आम आदमी पार्टी की जीत का क्या है मंत्र…?

आम आदमी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ हो गई है. बीजेपी को उन्हीं का ‘करंट’ ज़ोर से लगा है.

अब बीजेपी कह रही है, “विजय से हम अहंकारी नहीं होते और पराजय से हम निराश नहीं होते”. हालांकि भाजपा का प्रदर्शन 2015 के मुक़ाबले बेहतर ज़रूर हुआ.

कांग्रेस को चुनाव पहले हथियार डालने का पूरा सिला मिला. आम आदमी पार्टी के 50 से ज्यादा रोड शो के मुकाबले में अमित शाह ने 40 से ज्यादा सभाएं की. वहीं राहुल और प्रियांका ने केवल चार रैलियां की.

क्या इन्हीं रोड शो में छिपा है आम आदमी पार्टी के प्रचंड जीत का राज़ या फिर पर्दे के पीछे की रणनीति ने भी किया है कमाल.

अगस्त, 2019 में दिल्ली सरकार ने बिजली की 200 यूनिट मुफ़्त देने की घोषणा की थी यानी 200 यूनिट तक ख़र्च करने पर बिजली का बिल ज़ीरो आएगा.

पानी की बात करें तो इस समय दिल्ली सरकार 20 हज़ार लीटर तक पानी मुफ़्त दे रही है. आख़िर के छह महीने में दिल्ली सरकार ने 400 से ज़्यादा मोहल्ला क्लिनिक खुलवाएं, स्कूलों में 20 हज़ार नए कमरे बनवाने का दावा भी किया.

आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए अपने काम गिनाए. इसी पर उन्होंने अपना नारा भी बुलंद किया, ‘मेरा वोट काम को,सीधे केजरीवाल को’

दिल्ली की जनता को इन योजनाओं का पूरा लाभ मिला. चुनाव के नतीजे इस बात को साबित भी करते हैं.

धूम्रपान छोड़ दो , फेफड़े ठीक हो जायेंगे ..

वैज्ञानिकों का कहना है कि आपके फेफड़ों में लगभग ‘जादुई’ क्षमता है जो धूम्रपान से हुए कुछ नुक़सान को ख़ुद-ब-ख़ुद ठीक कर देते हैं.

फेफड़ों के कैंसर को जन्म देने वाले म्यूटेशंस को स्थाई माना जाता है और धूम्रपान छोड़ने के बाद भी समझा जाता है कि यह वहीं रहता है.

लेकिन नेचर में छपे शोध के अनुसार, कुछ सेल्स फेफड़ों को हुए नुक़सान को ठीक कर देते हैं.

इन प्रभावों को उन मरीज़ों में भी देखा गया है जो धूम्रपान छोड़ने से पहले 40 सालों तक रोज़ाना एक पैकेट सिगरेट पिया करते थे.

धूम्रपान करते समय तंबाकू में ऐसे हज़ारों रासायन होते हैं जो फेफड़ों के सेल के डीएनए को तबदील करते हैं और उसे धीरे-धीरे स्वस्थ से कैंसर बनाते हैं.

इस शोध में यह भी पता चला है कि कैंसर होने पर भी धूम्रपान करने वाले के फेफड़ों में यह बड़े स्तर पर होता है.

धूम्रपान करने वाले शख़्स के फेफड़ों से एयरवेज़ से ऐसे सेल्स लिए गए जो तंबाकू से परिवर्तित हुए थे, इनमें 10,000 आनुवंशिक तब्दीलियां थीं.

यूसीएल की शोधकर्ता डॉक्टर केट गोवर्स कहती हैं, “इनको एक छोटा बम समझा जा सकता है जो अगले क़दम का इंतज़ार कर रही हैं जो कैंसर में बदल सकते हैं.”

लेकिन सेल्स का एक छोटा हिस्सा तब्दील नहीं होता है.

धूम्रपान से होने वाला आनुवंशिक बदलाव क्यों होता है यह अभी साफ़ नहीं लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि ‘वो परमाणु बंकर’ जैसे लगते हैं.

Why Language Insufficiency is not a small problem

“Clear thinking leads to clear communication. More important than the name of language we use, is the quality of language”, said Mrs. Sandeepa Jayaswal, head of the Department of Humanities. She was speaking to students in workshop on Soft skills at IPS Academy where eminent speakers conducted a two days workshop on Communicative English.

“Four pillars for good career are – professional qualification, good language, job-relevant skills, and experience”, said Mrs. Archana Choudhary, Principal IES. “Language, in strict sense cannot be taught; it can only be learned. Unfortunately youngsters give either too much importance to name of language and too little importance to the quality of language. Then when it comes by 2020.

