नापसन्दगी का अनोखा अधिकार – नोटा

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डॉ. रमेश मंगल

वर्तमान लोकसभा की पॉचवर्षीय अवधि 31 मई, 2014 को समाप्त हो रही है ।विश्व के सबसे बडे प्रजातंत्र भारत में 16वी लोकसभा के निर्वाचन होने वाले है। दिनांक 7 अप्रैल 2014 से 12 मई, 2014 तक देश के अलग-अलग राज्यों में विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग चरणों में लोकसभा की 543 लोकसभा क्षेत्रांे के लिये मतदान होगें। 814 मिलियन मतदाता इस बार अपने मतों का प्रयोग करेगें। यह संख्या वर्ष 2009 में सम्पन्न हुए लोकसभा निर्वाचन की तुलना में 100 मिलियन अधिक है। 1952 में पहले लोकसभा के लिये डाले गये मतों की संख्या केवल 176 मिलियन थी। यह उल्लेखनीय है कि इस निर्वाचन में 18 से 19 आयु समूह के मतदाताओं की संख्या 23 मिलियन निर्धारित की गई है। संविधान के अन्तर्गत मतदान करने का अधिकार देश के प्रत्येक नागरिक को है। भारत के सवोच्च न्यायालय ने, जिन्हें अपने मत का प्रयोग किसी भी उम्मीदवार के लिये नहीं करना है उन्हें ‘नोटा’ विकल्प दिया है। इसके अन्तर्गत यदि मतदाता को वोटिंग मशीन में दिये गये किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करते है तो वे ‘उपरोक्त में से कोई नही’ None of the above Option (NOTA) का बटन दबा सकते है ।
by- डॉं. रमेष मंगल,

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