रेड कार्पेट लुक-अनन्या पांडे

 

अनन्या पांडे भले ही दो फिल्म पुरानी हीरोइन हों लेकिन उनका स्टाइल और फैशन सेंस कमाल का है। रेड कार्पेट लुक हो या फिर कोई कैजुअल आउटिंग उनका ड्रेसिंग सेंस ऐसा होता है कि हर कोई उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकता। फिल्मफेयर अवार्ड शो नॉमिनेश नाइट के रेड कार्पेट से उनका लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं। तो आगे की स्लाइड में देखें तस्वीरें।

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने की मुफ्त कोरोना वेक्सीन देने की बात

कोरोना ने जिस तरह से विश्व को अपनी चपेट में लिया हुआ है उसे देखते हुए अब इसकी वेक्सीन को लेकर जिज्ञासा बढ़ रही है साथ ही वेक्सीन किसे कैसे और कब मिलेगी ये प्रश्न लगातार दोहराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार,भारत बायोटेक की वेक्सीन,रूस की वैक्सीन स्पुतनिक V,ऑक्सफोर्ड की वेक्सीन आदि वेक्सीन पर तेजी से प्रगति हो रही है और जल्द ही ये सबके लिए उपलब्ध होने की सम्भावना है।

वेक्सीन की उपलब्धता के साथ ही इसे आम जनता तक पहुचाने को लेकर बिहार के चुनाव घोषणा पत्र में भाजपा ने मुफ्त वेक्सीन देने का वादा किया है जिसके बाद अब दो और राज्यो के मुख्यमंत्रियों ने मुफ्त वेक्सीन की घोषणा की है ।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीसामी ने घोषणा करते हुए कहा है कि:-सरकार ने फैसला किया है कि राज्य के सभी लोगों को फ्री में कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी ट्वीट कर कहा कि:-भारत मे कोरोना वेक्सीन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है, जैसे ही वेक्सीन तैयार होगी , मध्य्प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को वह मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी

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चर्चाओं में गुना कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का यह फरमान

मध्यप्रदेश के गुना जिले के कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का एक फरमान चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें कहा गया है कि सड़कों की गुणवत्ता पर 50 फीसद जनता की मुहर के बाद ही अब ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा। कलेक्टर के इस फरमान के बाद ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, सीसी रोड निर्माण की लगातार मिल रही शिकायतों और हाल ही में कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता घटिया मिलने के बाद ही गुना कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम ने यह निर्देश दिए है । जिसके तहत अब नगर पालिका क्षेत्र की सड़कों की गुणवत्ता को परखने के लिये वहां रहने वाले 50 फीसद जनता की मुहर लगना भी जरूरी होगी। इसके बाद ही सड़क निर्माण कराने वाले ठेकेदार का भुगतान किया जाएगा। यह पहला मौका होगा, जब ठेकेदार के भुगतान में जनता की मुहर लगना भी जरूरी होगी।

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Reliance Jio अगले साल भारत में 5G हैंडसेट लॉन्च कर सकता है

न्यूज़ एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ शुरुआत में Jio अपने 5G हैंडसेट्स को 5,000 रुपये में बेचेगी, लेकिन बाद में इसे  2,500 रुपये से 3,000 रुपये तक किया जा सकता है.

Reliance Jio की तरफ़ से 2G मुक्त भारत की बात पहले ही कई गई है और कंपनी इसके तहत भारत के 20-30 करोड़ 2G मोबाइल फ़ोन यूज़र्स को टार्गेट करने की तैयारी में है.

PTI ने जियो ऑफिशियल के हवाले से कहा कि कंपनी चाहती है कि डिवाइस की कीमत 5,000 रुपये से कम हो. सेल बढ़ने के बाद क़ीमत को घटा कर 2,500 रुपये से 3,000 रुपये तक कर सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि अभी 5G स्मार्टफोन्स भारत में महँगे हैं. कम से कम इनके लिए 30,000 रुपये खर्च करने होते हैं. हालाँकि Jio के 5G हैंडसेट्स बेसिक फीचर-स्मार्टफोन जैसे ही होने की उम्मीद है.

ग़ौरतलब है कि भारत में Reliance Jio कब 5G लेकर आएगी अभी ये साफ़ नहीं है. कंपनी की तरफ़ से अभी कोई टाइमलाइन नहीं बताया गया है.

Reliance Jio ये साफ़ कर चुकी है कि कंपनी के पास 5G रेडी नेटवर्क तैयार है और स्पेक्ट्रम मिलते ही इसे पैन इंडिया बेसिक पर शुरू कर दिया जाएगा.

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क्यों मनाते हैं वर्ल्ड फूड डे…?