Dr Deepa Vanjani and Dr. Dr Evelyn R Gaikwad stressed upon language acquiring system of today. It is perhaps the motivating factor that combines ‘organic’ process with trained mentorship and technological support, identifying levels of language learning with stress on enhancement of quality of language. The techniques for Communicative English are developed in such a way that learning happens as naturally and continuously as breathing, stated Anand Ingle and Neha Singh during the commencement of the workshop.

तकनीक केवल साधन बनाने तक सीमित नहीं

जाने-माने अमरीकी अनुसंधानकर्ता रेमंड कुर्ज़विल ने इस सदी की शुरुआत में कहा था कि तकनीक केवल साधन बनाने तक सीमित नहीं है, ये एक प्रक्रिया है जो पहले से अधिक ताकतवर तकनीक को जन्म देती है.

उनका कहना था कि तकनीक के विकास की गति, एक दशक में कम से कम दोगुनी होगी. आज तकनीक जिस मुकाम पर पहुंच चुकी है, उससे साबित होता है कि उनका कहना ग़लत नहीं था.

लेकिन तेज़ी से होते तकनीक के विकास के साथ इसके बेक़ाबू हो जाने का डर भी उतनी ही तेज़ी से फैला है. वैज्ञानिकों और जानकारों में तकनीक से प्रेरित अनजान भविष्य का डर और उस पर चर्चा कोई नई बात नहीं है.

गूगल और एल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने बीते सप्ताह कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है.

बीते सप्ताह उनका एक लेख फाइनेन्शियल टाइम्स में छपा, जिसमें उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर नियमों का बनाया जाना ज़रूरी है. हम नई तकनीक पर लगातर काम करते रह सकते हैं. लेकिन बाज़ार व्यवस्थाओं को उसके किसी भी तरह के इस्तेमाल की खुली छूट नहीं होनी चाहिए.”

स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना क्या है और स्वस्थ भोजन के फायदे क्या-क्या हैं।

खाना’ शरीर की मूलभूत जरूरत से अलग अब लोगों के मन को तृप्त करने वाली चीज बन चुका है। कुछ लोग भूख लगने पर खाते हैं, जबकि कुछ लोग सिर्फ भोजन को चखने के लिए खाते हैं। हालांकि, इन सबके बीच अगर आपसे पूछा जाए कि क्या आप पौष्टिक आहार का सेवन करते हैं, तो हो सकता है कि आप थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ जाएं। यह एक गंभीर विषय है, इसलिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस पर विचार करना जरूरी है।

              मॉडल एवं एक्ट्रेस मेघना कहती है, हेल्थ के लिए proper diet schedule होना जरूरी है , आज कल के stressful life में आपकी थोड़ी सी लापरवाही बहुत सारी हेल्थ इशू क्रिएट कर सकता है l

आइए जानते हैं स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना क्या है और स्वस्थ भोजन के फायदे क्या-क्या हैं।

शुरुआत इस सवाल से करते हैं कि स्वस्थ आहार क्या है? आप में से कई लोगों के मन में यह दुविधा चलती होगी कि आज के वक्त में स्वस्थ भोजन जैसी चीज न के बराबर है और अगर है भी, तो वो शायद स्वाद में अच्छी न लगे। इसलिए, नीचे हम आपको स्वस्थ आहार के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।स्वस्थ आहार का मतलब ऐसे खाद्य पदार्थों से है, जो विटामिन, मिनरल, आयरन, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। आहार जो आपको सेहतमंद और तंदुरुस्त रखने का काम करें और आपको बीमारियों से दूर रखें। स्वस्थ आहार को पांच श्रेणी में बांटा जा सकता है l

  • हरी सब्जियां और फलियां
  • फल
  • मीट-मछली, पोल्ट्री उत्पाद
  • अनाज
  • दूध उत्पाद जैसे – पनीर, दही

वस्थ आहार के फायदे अनेक हैं जिन्हें हम निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से जान सकते हैं –

  • स्वस्थ भोजन करने से न सिर्फ आपका शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि आपका दिमाग भी तेज होता है।
  • स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना खाने से शरीर मजबूत होता है।
  • स्वस्थ आहार हड्डियों को मजबूत रखते हैं।
  • पौष्टिक भोजन गर्भावस्था के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
  • हरी-सब्जियां और फल मोटापा, कैंसर, डायबिटीज, ह्रदय रोग जैसी गंभीर शारीरिक समस्याओं से बचाव करते हैं।। खासकर वो खाद्य पदार्थ जिसमें फ़ाइबर की अधिक मात्रा होती है ।

पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से किडनी स्टोन और ब्लड प्रेशर का खतरा कम हो सकता ह।

जेपी नड्डा बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बने ..

