सरकार उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगी-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ऐलान किया कि उनकी सरकार उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगी। उन्होंने कहा कि हमने फरवरी में ही जनता से वादा किया था कि यदि दोबारा हमारी सरकार बनी तो हम राज्य में यूसीसी लेकर आएंगे। धामी ने कहा कि हम अन्य राज्यों से भी अपेक्षा करेंगे कि वे भी अपने यहां यूसीसी लागू करें। बता दें कि उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में बीजेपी को प्रचंड जीत दिलवाने वाले धामी खुद अपना चुनाव हार गए थे, फिर भी पार्टी नेतृत्व ने उनके ऊपर भरोसा जताया और राज्य की कमान एक बार फिर उनके हाथ में दी।

धामी ने ऐलान किया कि उनकी सरकार उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगी।

आज मंत्रिमंडल में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया है: पुष्कर सिंह धामी

धामी ने कहा कि अन्य राज्यों से भी हम अपेक्षा करेंगे कि वहां पर भी इसे लागू किया जाए।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ऐलान किया कि उनकी सरकार उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगी। उन्होंने कहा कि हमने फरवरी में ही जनता से वादा किया था कि यदि दोबारा हमारी सरकार बनी तो हम राज्य में यूसीसी लेकर आएंगे। धामी ने कहा कि हम अन्य राज्यों से भी अपेक्षा करेंगे कि वे भी अपने यहां यूसीसी लागू करें। बता दें कि उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में बीजेपी को प्रचंड जीत दिलवाने वाले धामी खुद अपना चुनाव हार गए थे, फिर भी पार्टी नेतृत्व ने उनके ऊपर भरोसा जताया और राज्य की कमान एक बार फिर उनके हाथ में दी।

धामी ने देहरादून में कहा, ‘आज नई सरकार का गठन होने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। 12 फरवरी 2022 को हमने जनता के समक्ष संकल्प लिया था कि हमारी सरकार का गठन होने पर हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लेकर आएंगे। आज हमने तय किया है कि हम इसे जल्द ही लागू करेंगे। हम एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाएंगे और वह कमेटी इस कानून का एक ड्राफ्ट तैयार करेगी और हमारी सरकार उसे लागू करेगी। आज मंत्रिमंडल में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया है। अन्य राज्यों से भी हम अपेक्षा करेंगे कि वहां पर भी इसे लागू किया जाए।

    'No new videos.'

हम्पी भारत के सात आश्चर्य में क्यों है जाने !

हम्पी, दक्षिणी भारत के एक पुराने शहर विजयनगर में स्थित एक छोटा सा गांव है. संस्कृत में, विजयनगर का मतलब “जीत का नगर” होता है. 1336 से 1565 तक, यह शहर विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था. … इसके बाद, 1986 में इस प्राचीन शहर को यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित कर दिया गया.

हम्पी ऐतिहासिक स्थल कर्णाटक में http://www.campus-live.in/

हम्पी मध्यकालीन हिंदू राज्य विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी। तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित यह नगर अब हम्पी (पम्पा से निकला हुआ) नाम से जाना जाता है और अब केवल खंडहरों के रूप में ही अवशेष है। इन्हें देखने से प्रतीत होता है कि किसी समय में यहाँ एक समृद्धशाली सभ्यता निवास करती होगी। भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित यह नगर यूनेस्को के विश्व के विरासत स्थलों में शामिल किया गया है।[1] हर साल यहाँ हज़ारों की संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री आते हैं। हम्पी का विशाल फैलाव गोल चट्टानों के टीलों में विस्तृत है। घाटियों और टीलों के बीच पाँच सौ से भी अधिक स्मारक चिह्न हैं। इनमें मंदिर, महल, तहख़ाने, जल-खंडहर, पुराने बाज़ार, शाही मंडप, गढ़, चबूतरे, राजकोष…. आदि असंख्य इमारतें हैं।

