आज 2 बजे जारी होगा सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं क्लास का रिजल्ट (CBSE Class 12th Result) आज (30 जुलाई) दोपहर 2 बजे जारी होगा. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in या cbse.gov.in पर चेक कर सकेंगे. इस बात की जानकारी सीबीएसई ने ट्वीट कर दी.

इस फॉर्मूला पर तैयार किया गया रिजल्ट

सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट 30:30:40 के फॉर्मूले पर तैयार किया गया है. इसमें 10वीं और 11वीं के मार्क्स को 30-30 प्रतिशत वेटेज और 12वीं क्लास के इंटरनल एग्जाम को 40 प्रतिशत वेटेज दिया गया है. स्टूडेंट्स के 10वीं क्लास के 5 में से बेस्ट 3 पेपर्स के मार्क्स लिए गए हैं. इसी तरह 11वीं क्लास के भी बेस्ट 3 पेपर्स के नंबर लिए गए हैं. वहीं 12वीं क्लास में स्टूडेंट्स के यूनिट, टर्म और प्रैक्टिकल एग्जाम के मार्क्स लिए जाएंगे. जो छात्र रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें एग्जाम देने का मौका दिया जाएगा. हालांकि इसके लिए कोरोना वायरस की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना पड़ेगा.

इस वर्ष संपत्ति गाइड लाइन की दरो में कोई वृद्धि नहीं -सीएम शिवराज सिंह

मध्यप्रदेश शासन ने आमजनो को राहत देने के उद्देश्य से इस वर्ष संपत्ति की गाइडलाइन की दरों में वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है। इस वर्ष मौजूदा गाइडलाइन से ही संपत्ति की खरीद और ब्रिक्री होगी। साथ ही 5,000 ऐसे स्थान जहां दरें निधारित नहीं थीं वहां दरें निर्धारित की जाएंगी:

Tourist Spot पर लोगों का जमावड़ा COVID-19 महामारी की तीसरी लहर को न्योता देगा.

कोरोना (Corona) की तीसरी लहर (Third Wave) की आशंका के बीच एक चिंताजनक खबर आई है. एक सर्वे में सामने आया है कि 28 प्रतिशत भारतीय अगस्त-सितंबर के महीने में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं. इसी दौरान रक्षाबंधन (Rakshabandhan) जैसा प्रमुख त्‍योहार भी आएगा. लोकल सर्कल्‍स ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म द्वारा किए गए सर्वे में यह चिंताजनक आंकड़े उस समय सामने आए हैं, जब विशेषज्ञ बार-बार भीड़ जमा करने से बचने की चेतावनी दे रहे हैं. पर्यटन स्‍थलों (Tourist Spot) पर इस तरह लोगों का जमावड़ा COVID-19 महामारी की तीसरी लहर को न्‍योता देगा. 

311 जिलों में किया गया सर्वे 

इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने तीसरी COVID-19 लहर आने के खतरे का अंदाजा लगाने के लिए और आगामी महीनों में लोगों की यात्रा योजनाओं (Travel Plans) को समझने के लिए यह सर्वे किया था. साथ ही सर्वे में दूसरी लहर के दौरान लोगों द्वारा की गई यात्राओं की वजह जानने की भी कोशिश की गई. यह सर्वे 311 जिलों के 18 हजार से ज्‍यादा लोगों के बीच किया गया. इन लोगों में 68 फीसदी पुरुष और 32 फीसदी महिलाएं थीं. 

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कंज़र्वेटरशिप ने मेरे सपनों को मार दिया है-ब्रिटनी स्पीयर्स

साल 2008 में ब्रिटनी मानसिक स्वास्थ्य की परेशानी से जूझ रही थीं, उस दौरान कोर्ट ने कंज़र्वेटरशिप नाम की एक प्रक्रिया के तहत उनकी देखरेख के लिए कंज़र्वेटर यानी क़ानूनी अभिभावक नियुक्त किए थे.