वर्ल्ड फूड डे भूख से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है. इस एक दिन स्थानीय स्तर पर हर किसी से भुखमरी के खिलाफ कदम उठाने की अपील की जाती है.  वर्ल्ड फूड डे पर गैर सरकारी संगठनों, मीडिया, आम जनता और सरकार द्वारा कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि लोगों को भूख पीड़ितों के बारे में जागरूक किया जा सके

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एप्पल ने आईफ़ोन12 सीरीज़ को लॉन्च

अमरीकी टेक कंपनी एप्पल ने आईफ़ोन12 सीरीज़ को लॉन्च कर दिया है जिसके तहत उसने चार नए मॉडल बाज़ार में उतारे हैं.

मंगलवार को एक डिजिटल इवेंट में इसकी घोषणा की गई.

एप्पल ने इस बात की पुष्टि की है कि आईफ़ोन12 के हैंडसेट 5जी नेटवर्क से लैस होंगे.

एप्पल प्रमुख टिम कुक ने कहा, “हम आईफ़ोन के अपने पूरे लाइनअप में 5जी ला रहे हैं. यह आईफ़ोन के लिए एक नए युग की शुरुआत है.”

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#Indore आठ मंदिरों की संपत्ति को मंगलवार को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया

मध्य प्रदेश के इंदौर में देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटेबल ट्रस्ट (खासगी) के आठ मंदिरों की संपत्ति को मंगलवार को प्रशासन के अलग-अलग दलों ने अपने कब्जे में ले लिया है। बिजासन मंदिर में प्रशासन की ओर से पहले से दो दानपेटी लगी हुई है, लेकिन मंदिर में पुजारियों की तरफ से एक और दानपेटी रखी गई थी, जिसे सील कर दिया गया है। मंदिर के बाहर दो अन्य दान पेटियां भी रखी गई थी। प्रशासनिक अमले ने इन्हें भी सील करना चाहा, लेकिन पुजारियों के विरोध के कारण नहीं कर पाए।

इससे पहले प्रशासनिक दल ने आड़ा बाजार के सत्यनारायण मंदिर पहुंचकर उसे अपने कब्जा लिया। यहां भगवान विष्णु और देवियों के चांदी के छह मुकुट मिले। इसके अलावा कानों के अन्य आभूषण भी पाए गए। कब्जा लेने से पहले सभी सामग्री का पंचनामा बनाया गया और मंदिरों में शासन की संपत्ति होने का बोर्ड भी लगाए गए।

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मध्यप्रदेश की देहरी पर आर्थिक संकट…!!

कोरोना संकट के बीच प्रदेश की देहरी पर आर्थिक संकट ने धमाकेदार दस्तक दे दी है। शपथ लेते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दोहरी चुनौती से जूझना पड़ रहा है। इनमें किसी एक से भी उबारना आसान नहीं है। कोरोना संकट के कारण एक तरफ लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं। वायरस की चपेट में आने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। दूसरी तरफ व्यापार, कारोबार, निर्माण सब ठप है। शराब की बिक्री पर रोक लगानी पड़ी है। नतीजे में देश के साथ मप्र भी दोहरी मार का शिकार है। लोग बीमार हो रहे हैं, कालकलवित हो रहे हैं और प्रदेश की आर्थिक हालत बिगड़ती जा रही है। सरकार को हर रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इन हालातों के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कमलनाथ की तत्कालीन सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए घोषित 5 फीसदी महंगाई भत्ता देने का आदेश रद्द करना पड़ा है।

पहले सियासी ड्रामा, फिर कोरोना संकट

जब साल का वित्तीय वर्ष समाप्त हो रहा था। विधानसभा के बजट सत्र की अधिसूचना जारी हो चुकी थी। ऐसे में प्रदेश में सियासी ड्रामा शुरू हो गया। राजनीतिक उठापटक के बीच कमलनाथ सरकार चली गई और भाजपा की सरकार आ गई। इस बीच कोरोना आ धमका। लॉकडाउन के बीच शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना पड़ी। मंत्रिमंडल नहीं गठित हुआ। लॉकडाउन के कारण सभी सरकारी, व्यापारिक तथा राजनीतिक गतिविधियां ठप हो गर्इं। बीस दिन में सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान हो गया। 14 अप्रैल तक कितना नुकसान होगा, कोई अंदाजा लगाने की स्थिति में नहीं है। लॉकडाउन की अवधि और बढ़ने की संभावना है। साफ है, वित्तीय संकट दस्तक दे चुका है। इसके और विकराल होने की संभावना है।

वित्तीय भयावहता, हर तरफ नुकसान

लॉकडाउन के कारण नुकसान की क्या स्थिति है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च के महीने में रजिस्ट्री करने वालों की संख्या 35 से 40 फीसदी से भी कम रही। केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि अटक गई। होटल, रेस्टोरेंट की आमदनी न के बराबर है। सिनेमा हॉल-मॉल सब बंद हैं। सरकार को टैक्स नहीं मिल रहा। छूट के प्रावधान अलग करना पड़ रहे हैं। वाहनों की आवाजाही बंद होने से पेट्रोल और डीजल की खपत न के बराबर है। अर्थात हर तरफ नुकसान ही नुकसान।

