मुसीबत बने EPFO ‘जन धन योजना’ के तहत खोले गए बैंक अकाउंट

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

नई दिल्ली। जन धन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों के बारे में स्पष्टीकरण के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) जल्द ही वित्त मंत्रालय से मिलने वाला है। चूंकि जनधन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों में किसी भी वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम एक लाख रुपए तक ही जमा किया जा सकता है, ऐसे में संगठन इन खातों में प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) क्लेम की इससे अधिक राशि इसमें क्रेडिट नहीं कर सकता। ध्यान रहे कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जो बैंक खाते खोले गए हैं, उन्हें यूनिवर्सल पीएफ अकाउंट नंबर (यूएएन) के साथ जोड़ा गया है। ईपीएफओ के सेंट्रल प्रॉविडेंट फंड कमिश्नर के के जालान की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान जन धन बैंक खातों की सीमा के बारे में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, बैठक में इस बात की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया गया कि पीएफ ट्रांसफर के बारे में और स्पष्टता की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अक्टूबर को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्यों के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) सुविधा की शुरुआत की थी। अभी जब लोग नौकरी बदलते हैं, तो आम तौर पर वे अपने पुराने पीएफ खाते को बंद कर देते हैं और नया पीएफ खाता खोल लेते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से सभी सदस्यों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर दिए जाने के बाद लोगों को नौकरी बदलने के बाद पुराना खाता बंद करने और नया खाता खोलने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। इससे संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर करने के लिए आवेदन देने की जरूरत भी नहीं होगी। यह नंबर सदस्यों के पूरे करियर के दौरान पोर्टेबल होगा और देश में कहीं भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। नई जगह नौकरी आरंभ करने के बाद उन्हें अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर नए नियोक्ता को बता देना होगा और नए नियोक्ता की ओर से उस खाते में पीएफ योगदान ट्रांसफर किया जाने लगेगा। यूएएन के जरिए खाताधारक अपडेटेड खाता देख सकेंगे और उसे डाउनलोड भी कर सकेंगे।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
Loading...