44 घंटों तक होंगे भगवान महाकाल के दर्शन

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महाशिवरात्रि पर्व के लिए भगवान महाकाल अपने भक्तों को लगातार 44 घंटों तक दर्शन देंगे। सोमवार-मंगलवार की रात 2.30 बजे भस्मारती के लिए पट खुलेंगे। पूजन-अभिषेक आैर श्रृंगार के साथ भक्त भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ ले सकेंगे। प्रशासक जयंत जोशी के अनुसार इस दौरान लगातार 44 घंटों तक पट खुले रहेंगे आैर भक्त नंदी हॉल के पीछे बैरिकेट्स से दर्शन कर सकेंगे। 17 फरवरी तड़के 2.30 बजे भस्मारती के लिए पट खुलेंगे। सुबह 7.30 बजे दद्योदक आरती एवं 10.30 बजे भोग आरती होगी। दोपहर 12 बजे शासकीय अभिषेक-पूजन होगा। शाम 4 बजे होल्कर एवं सिंधिया परिवार द्वारा वंश परंपरानुसार पं.घनश्याम पुजारी अभिषेक करेंगे। शाम 6.30 बजे आरती होगी। रात 9 बजे से कोटेश्वर महादेव का पंचामृत पूजन, सप्तधान अर्पण के बाद पुष्प मुकुट श्रृंगार आरती। रात 11 बजे से गर्भगृह में महापूजा आैर अभिषेक होगा। महापूजन के दौरान भगवान को पंचामृत एवं पांच प्रकार के फलों के रस, गंगाजल, भांग आदि सामग्री के साथ केसर मिश्रित जल अर्पित किया जाएगा आैर गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। शिव सहस्त्र नामावली से सवा लाख बिल्वपत्र अर्पित किए जाएंगे सप्तधान का मुघौटा धारण कराया जाएगा। सवा मन फूलों का पुष्प मुकुट बांधा जाएगा आैर स्वर्ण कुंडल, छत्र मोरपंख, सोने के त्रिपुण्ड से सुसज्जित किया जाएगा। शिव नवरात्रि उत्सव के सातवें दिन रविवार को महाकाल ने उमा-महेश स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। पूजन के बाद भगवान का शृंगार कर चांदी की नरमुंड माला, कुंडल, चंद्रमा, फलों की माला धारण कराई। हजारों की संख्या में भक्तों ने रविवार को भगवान के इस आकर्षक स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। उत्सव के आठवें दिन सोमवार को शिव तांडव स्वरूप के दर्शन होंगे।

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