सोशल साइट्स पर तिरंगे का अपमान, हो सकती है तीन साल की सजा या जुर्माना

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सोशल साइट्स से लेकर हर तरफ स्वतंत्रता दिवस की झलक दिख रही है। इन तैयारियों के बीच हमें पता भी नहीं चलता और कई बार अनजाने में अपने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर बैठते हैं। हजारों लोगों ने तिरंगे को अपनी प्रोफाइल पिक्चर में लगा लिया है। किसी ने आंख में दिखते तिरंगे झंडे को किसी ने दिल के रूप में तिरंगे को अपनी प्रोफाइल में लगाया है। यह प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट ऑफ नेशनल फ्लैग एक्ट 1971 और आईटी एक्ट 2000 का उल्लंघन है। राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश की पहचान है। राष्ट्रीय ध्वज का इस तरह से अनादर करने के मामले में तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। इंडिपेंडेंस वीक’ के नाम पर हो रहा तिरंगे का अपमान : वाट्स ऐप, फेसबुक और तमाम तरह की सोशल साइट्स पर स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में इंडिपेंडेंस वीक के नाम पर अनजाने में तिरंगे का अपमान किया जा रहा है। दरअसल 1971 अधिनियम के मुताबिक तिरंगे को हवा में लहराया जा सकता, लेकिन उसका अन्य किसी प्रकार से इस्तेमाल करना गलत है। तमाम सोशल साइट्स पर प्रोफाइल पिक्चर में तिरंगे की तस्वीर लगाई जा रही, तिरंगे के साथ कई तरह की आपत्तिजनक सामग्री शेयर की जा रही है जो असल में तिरंगे का अपमान है। हर भारतीय का यह कर्तव्य है कि वह भारतीय तिरंगे को पूरा सम्मान दे। कोई भी व्यक्ति तिरंगे की गरिमा को धूमिल ना करे, इसके लिए भारतीय कानून में कुछ धाराएं बनाई गई हैं। अधिनियम 1971 के तहत राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण की बात कही गई है। यह अधिनियम राष्ट्रीय प्रतीकों, ध्वज, मानचित्र, संविधान और राष्ट्रगान के प्रति किसी भी प्रकार के अपमान पर प्रतिबंध लगाता है। इस अधिनियम के उपबंधों का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिनियम 1971 की धारा 2 के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो किसी सार्वजनिक स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज या उसके किसी भाग को जलाता है, विकृत करता है, दूषित करता है, नष्ट करता है, कुचलता है या अन्यथा उसके प्रति अनादर प्रकट करता है या मौखिक या लिखित शब्दों में अपमान करता है तो उसे तीन वर्ष के कारावास या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

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