कोर्ट ने अपने आदेश में ब्रिटनी की संपत्ति और उनकी ज़िंदगी के अहम फ़ैसले लेने का हक़ उनके पिता जेमी स्पीयर्स को दिया था. लेकिन बाद में ब्रिटनी ने अपने पिता को इस भूमिका से बाहर करने की गुज़ारिश की.

ब्रिटनी स्पीयर्स ने कहा कि जब तक उनके पिता का कंट्रोल उनते करियर पर रहेगा, वो परफॉर्म नहीं करेंगी. साल 2008 में कंज़र्वेटरशिप के तहत ब्रिटनी के पिता ये अधिकार मिला हुआ है.

ब्रिटनी ने सार्वजनिक तौर पर किए गए कई कमेंट्स में उनपर किए जा रहे कंट्रोल और अपनी आर्थिक स्थिति को बयां किया. इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इस कंज़र्वेटरशिप ने मेरे सपनों को मार दिया है… अब मेरे पास कुछ बचा है तो है उम्मीद.”

ब्रिटनी ने समझौते को अपमानजनक बताया है और वो इसे ख़त्म करना चाहती हैं. बीते कई सालों से ब्रिटनी के लीगल गार्जियन (क़ानूनी तौर पर उनके अभिभावक) उनके करियर के फ़ैसले ले रहे हैं.

ब्रिटनी ने लिखा, “मैं आने वाले दिनों स्टेज पर परफॉर्म नहीं करूंगी, जब मेरे पिता ये फ़ैसला करें कि मुझे क्या पहनना है, बोलना है, करना है या सोचना है.”

“वेगस पर स्टेज पर जाने से बेहतर है मैं अपने कमरे से वीडियो शेयर करूं. मैं मेकअप लगा कर बार बार स्टेज पर कोशिश नहीं करूंगी.”

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कैसे काम करता है सॉफ्टवेयर पेगासस

ये एक सर्विलांस सॉफ्टवेयर है जिसे इसराइल की सुरक्षा कंपनी एनएसओ ग्रुप ने बनाया है. इसके जरिए किसी व्यक्ति का फोन हैक करके उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है.

इसे टारगेट के फोन में इंस्टॉल किया जाता है और फिर उसके फोन का रीमोट कंट्रोल ले लिया जाता है. ये रिमोट एक्सेस ट्रोजन की तरह काम करता है.

यरूशलम स्थित द इंस्टीट्यूट फ़ॉर नेशनल सिक्यूरिटी स्टडीज़ से जुड़े साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कर्नल गाबी सिबोनी के मुताबिक, “ये कैसे काम करता है इसके बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. ये एक बेहद उन्नत सॉफ्टवेयर है जिसे एनएसओ ने डेवलप किया है.”

इसे बनाने वाली कंपनी एनएसओ का गठन 2009 में हुआ था और ये अति उन्नत निगरानी टूल बनाती है. दुनिया के कई देशों की सरकारें इसकी ग्राहक हैं.

पेगासस-जासूसी मामले में जो कथित नई लिस्ट जारी की गई है उसमें उस महिला के इस्तेमाल किये गए तीन फ़ोन नंबर भी हैं जिसने अप्रैल 2019 में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

सुप्रीम कोर्ट की एक आंतरिक समिति ने गोगोई को क्लीन-चिट दे दी थी और उनके रिटायर होने के तुरंत बाद सरकार ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था.

द वायर के अनुसार, इस महिला के नंबरों के साथ-साथ उनके पति और उनके दो भाइयों द्वारा इस्तेमाल किए गए आठ अन्य नंबरों को निगरानी के लिए चुना गया. द वायर के अनुसार, ये वह समय था जब पूर्व सीजेआई के ख़िलाफ़ उन्होंने आरोप लगाए थे.

