा बाउंस चाहते हैं. उसके हिसाब से क्या पिच में कुछ तब्दीली हो सकती है? इस पर सालगांवकर ने कहा, ‘पांच मिनट में हो जाएगा.’ यहां तक कि उन्होंने उनसे संपर्क करने वाले कथित सट्‌टेबाज़ों को मैच से पहले पिच का निरीक्षण करने तक की मंज़ूरी दे दी थी.

सालगांवकर ने दावा किया था कि मैच में खूब रन बनेंगे. जो भी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी वह 340 रन तक का लक्ष्य रख सकती है. और बाद में खेलने वाली टीम इस लक्ष्य को भी आसानी से हासिल कर लेगी. इस बाबत आज तक पर दिखाए गए स्टिंग ऑपरेशन की वीडियो क्लिप में यह पूरी बातचीत सुनी जा सकती है.

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ख़ास बात ये है कि पांडुरंग सालगांवकर खुद पूर्व क्रिकेटर हैं. उन्हें एक समय में भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने वाले तगड़े दावेदारों में गिना जाता था. यह 70 के दशक की बात है.सालगांवकर तेज गेंदबाज़ थे. उन्होंने भारतीय टीम के साथ 1974 में श्रीलंका का दौरा भी किया था. हालांकि वह श्रृंखला अधिकृत नहीं थी. इसके बाद वे कभी भारतीय टीम में शामिल नहीं हो पाए. अलबत्ता वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते रहे और 63 मैचों में 214 विकेट अपने नाम किए.

बहरहाल ‘पिच फिक्सिंग’ विवाद के बाद उन्हें पिच क्यूरेटर की ज़िम्मेदारी से बर्ख़ास्त कर दिया गया है. उनकी जगह बीसीसीआई के क्यूरेटर रमेश म्हामुनकर को दूसरे मैच की ज़िम्मेदारी दी गई थी. साथ ही आईसीसी (अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) के पर्यवेक्षकों ने भी पिच का निरीक्षण किया. जब उन्होंने पिच में किसी तरह की छेड़छाड़ न होने की पुख़्तग़ी कर ली तब कहीं जाकर बुधवार को दोनों टीमों के बीच मैच हो पाया.

इस ख़ुलासे के बाद बीसीसीआई सीओए के चेयरमैन विनोद राय ने कहा, ‘इस तरह की गतिविधियां बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. हम मामले की जांच करा रहे हैं.’ बोर्ड के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राहुल जौहरी ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी है. रेडियो न्यूज़ीलैंड से बातचीत में आईसीसी के प्रवक्ता ने भी कहा, ‘हम भी अपनी तरफ से पूरे मामले की जांच करा रहे हैं.’

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आखिर कौन है धवन की नज़र मे नंबर वन..??

टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने इस खिलाड़ी को दुनिया का सबसे अच्छा तेज गेंदबाज बताया है। वहीं, उन्होंने ये भी कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वन-डे में उन्होंने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे टीम इंडिया को कम रन का लक्ष्य मिला और टीम इंडिया दूसरे वन-डे जीतने में कामयाब हुई। आइये बताते हैं कि वो कौनसा गेंदबाज हैं जिसकी तारीफ धवन ने की…

धवन ने कहा, ‘भुवनेश्वर कुमार दुनिया के सबसे अच्छे डेथ ओवर का गेंदबाज हैं। उन्होंने अपना स्तर ऊंचा कर लिया है और गेंद पर उनका नियंत्रण काफी अच्छा रहता है। यहां तक कि जब वो धीमी गेंद या नकल बॉल करते हैं तब भी वो सही जगह पर गेंद को पिच कराते हैं। यदि डेथ ओवरों में गेंदबाजी की बात की जाए तो वो दुनिया के सबसे बेहतरीन डेथ ओवर गेंदबाज हैं। हमने भुवनेश्वर को आईपीएल में लगातार डेथ ओवरों में यॉर्कर डालते देखा है और भारत के लिए खेलते हुए भी उन्होंने ऐसा किया है। वो लगातार काफी बेहतरीन तरीके से ऐसा कर रहे हैं’।’

वहीं, धवन ने दिनेश कार्तिक की भी खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि दिनेश कार्तिक ने भी 64 रन की नाबाद पारी खेली, जिससे टीम इंडिया के जीत में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि कार्तिक ने काफी मेहनत की और शानदार पारी खेली। उन्होंने कहा कि कार्तिक मिडिल ऑर्डर के अच्छे बैट्समैन हैं। साथ ही उनके पास स्किल और शॉट खेलने का तरीका भी है और वो अपने आप को इम्प्रूव कर रहे हैं।

टीम इंडिया ने पुणे के एमसीए स्टेडियम में बुधवार को खेले गए दूसरे वन-डे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हरा दिया। इसी जीत के साथ तीन वन-डे मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। इस दौरान भुवनेश्वर कुमार ने 10 ओवर में 45 रन देकर 3 विकेट लिए। उन्होंने सबसे पहले खतरनाक बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल को आउट किया। फिर कोलिन मुनरो को भी पवेलियन भेज दिया। उन्होंने अपने 10 ओवरों में 45 रन देकर 3 विकेट झटके और उन्हे मैन ऑफ द मैच चुना गया।

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब भुवनेश्वर कुमार की तारीफ किसी विश्वस्तरीय खिलाड़ी ने की हो। इससे पहले भी दुनिया के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने उन्हें आईपीएल का सबसे अच्छा गेंदबाज बताया था। वहीं, 2016 के आईपीएल सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद के कोच रहे टॉम मूडी ने भी उनकी गेंदबाजी की तारीफ की थी।

मालूम हो कि भारत ने किवी टीम को निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट पर 230 रनों पर ही सीमित कर दिया था। जिसके जवाब में भारत ने शिखर धवन (68) और दिनेश कार्तिक की नाबाद 64 रन की बदौलत टीम इंडिया ने 46 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया।

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