दो हजार करोड़ घट सकता है टारगेट

वाणिज्य कर विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 54 हजार 888 करोड़ रुपए कर वसूली का टारगेट तय किया था। इसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका है। कोरोना का असर जमीन-मकान और दुकान की रजिस्ट्री पर दिखाई दे रहा है। रजिस्ट्री से राज्य सरकार को 65 सौ करोड़ राजस्व वसूली की उम्मीद थी लेकिन कोरोना की मार की वजह से इस पर बड़ा अंतर आ गया।

शराब पी गई तीन सौ करोड़

सरकार को शराब की बिक्री से अच्छी खासी आमदनी होती है। कोरोना का असर इस आमदनी पर भी पड़ा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश के बाद शराब की दुकानें बंद हैं। इस वजह से आबकारी विभाग को होने वाली आय घटना तय है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 11 हजार 500 करोड़ रुपए आय का टारगेट तय किया था। अब इसमें 300 करोड़ तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। अर्थात लोग भले शराब नहीं पी रहे लेकिन शराब सरकार की आमदनी पी रही है।

माइनिंग से आय पर बड़ा फर्क

लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य बंद होने का सीधा असर माइनिंग पर पड़ा है। इससे सरकार को होने वाली आय बुरी तरीके से प्रभावित हुई है। जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार से मिलने वाला क्षतिपूर्ति का पैसा राज्य सरकार को नहीं मिला। लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाती है तो हालात और खराब होंगे। शिवराज सिंह कहते हैं, आर्थिक हालात तो ठीक हो जाएंगे लेकिन अभी लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। इस आधार पर वे लॉक डाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं।

शिवराज के सामने एक साथ कई चुनौतियां

रबी फसल की खरीदी एक अप्रैल से शुरू होती है। लॉकडाउन के कारण सरकार ने यह 15 अप्रैल से शुरू करने का फैसला किया। लॉकडाउन बढ़ा तो इसमें परेशानी आएगी। इसके लिए भी सरकार को करोड़ों रुपए की जरूरत होगी। कमलनाथ ने समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी करने की मांग भी की है। ऐसे में सरकार के सामने अपने मौजूदा वित्तीय संसाधनों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की बड़ी चुनौती है। कोरोना के कारण पैदा संकट से प्रदेश कब तक उबर पाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।

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भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के डिरेक्टर आईएएस कोरोना से संक्रमित हुए

भोपाल। स्वास्थ्य विभाग में संचालक आईएस को कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। जहाँ पर उनका उपचार किया जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार भोपाल के एक आईएएस डॉ. जे विजय कुमार को कोरोना से पॉज़िटिव पाएं जाने से मंत्रालय में हड़कंप मच गया हैं। यह अधिकारी राजधानी प्रसिद्ध निजी अस्पताल चिरायु में भर्ती किया गया है।

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बढ़ सकता है #कोरोना ग्रसित तब्लीगियों का

दिल्ली। नियमों और निर्देशों को ताक में रखकर तब्लीगी जमात के कार्यक्रमों में शामिल होने और देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना संक्रमण फैलाने के दोषी 960 विदेशियों का वीजा रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने इन विदेशियों को काली सूची में डालते हुए उनके लिए देश के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर दिए हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पर्यटन वीजा पर भारत आने के बाद तब्लीगी गतिविधियों में शामिल होकर इन लोगों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है और इस वजह से उनका मौजूदा वीजा रद्द कर दिया गया है।

इसके साथ ही इन लोगों ने कोरोना आपदा के दौरान बड़ी संख्या में एकजुट नहीं होने के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है। इस वजह से इन सभी के भविष्य में भारत में प्रवेश पर रोक लगाते हुए उनको काली सूची में डाल दिया गया है। वीजा रद्द होने और काली सूची में शामिल होने के साथ ही इन विदेशी तब्लीगियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सकता है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस सहित सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को इन विदेशी तब्लीगियों के खिलाफ विदेशी कानून और आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इन कानूनों के अंतर्गत उनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बुधवार को कैबिनेट सचिव के सख्त निर्देश के बाद पूरे देश में 9,000 तब्लीगियों और उनसे संबंधित लोगों की पहचान कर उनको आइसोलेशन में रखा गया है। यही नहीं, देश में 328 नए मामले सामने आने के साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 1,965 हो गई है इनमें तब्लीग से जुड़े ग्रसित मरीजों की संख्या ही 400 है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक कई अन्य तब्लीगियों का टेस्ट किया जा रहा है और उनमें कोरोना से ग्रसित होने वालों की संख्या बढ़ सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक तब्लीगी जमात से संबंधित तमिलनाडु में 173, राजस्थान में 11, अंडमान निकोबार में नौ, दिल्ली में 47, पुडुचेरी में दो, जम्मू-कश्मीर में 22, तेलंगाना में 33, आंध्र प्रदेश में 67 और असम में 16 लोग कोरोना से ग्रसित पाए गए हैं।

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