माइंड रीडिंग हेलमेट से इंसान के दिमाग को सीधे एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कनेक्ट कर सकते हैं

बायोहैकर ब्रायन जॉनसन (Biohacker Bryan Johnson) एक ऐसे मिशन पर हैं, जिससे इंसान के दिमाग को सीधे एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कनेक्ट कर सकते हैं और इस सफर की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि 50,000 डॉलर यानी करीब 37 लाख रुपए की कीमत वाला हेल्मट, जो दिमाग की एक्टिविटी को अनगिनत समय के लिए रीड किया जा सकता है. 

माइंड रीडिंग हेलमेट की चल रही तैयारी

जबकि जॉनसन की माइंड रीडिंग स्टार्टअप कंपनी कर्नेल (Kernel) द्वारा उपयोग की जाने वाली टेक्नोलॉजी चिकित्सा अनुसंधान मशीनों (Medical Research Machines) में पहले से ही मौजूद है. उनके द्वारा हल्का हेल्मेट; रिसर्चर्स के स्टडी के लिए डेवलेप किया गया है, जो दिमाग के सक्रियता के बारे में बतलाएगा. 

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ऐसे बनी हेलेन सलमान खान के परिवार का अटूट हिस्सा

दूसरे विश्व युद्ध में जब हेलेन के पिता का निधन हुआ तो वो परिवार के साथ बर्मा से भारत आ गई थीं. उस वक्त उनकी आर्थिक हालत बहुत ही बुरी थी. उसी वक्त हेलेन के भाई भी गुज़र गए. जैसे तैसे हेलेन की मां ने नौकरी ढूंढी, लेकिन उस तन्ख्वाह में घर खर्च बमुश्किल ही चलता था. आखिरकार हेलेन ने भी काम करने का फैसला लिया. उनकी जान पहचान एक बैकग्राउंड डांसर से थी, लिहाज़ा हेलेन को भी यही काम मिल गया. हेलेन बेहतरीन डांस करती थीं, जिसे देखते हुए उन्हें हावड़ा ब्रिज फिल्म में एक बड़ा मौका मिला. और वो रातों रात दर्शकों के बीच छा गईं. इस तरह हेलेन एक बड़ी और बेहतरीन डांसर के रूप में उभरकर सामने आईं. 

हेलेन ने इस दौरान निर्देशक पीएन अरोड़ा से शादी कर ली थी. लेकिन ये शादी जल्द ही टूट गई. आखिरकार हेलेन की मुलाकात हुई सलीम खान से 1962 में. धीरे धीरे हेलेन को सलीम पसंद आने लगे और सलीम खान भी हेलेन को दिल दे बैठे. आखिरकार 1980 में दोनों ने शादी कर ली. उस वक्त इस रिश्ते का विरोध सलीम खान की पहली पत्नी सुशीला चरक ने ही नहीं बल्कि उनके बच्चों ने भी किया. सलमान खान, अरबाज़ और सोहेल तीनों ही इस शादी के सख्त खिलाफ थे और हेलेन से बात तक नहीं करते थे. 

धीरे-धीरे हेलेन का स्वभाव सभी को पसंद आने लगा और ये पता चला कि हेलेन वाकई काफी अच्छी हैं. लिहाज़ा सुशीला चरक ने ही नहीं बल्कि सलमान और सभी बच्चों ने भी उन्हें अपना लिया. और आज हेलेन सलमान खान के परिवार और इनकी जिंदगी का अटूट हिस्सा बन चुकी हैं.  

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स्टूडेंट अब स्कूल कॉलेज जाना चाहते है

क़रीब डेढ़ साल से लगातार घर में बैठे बैठे छात्रों में अब स्कूल कॉलेज जाने की बेचैनी होने लगी है l पेरेंट्स भी चाहते है की बच्चों को स्कूल जाना चाहिए परंतु सभी परस्थितियो को ध्यान में रखते हुए सरकार को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए ।

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