जेपी नद्दा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर देश के सभी लोगो ने बधाई दी है, जेपी नड्डा अमित शाह एवं मोदी जी के करीबी में माने जाते है , पर उसके साथ ही संगठनात्मक क्षमता भी उनमे पाई जाती है l अमित शाह ने आज अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी सौपते हुए कहा ..

“श्री जगत प्रकाश नड्डा जी को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने पर हृदयपूर्वक बधाई। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और आपके नेतृत्व में भाजपा निरंतर सशक्त व और अधिक व्यापक होगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के संगठन कौशल व अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगा और पार्टी नये कीर्तिमान स्थापित करेगी। आपके नेतृत्व में हम सभी भाजपा कार्यकर्ता चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ निरंतर संगठन पथ पर अग्रसर रहेंगे।

अनेकों महानुभावों व महापुरुषों द्वारा बनाए व सींचे इस महान संगठन में 5वर्षों तक मुझे अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का सौभाग्य मिला इसके लिए मैं अपने आप को भाग्यशाली मानता हूँ। हर पल मेरे साथ चट्टान की तरह खड़े करोड़ों कार्यकर्ताओं व शुभचिंतकों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जो स्नेह व समर्थन संगठन से मिला उसके लिए हृदय से कृतज्ञ हूँ। मुझ पर निरंतर विश्वास व्यक्त करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी व सभी वरिष्ठ नेताओं और साथियों का आभार व्यक्त करता हूँ।

वफादार मुसलमान ने बचाई थी महाराणा की जान…

1576 में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच यह युद्ध हुआ. अकबर की सेना को मानसिंह लीड कर रहे थे. बताते हैं कि मानसिंह के साथ 10 हजार घुड़सवार और हजारों पैदल सैनिक थे. लेकिन महाराणा प्रताप 3 हजार घुड़सवारों और मुट्ठी भर पैदल सैनिकों के साथ लड़ रहे थे. इस दौरान मानसिंह की सेना की तरफ से महाराणा पर वार किया जिसे, महाराणा के वफादार हकीम खान सूर ने अपने ऊपर ले लिया और उनकी जान बचा ली. उनके कई बहादुर साथी जैसे भामाशाह और झालामान भी इसी युद्ध में महाराणा के प्राण बचाते हुए शहीद हुए थे.

सारी की सारी जनता थी राणा की सेना

राणा प्रताप का जन्म कुम्भलगढ़ के किले में हुआ था. ये किला दुनिया की सबसे पुरानी पहाड़ियों की रेंज अरावली की एक पहाड़ी पर है. राणा का पालन-पोषण भीलों की कूका जाति ने किया था. भील राणा से बहुत प्यार करते थे. वे ही राणा के आंख-कान थे. जब अकबर की सेना ने कुम्भलगढ़ को घेर लिया तो भीलों ने जमकर लड़ाई की और तीन महीने तक अकबर की सेना को रोके रखा. एक दुर्घटना के चलते किले के पानी का सोर्स गन्दा हो गया. जिसके बाद कुछ दिन के लिए महाराणा को किला छोड़ना पड़ा और अकबर की सेना का वहां कब्ज़ा हो गया. पर अकबर की सेना ज्यादा दिन वहां टिक न सकी और फिर से कुम्भलगढ़ पर महाराणा का अधिकार हो गया. इस बार तो महाराणा ने पड़ोस के और दो राज्य अकबर से छीन लिए.

महाराणा प्रताप की कुल 11 बीवियां थीं और महाराणा की मृत्यु के बाद सबसे बड़ी रानी महारानी अजाब्दे का बेटा अमर सिंह प्रथम राजा बना.

तन्हा जी सुपरहिट १०० करोड़ के बॉक्स में , वही छपाक बुरी तरह धराशायी..

निर्देशक ओम राउत की ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ (Tanhaji: The Unsung Warrior) बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है. अजय देवगन की इस पीरियड ड्रामा फिल्म ने अब तक 90 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है और आज यह 100 करोड़ रुपये के क्लब में प्रवेश करेगी.

बता दें कि बॉक्स ऑफिस के आंकड़ें साफतौर पर बता रहे हैं कि दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक (Chhapaak)’ दर्शकों को ज्यादा पसंद नहीं आई. 35 से 40 करोड़ की बजट में बनी इस फिल्म की स्थिति कुछ ठीक नजर नहीं आ रही.

वहीं, दूसरी तरफ अजय देवगन की फिल्म ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर ‘ बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचाए हुए है. अपने रिलीज के पहले दिन से बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ को देशभर में लोगों का भरपूर प्यार मिलता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘छपाक’ दर्शकों को तरसती नजर आ रही है.

बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार- ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ ने जहां पहले दिन 14.50 करोड़, दूसरे दिन 19.75 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 25.50 करोड़ रुपये की कमाई की थी, तो वहीं चौथे दिन इसके हाथ लगभग 13.50 करोड़ रुपये लगे हैं. इस हिसाब ने ‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ ने चार दिनों में लगभग 73.25 करोड़ रुपये के आंकड़ों को पार करने में सफलता हासिल की है. पांचवे दिन का कलेक्शन 90 करोड़ पार कर गया है.

लम्बे एवं घने बालो को बनाये रखने के लिए ये घरेलू पांच चीजे उपयोगी ..

एक्ट्रेस मेघना कहती है बालो को बेहतर बनाये रखने के लिए घरेलू उपाय ही सबसे बेहतर होता है,चूकि इसमें कोई भी रसायन नहीं होता है इसलिए कोई रिएक्शन होने का डर भी  नहीं रहता है ,

बालों को मजबूत और घना रखना हर किसी की चाह होती है। पर, धूल, मिट्टी और प्रदूषण के कारण बाल बिना वजह गिरने लगते हैं। इसके अलावा कई बार केमिकल वाले प्रोडक्ट के इस्तेमाल की वजह से भी बाल गिरना शुरू कर देते हैं। अगर बालों में मजबती चाहिए तो रसोई में रखी ये पांच चीजें जरूर आपकी मदद करेंगी और बालों को लंबा, घना साथ ही मजबूत बनाएंगी। आगे की स्लाइड में जानिए कौन सी हैं वो पांच चीजें..

मेथी के दानें

रात को सोने से पहले मेथी के दानों को पानी में भिगो दें। सुबह उठकर इसे पीस लें और पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को करीब 40 मिनट के लिए बालों पर लगाएं और फिर धो लें। करीब एक महीने तक ऐसा करने से आपको इसका असर साफ दिखने लगेगा। ये नुस्खा बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। यह न सिर्फ हेयरफॉल को कम करता है बल्कि बालों से जुड़ी और परेशानियों से भी निजात दिलाता है।

आंवला

विटामिन सी से भरपूर आंवला बालों की ग्रोथ के लिए वरदान समान होता है। बालों की समस्या से निजात पाने के लिए एक चम्मच आंवले के गूदे में नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को बालों की जड़ों पर लगाकर सो जाएं और सुबह होने पर शैम्पू कर लें।

प्याज का रस

बालों की समस्या का प्याज सटीक उपाय है। इसके लिए प्याज को घिसकर उसका रस निकालें और इसे स्कैल्प पर आधे घंटे के लिए लगाकर छोड़ दें। आधे घंटे बाद हेयरवॉश कर लें। आप चाहें तो इसमें एलोवेरा जेल या जैतून का तेल भी मिलाकर लगा सकते हैं।

एलोवेरा

एलोवेरा से बाल लंबे और घने होते हैं। आप चाहे तो बालों पर एलोवेरा जेल या इसका जूस लगा सकती हैं। दो से तीन घंटे बाद बालों को गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में तीन-चार बार इसे लगाने से आपको फर्क महसूस होगा।गुड़हल
इसके लिए गुड़हल के फूल और पुदीने की पत्तियों को साथ में पीसकर पानी में मिलाएं और पेस्ट तैयार करें। आधे घंटे के लिए इसे बालों पर लगाएं और फिर अच्छे से धो लें। हफ्ते में दो बार ऐसा करने बाल झड़ना रुक जाते हैं।

फ़िनलैंड के वैज्ञानिक हवा से प्रोटीन बना रहे है ..जानिये

फ़िनलैंड के वैज्ञानिक हवा से प्रोटीन बना रहे हैं. उनका दावा है कि इस दशक में ये सोयाबीन के दामों को टक्कर देगा.

प्रोटीन का उत्पादन मिट्टी के बैक्टीरिया से होता है जो बिजली के ज़रिए पानी से अलग हुए हाइड्रोजन से बनता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर बिजली सौर या हवा की ऊर्जा से बनती है तो ये खाना बनाने में ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन शून्य के बराबर होगा.

अगर उनका सपना सच होता है तो खेती से जुड़ी कई मुश्किलें सुलझाने में दुनिया को काफ़ी मदद मिल सकती है.

जब मैं बीते साल हेल्सिंकी स्थित सोलर फूड के प्लांट गया तो शोधकर्ता इसके लिए फंड जुटा रहे थे.

अब उनका कहना है कि उन्होंने क़रीब 5.5 मिलियन यूरो का निवेश पाने की राह बना ली है. उनका अनुमान है कि बिजली की क़ीमत को देखते हुए इस दशक के अंत तक या साल 2025 तक इसकी लागत भी सोया के उत्पादन में होने वाले खर्च के आसपास होगी.

साभार :- बीबीसी