हम्पी में विठाला मंदिर परिसर निःसंदेह सबसे शानदार स्मारकों में से एक है। इसके मुख्य हॉल में लगे ५६ स्तंभों को थपथपाने पर उनमें से संगीत लहरियाँ निकलती हैं। हॉल के पूर्वी हिस्से में प्रसिद्ध शिला-रथ है जो वास्तव में पत्थर के पहियों से चलता था। हम्पी में ऐसे अनेक आश्चर्य हैं, जैसे यहाँ के राजाओं को अनाज, सोने और रुपयों से तौला जाता था और उसे गरीब लोगों में बाँट दिया जाता था। रानियों के लिए बने स्नानागार मेहराबदार गलियारों, झरोखेदार छज्जों और कमल के आकार के फव्वारों से सुसज्जित होते थे। इसके अलावा कमल महल और जनानखाना भी ऐसे आश्चयों में शामिल हैं। एक सुंदर दो-मंजिला स्थान जिसके मार्ग ज्यामितीय ढँग से बने हैं और धूप और हवा लेने के लिए किसी फूल की पत्तियों की तरह बने हैं। यहाँ हाथी-खाने के प्रवेश-द्वार और गुंबद मेहराबदार बने हुए हैं और शहर के शाही प्रवेश-द्वार पर हजारा राम मंदिर बना है

साम्राज्य की राजधानी बनने से कई सालों पहले भी विजयनगर एक पवित्र और ज़रूरी शहर माना जाता था. तुंगभद्रा नदी के किनारे कई मंदिर हुआ करते थे. इस शहर को पवित्र इसलिए भी माना जाता था क्योंकि कुदरत ने इसे अनोखी और असाधारण खूबसूरती से नवाज़ा था.

हम्पी के आसपास मौजूद ग्रेनाइट पहाड़ियों की गिनती दुनिया के सबसे पुराने पत्थरों में की जाती है. करोड़ों सालों में ग्रेनाइट के बड़े-बड़े पत्थरों ने घिस-घिस कर छोटी पहाड़ियों का रूप ले लिया है. इनमें से कई पहाड़ियां, एक के ऊपर एक पड़े पत्थरों से बनी हैं. इस मंदिर के अवशेष हेमकूट पहाड़ी की चोटी पर पाए जाते हैं.

    'No new videos.'

ये जगह है भारत के सात आश्चर्य

श्रवणबेलगोला (Shravanabelagola) भारत के कर्नाटक राज्य के हासन ज़िले में स्थित एक नगर है। यह एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ है। कन्नड़ में ‘वेल’ का अर्थ होता है श्वेत, ‘गोल’ का अर्थ होता है सरोवर। शहर के मध्य में एक सुंदर श्वेत सरोवर के कारण यहां का नाम बेलगोला और फ़िर श्रवणबेलगोला पड़ा .

श्रवणबेलगोला दो पहाड़ियों – विंध्यगिरि और चंद्रगिरि – के मध्य स्थित है। विंध्यगिरि पर 7 तथा चंद्रगिरि पर 14 जैन मंदिर हैं। एक श्री बाहुबली स्वामी का मंदिर है। यह banglore से १५८ कि॰मी॰ दूर स्थित है।मौर्य चन्द्र गुप्त  के विस्तृत राज्य की जानकारी तमिल ग्रंथ अहनानूर तथा मुरनानूर से प्राप्त होती है। जैन ग्रंथों के अनुसार अपने जीवन के अंतिम समय में चंद्रगुप्त मौर्य ने जैन परंपरा के अनुसार श्रवणबेलगोला में अपने शरीर का त्याग कर दिया।

    'No new videos.'

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, अब निजी वाहनों को नहीं देना होगा टोल टैक्स!

