थकते कदमों के हमराह होते हैं माता-पिता

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इंदौर. हर शय को अपनी नई-नई आंखों से देखता है बचपन। कभी छोटी-छोटी ख्वाहिशें हैं तो कभी आसमां छूने के सपने हैं। आंखों में ये ख्वाब लिए आगे बढ़ते इन बच्चों के कभी लड़खड़ाते तो कभी थकते कदमों के हमराह होते हैं माता-पिता। इस चिल्ड्रंस डे पर सिटी भास्कर ने गुरुवार को शहर आईं एक्ट्रेस और राइटर समता सागर से बात की और जाना कि वे पैरेंट्स को क्या सजेस्ट करती हैं। समता फिल्म परदेस में काम कर चुकी हैं और पॉपुलर टीवी शोज़ में नज़र आ रही हैं। वे कहती हैं कि पैरेंट्स दिशा दें तो हर बच्चा उसके सही मुकाम तक पहुंचेगा।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.

LIVE OFFLINE
Loading...