टेलीमेडिसिन सुविधा से घर बैठे होगा इलाज*

*व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के माध्यम से ले सकेंगे परामर्श ,आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल मोबाइल यूनिट घर पहुंचकर करेगी जांच*

       वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जब संपूर्ण देश करोना महामारी के संकट के दौर से गुजर रहा है, हर एक व्यक्ति को घर पर रहने की सलाह दी गई है। जिससे कि सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात सामाजिक दूरी बनाई जा सके एवं कोरोना के संक्रमण को रोका जा सके।

सोशल डिस्टेंसिंग तथा व्यक्तियों के घरों में रहने के उद्देश्य को सार्थक करने के लिए जिला प्रशासन ने इंदौर में टेलीमेडिसिन सुविधा की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत *74892 44895* नंबर पर व्हाट्सएप वॉइस कॉल अथवा वीडियो कॉल के द्वारा एक्सपर्ट चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि, कोरोना के चलते लोगों के मन में भय की स्थिति भी है। तथा सामान्य सर्दी खांसी होने पर भी लोगों को तो कोरोना का भय सता रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए टेलीमेडिसिन सुविधा द्वारा व्यक्तियों की सर्दी, खांसी, जुकाम आदि के लक्षण देखकर आवश्यक परामर्श दिया जा सकेगा। ऐसी स्थिति जहां व्यक्ति को समक्ष में परामर्श आवश्यक है,
वहां मेडिकल मोबाइल यूनिट द्वारा संबंधित के घर पहुंच कर भी सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने बताया इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर में रहने के लिए प्रेरित करना तथा सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना है।

    'No new videos.'

डेबिट और क्रेडिट कार्ड में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा निष्क्रिय होगी.

अब तक डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी होते ही लोग उसका इस्तेमाल ऑनलाइन लेन-देन के लिए कर सकते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियम के मुताबिक़ 16 मार्च, 2020 से ज़ारी होने वाले डेबिट और क्रेडिट कार्ड में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा डिसेबल (निष्क्रिय) होगी.

ग्राहकों को सुविधा दी जाएगी लेकिन इस सुविधा को उन्हें इनेबल (सक्रिय) कराना होगा.

नए कार्ड में सिर्फ़ दो सुविधाएं पहले से दी जाएंगी – एक एटीएम से पैसे निकालना और दूसरा प्वाइंट ऑफ़ सेल (पीओएस) डिवाइसेज पर इस्तेमाल करना (जिसे आम भाषा में कार्ड स्वाइप से भुगतान करना कहते हैं)

इसी तरह से अभी तक जिन डेबिट और क्रेडिट कार्ड धारकों ने अपने कार्ड का इस्तेमाल किसी ऑनलाइन लेन-देन के लिए नहीं किया है तो उनकी ये सुविधा भी डिसेबल हो जाएगी. उन्हें इसे इनेबल या चालू कराना होगा.

ग्राहक अपनी इच्छा से कभी भी ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा को चालू या बंद करा सकता है.

जो ग्राहक ऑनलाइन लेन-देन करते रहते हैं उनकी सुविधा चालू रहेगी लेकिन उनके पास इसे जब चाहे बंद कराने और चालू करने का विकल्प मौजूद रहेगा.

लेकिन ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा के लिए ग्राहकों को तीन विकल्प दिए जाएंगे. पहला कार्ड नॉट प्रेजेंट (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) लेने-देन, दूसरा कार्ड प्रेजेंट (अंतरराष्ट्रीय) लेने-देन और तीसरा संपर्क रहित लेनदेन.

कार्डधारक इन सुविधाओं को इनेबल या डिसेबल करा सकते हैं. आप इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (आईवीआर), एटीएम के ज़रिए 24 x7 ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा को इनेबल या डिसेबल करा सकते हैं. ये सुविधा बैंक शाखाओं / कार्यालयों के स्तर पर भी उपलब्ध कराई जा सकती है.

    'No new videos.'

विदेशो से वापस लौट रहे भारतीयों को चौदह दिनों तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.

भारत सरकार ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए मंगलवार को कई तरह के यात्रा प्रतिबंधों की घोषणा की है. भारतीय नागरिकों से भी ग़ैर-ज़रूरी यात्राएं न करने के लिए कहा गया है. पंद्रह अप्रैल तक वीज़ा भी रद्द कर दिए गए हैं.