मध्य प्रदेश सरकार  (MP Government) ने टोल टैक्स (Toll Tax Free) को लेकर बड़ा फैसला लिया है।  सरकार ने निजी वाहनमालिकों को बड़ी राहत दी है। इसके तहत अब नई सड़कों पर निजी वाहनों से टोल टैक्स (Private Vehicles is Toll Tax Free ) नहींवसूला जाएगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने टोल टैक्स संबंधी नीति में बदलाव किए है।आगामी चुनाव से पहले यह सरकार काबड़ा फैसला माना जा रहा है। दरअसल, मप्र प्रदेश सरकार ने निजी वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए टोल टैक्स संबंधी नीति (Toll Tax Policy) में नए प्रावधान किए है, जिसके तहत अब छोटे वाहनों से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। खास बात ये है कि यह सुविधाराज्य सड़क विकास निगम द्वारा बिल्ड आपरेट एंड ट्रांसफर की बनाई जाने वाली नई सड़कों पर सुविधा मिलेगी।

नई नीति के तहत तय किया गया है कि बिल्ड आपरेट एंड ट्रांसफर BOT (एजेंसी सड़क बनाकर टोल लेती है और निश्चित अवधि केबाद मप्र सरकार को देती है) की सड़क हो या फिर एन्यूटी पद्धति (एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण करने के बाद उसे समान किस्तों में लागतराशि दी जाती है) पर बनने वाली सड़क हो, दोनों शर्तों में निजी वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।

    'No new videos.'

नए केंद्रीय बजट में मध्यमवर्गीय फिर मायूस ,खोदा पहाड़ निकली चुहिया

केन्द्रीय बजट 2022*एक नज़र में……..
१) आयकर की स्लेब/ दर पूर्णतः अपरिवर्तित , नया कोई कर भार नहीं ।

२) आयकर विवरणी कीं ग़लतियों को दो साल तक सुधार कर विवादों से बचा जा सकता है ।
३) क्रिप्टो करेंसी की आय पर ३०% टैक्स, १ प्रतिशत टीडीएस भी
४) डिजीटल करेंसी शुरू होगी, ३० प्रतिशत कर होगा आय पर
५)दिव्यांग के माता पिता को कर में छुट के प्रावधान
६)सहकारी समितियों पर कर अभिलाभ में राहत
७) छापे में प्राप्त नक़द राशि पुरी तरह से ज़ब्त होगी ।
७) स्टार्टअप को प्रोत्साहन
८) कर्मचारियों को पैशन पर टैक्स में राहत
९) समान तय क़ानूनी पांईट पर विभागीय सेकंड अपील न करने की बात स्वीकार ।
१०) पूँजी लाभ अभिभार में कुछ राहत ।
११) आगामी २५ वर्षों की दुरदर्शिता से जुड़ा बजट
१२)चमड़ा,कपड़ा, खेती सामान, हीरे के गहने , जुते चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते, विदेशी छाते मंहगे ।
१३) विकास की कई योजनाओं का घ्यान बजट में
१४) रोज़गार उन्मुख्त बजट
१५) ६० लाख नई नौकरी का घ्यान
१६) निजी निवेश को बढ़ावा
१७) विकास की दुरदृष्टी का बजट, २५ हज़ार कि मी के हाय वे बनेंगे, १० गतिशक्ति टर्मिनल,
६० कि मी के ८ रोप वे, ३ वर्ष में ४०० वन्दे भारत ट्रेन
१८) १३० लाख का अतिरिक्त क़र्ज़ एम एस ई सेक्टर को
१९) राष्ट्रीय विकास को समर्पित बजट, लोभ लुभावन व रेवड़ी बाटने वाला बजट नहीं
२०) अधोसंरचना, पूँजी विकास का बजट
२१) ७५० नई ई लैब्स
२२) शिक्षा को बढ़ावा, डिजीटल यूनिवर्सिटी, १-१२ कक्षा तक क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई
….,,,,.. विकासशील बजट… स्वागत योग्य
🙏🙏

    'No new videos.'