यूनिवर्सिटी: विप्रो विवाद में ईओडब्ल्यू ने डीएवीवी से मांगा जवाब

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इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में सारी प्रक्रिया ऑनलाइन करने के लिए 2006 में शुरू हुए ऑटोमेशन प्रोजेक्ट पर प्रबंधन घिर गया है। इस मामले में शिकायत मिलने पर ईओडब्ल्यू ने उच्च शिक्षा विभाग के जरिये यूनिवर्सिटी से पूरी जानकारी मांगी है।

2006 में तत्कालीन प्रभारी कुलपति डॉ. राजकमल ने विप्रो कंपनी के साथ 48 लाख रुपए के ऑटोमेशन प्रोजेक्ट को मंजूर किया था। यूनिवर्सिटी ने विप्रो को 24 लाख का भुगतान किया था, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट पर काम नहीं बढ़ पाया। करीब दो साल बाद डीएवीवी प्रबंधन ने विप्रो से कहा कि वह रुपए लौटा दे या प्रोजेक्ट पूरा करे।

उधर, विप्रो ने बची हुई राशि मांग ली। इस पर मामला कोर्ट में गया। अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नरेंद्र धाकड़ ने बताया हमने ईओडब्ल्यू के पत्र के आधार पर डीएवीवी को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। वहां से मिलने पर हम इसे शासन को भेज देंगे। वहीं, कुलसचिव आरडी मूसलगांवकर का कहना है कि मांगी गई जानकारी जुटा ली है। इसे जल्द भेज देंगे।

बीबीए के परचे में इस बार भी आधे से ज्यादा प्रश्न गलत पूछे
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं के परचों में गड़बड़ियां थम नहीं रहीं। बुधवार को फिर
बीबीए तीसरे सेमेस्टर के ऑपरेशन मैनेजमेंट के परचे में तकनीकी गड़बड़ी हुई। 80 नंबर के इस
परचे में 48 अंक के प्रश्न गलत आए थे। हालांकि एक वैकल्पिक प्रश्न होने से छात्रों को 32 अंकों का ही नुकसान हुआ।

लगातार दूसरे परचे में गड़बड़ी होने से छात्रों में भारी आक्रोश है। उधर, यूनिवर्सिटी प्रबंधन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी स्थिति में कोई परचा निरस्त नहीं होगा। गड़बड़ी को विशेषज्ञों के समक्ष रखेंगे। उसके बाद तय किया जाएगा कि मूल्यांकन में क्या राहत दी जा सकती है।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि प्रबंधन की कोशिश है कि विद्यार्थियों को कोई नुकसान न हो। इस बार दोषी होने पर पेपर सेटर पर कार्रवाई कर ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा।

बिजनेस कॉस्टिंग के परचे में भी हुई थी गड़बड़ी इससे पहले शनिवार को भी बिजनेस कॉस्टिंग के परचे में आउट ऑफ सिलेबस और गलत प्रश्न पूछे गए थे। इस पर छात्रों ने आपत्ति जताई थी। 80 अंकों के इस परचे में 75 फीसदी प्रश्नों में गड़बड़ी थे।

20-20 अंक के दो प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस थे, जबकि 20 अंक का तो एक सवाल ही गलत था। इस मामले में गुरुवार को यूनिवर्सिटी की परीक्षा कमेटी की बैठक होगी। उसमें तय किया जाएगा कि आगे क्या करना है?

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