भारत सरकार ने पंद्रह अप्रैल तक सभी वीज़ा को रोक दिया है. इसमें राजनयिक, आधिकारिक, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, रोज़गार और प्रोजेक्ट वीज़ा को छूट दी गई है. वीज़ा पर ये रोक 13 मार्च मध्यरात्रि 12 बजे से लागू हो जाएगी.

वहीं ओसीआई खाताधारकों को दी गई वीज़ा मुक्त यात्रा की सुविधा भी पंद्रह अप्रैल तक निलंबित रहेगी. हालांकि जो विदेशी भारत में मौजूद हैं उनके वीज़ा वैध रहेंगे.

वो सभी यात्री जो कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों चीन, इटली, ईरान, उत्तर कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से होकर भारत आ रहे हैं, इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, को न्यूनतम चौदह दिन तक अलग-थलग रहना होगा. ये भी 13 मार्च मध्यरात्रि बारह बजे से लागू होगा.

यही नहीं भारत आ रहे सभी लोगों को भारत के भीतर ग़ैर-ज़रूरी यात्रा न करने की सलाह दी गई है और उन्हें भी चौदह दिन तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.भारत सरकार ने कहा है कि विदेश जा रहे सभी भारतीय नागरिकों को सख़्ती से सलाह दी जा रही है कि वो बेहद ज़रूरी न होने पर यात्रा न करें. वापस लौटने पर उन्हें भी कम से कम चौदह दिनों तक अलग-थलग करके रखा जा सकता है.

    'No new videos.'

: कई महीनों से राहुल से मिलना चाहते थे सिंधिया, लेकिन नहीं दिया गया समय

 

कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर उनके एक करीबी नेता ने बड़ा खुलासा किया। त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और सिंधिया परिवार के करीबी प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने दावा किया कि ज्योतिरादित्य को राहुल गांधी से महीनों से मिलने का मौका नहीं दिया गया। प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि मुझे पता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया महीनों से राहुल गांधी से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हे मिलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि अगर वे हमें नहीं सुनना चाहते थे, तो हमें पार्टी में क्यों लाया गया।

प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने फेसबुक पोस्ट लिख दावा किया कि मैंने देर रात ज्योतिरादित्य सिंधिया से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने इंतजार किया और इंतजार करते रहे, लेकिन उनके द्वारा हमारे नेता को कोई भी अप्वाइंटमेंट नहीं मिली। उन्होंने यह भी लिखा कि कांग्रेस पार्टी को देखकर दुख होता है। हम सभी सोचते हैं कि अगले एक दशक में पार्टी अपने सभी युवा नेताओं को खो देगी।

    'No new videos.'

1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी बने

राज्य शासन ने आज एक आदेश जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी एम गोपाल रेड्डी को मुख्य सचिव कार्यालय में ओएसडी पदस्थ किया है।

इसी के साथ गोपाल रेड्डी का प्रदेश का अगला मुख्य सचिव बनने का रास्ता साफ हो गया है और अब यह तय हो गया है कि वही अगले मुख्य सचिव होंगे।

वर्तमान मुख्य सचिव सुधी रंजन मोहंती इसी माह अंत में रिटायर हो रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्हें विद्युत नियामक आयोग का चेयरमैन बनाया जाए

    'No new videos.'

इंदौर जिले में आगामी सभी त्यौहार एवं पर्व गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिलजुल कर मनाये जायेंगे

इंदौर जिले में आगामी सभी त्यौहार एवं पर्व मिलजुल कर गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मनाये जायेंगे। शांति सद्भाव एवं एकता की गौरवशाली परम्परा को हर हाल में कायम रखा जायेगा। आयोजनों में डीजे का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

ये निर्णय आज यहां कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में लिये गये। बैठक में डीआईजी श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र, एसपी द्वय श्री मोहम्मद युसूफ कुरैशी एवं श्री महेशचन्द्र जैन, अपर कलेक्टर श्री दिनेश जैन तथा श्री बीबीएस तोमर सहित अन्य अधिकारी एवं शांति समिति के सदस्यगण मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि आगामी मई माह तक विभिन्न धर्मों के 12 त्यौहार एवं पर्व प्रमुख रूप से मनाये जायेंगे। इन त्यौहारों एवं पर्वों के दौरान प्रशासनिक, पुलिस एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक में चर्चा की गयी। बैठक में इंदौर की रंगारंग गैर को यूनेस्को की सूची में शामिल करवाने के लिये जिला प्रशासन विशेषकर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की समवेत स्वर से सराहना की गयी। बैठक में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव ने कहा कि इंदौर की गौरवशाली परम्परा को हर हाल में कायम रखा जायेगा। होली एवं रंगपंचमी के लिये प्राकृतिक रंग एवं गुलाल की बिक्री के नये केन्द्र खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि अभी परीक्षाओं का समय है। ऐसे समय में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का पूर्ण पालन किया जाये। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान सामाजिक समरसता के वातावरण को बनाया रखा जाये। यह प्रयास किया जाये कि त्यौहार अलग-अलग नहीं बल्कि मिल-जुलकर सामुहिक रूप से मनाये जायें। उन्होंने त्यौहारों के दौरान की जाने वाली प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।

बैठक में डीआईजी श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र ने त्यौहारों के दौरान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। शांति समिति की बैठकें थाना स्तर पर भी होंगी। उन्होंने कहा कि आयोजनों के दौरान अभद्रता एवं फुहड़ता नहीं की जाये। डीजे का उपयोग भी पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

बैठक में बताया गया कि त्यौहारों के दौरान पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश आदि की समुचित व्यवस्था रहेगी। परम्परागत आयोजनों को ही अनुमति दी जायेगी। होलिका दहन की अनुमति थाना/सीएसपी स्तर से मिलेगी। आयोजन के लिये अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेना होंगे। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी संयुक्त भ्रमण नियमित करेंगे। बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

    'No new videos.'

जबलपुर कलेक्ट्रेट में वेब जीआईएस का शुभारंभ

मध्यप्रदेश शासन की पहल के तहत आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त के निर्देशानुसार जिला स्तर पर भूअभिलेख द्वारा संचालित विभिन्न वेबसाइट में आने वाली समस्याओं के जिला स्तर पर निराकरण हेतु कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थापित जिला वेब जीआईएस सेल का शुभारंभ आज सोमवार को कलेक्टर श्री भरत यादव द्वारा किया गया।किसानों को एमपी ऑनलाइन कियोस्क  से उनकी भूमि के खसरे खाते सहित अन्य भूअभिलेख की प्रतियां प्रदान करने की शुरुआत भी इसी दौरान कलेक्टर  श्री यादव ने की। इस अवसर पर मौजूद किसानों को उन्होंने भू-अभिलेख की नकलें भी प्रदान की। वेब जीआईएस सेल के उद्घाटन के अवसर पर अधीक्षक भूअभिलेख ललित ग्वालवंशी, अधीक्षक भूअभिलेख (नजूल) श्रीमती निधि मार्को एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    'No new videos.'

जाने क्यों आईएएस अधिकारी स्मिता ” जनता की अधिकरी” के नाम से जानी जाती है

सिविल सेवा परीक्षा में पुरुषों की तरह महिलाएं भी पीछे नहीं है। बहुत बार तो महिला अधिकारी अपने दबंग अंदाज और हटकर काम करने के अंदाज को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। ऐसे ही बहुत सी महिला सिविल सेवक हैं जिन पर हर देशवासी को गर्व है।

ये वंडर वुमेन न सिर्फ अपने काम को लेकर बल्कि अफसर बनने के अपने संघर्ष को लेकर भी लोगों का सम्मान पाती हैं।

तेलांगना की एक महिला अफसर हैं जो ‘जनता की अधिकारी’ कही जाती हैं। उनके काम करने का अंदाज थोड़ा हटके है।

देश की सबसे युवा आईएएस अधिकारी का खिताब भी उनको हासिल है। IAS-IPS सक्सेज स्टोरी में आज हम आपको महज 22 साल की उम्र में अफसर बनीं स्मिता सभरवाल के संघर्ष और चुनौतियों के बारे में बताएंगे।

19 जून 1977 को जन्मी स्मिता पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की रहने वाली हैं। उनके पिता रिटायर सेना अधिकारी कर्नल प्रणब दास हैं। उनकी मां का नाम पुरबी दास है। पिता के आर्मी में रहने की वजह से स्मिता अलग-अलग शहरों में पली-बढ़ी हैं। पिता के रिटायरमेंट के बाद सभी हैदराबाद में सेटल हो गए। वहीं, स्मिता की स्कूलिंग हुई। 12 वीं में स्मिता ISC टॉपर रहीं। इसके बाद कॉमर्स स्ट्रीम से उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है।

स्मिता के माता-पिता ने आईसीएसई स्टैंडर्ड को टॉप करने के बाद अपनी बेटी को सिविल सर्विस में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। स्मिता ने जब सिविल सेवा की पढ़ाई शुरू की तो पहली बार में उन्हें असफलता हाथ लगी और वो प्रीलिम्स भी नहीं क्लियर कर पाई थीं। पर उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से कड़ी मेहनत के साथ कोशिश की।

और वो दिन भी आया जब वो यूपीएससी का पेपर पास करने वाली सबसे कम उम्र की स्टूडेंट बनीं। साल 2000 में अपने दूसरे प्रयास में, उन्होंने न केवल परीक्षा पास की बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया 4th रैंक हासिल की। यूपीएसससी में टॉप करके मां-बाप का नाम रोशन किया।

स्मिता ने पहले तेलंगाना कैडर के आईएएस की ट्रेनिंग ली और नियुक्ति के बाद वह चितूर में सब-कलेक्टर रहीं। वो कडप्पा रूरल डेवलपमेंट एजेंसी की प्रोजेक्ट डायरेक्टर,वारंगल की नगर निगम कमिश्नर और कुरनूल की संयुक्त कलेक्टर रही हैं।

    'No new videos.'

डोनाल्ड का ट्विटर हुआ वायरल …भारत की लोकप्रियता ने ट्रम्प को बनाया हीरो

भारत यात्रा के लिए रवाना होने से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत में अपने दोस्तों से मिलने के लिए आशान्वित हूं.

लेकिन बात सिर्फ़ इतनी भर नहीं थी. उन्होंने ये बात एक ट्वीट के जरिए कही और साथ में एक वीडियो भी रीट्वीट किया जिसमें उन्हें ‘बाहुबली’ के तौर पर पेश किया गया था.

ट्रंप के ट्वीट के बाद ट्विटर पर इस वीडियो को लेकर हंगामे जैसी स्थिति बन गई.

इसका अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वीडियो ट्वीट होने के 24 घंटे के भीतर 18 लाख से ज़्यादा लोग इसे देख चुके हैं.

    'No new videos.'

अपनी इच्छा से कोई भी महिला बन सकती है सरोगेट मदर-केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्यसभा की चयन समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद सरोगेसी (विनियमन) विधेयक को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्यसभा सिलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को शामिल करने वाली सरोगेसी विनियमन विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

एक संसदीय पैनल ने सिफारिश की थी कि न केवल करीबी रिश्तेदार, बल्कि अपनी इच्छा से सरोगेसी करने वाली किसी भी महिला को सरोगेट के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए। राज्यसभा की 23 सदस्यीय चयन समिति द्वारा सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019 में सुझाए गए 15 बड़े बदलावों में ‘बांझपन’ की परिभाषा को शामिल करना भी शामिल है।

जावड़ेकर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 96 के तहत जम्मू और कश्मीर के संघ राज्य क्षेत्र में केंद्रीय अधिनियमों के अनुकूलन के लिए एक आदेश जारी करने की मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने लैक्कडिव, मिनिकोय और अमिंडीवि द्वीप समूह भूमि राजस्व और किरायेदारी विनियमन, 1965 के संशोधन को मंजूरी दी है। यह लक्षद्वीप के केंद्रशासित प्रदेश (यूटी) में अनुसूचित जनजाति की आबादी को निवास अधिकार प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने भारत और म्यांमार के बीच लकड़ियों की तस्करी, बाघों के सरंक्षण और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ पेट्रोलियम उत्पादों और संचार में सहयोग के लिए तीन समझौते ज्ञापनों पर मंजूदी दी है।

दिल्ली हिंसा पर पीएम, गृह मंत्री और एनएसए की नजर
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली हिंसा को लेकर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल घटना पर नजर बनाए हुए है। गौरतलब हो कि दिल्ली हिंसा में अब तक 21 लोगों की मौत हो गई है और 189 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    'No new videos.'