सैद्धांतिक मंजूरी: छात्रों को किया जाएगा स्किल्ड

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भोपाल. स्किल्ड मैनपॉवर की इंडस्ट्री की डिमांड अब मध्यप्रदेश पूरी करेगा। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए एक एकेडमी बनाई जा रही है, जो इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से मैनपॉवर तैयार करेगी। राज्य सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से बनाई जा रही इस ईआईसीटी में शुरुआत में तकनीकी शिक्षण संस्थाओं की फैकल्टी को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। फिर युवाओं को स्किल्ड किया जाएगा। इस एकेडमी की खास बात यह है कि इससे सभी प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों भोपाल के मैनिट, इंदौर के आईआईटी, जबलपुर व ग्वालियर के ट्रिपल आईटी समेत अन्य को जोड़ा जाएगा। इस एकेडमी के मसौदे को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। साथ ही प्रोजेक्ट सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा गया है। करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस एकेडमी में 17.5 करोड़ रुपए की सहायता केंद्र सरकार देगी। मैप आईटी के डिप्टी डायरेक्टर कमल जैन का कहना है कि फरवरी में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंपावर्ड कमेटी की मीटिंग है। इसमें मंजूरी मिलते ही एकेडमी को दो-तीन माह में अस्तित्व में ला दिया जाएगा। एकेडमी का ढांचा जबलपुर ट्रिपल आईटी ने तैयार कर दिया है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के कंसेप्ट पर यह एकेडमी चलेगी। शुरुआती 3-4 साल इसे चलाने में मप्र सरकार सहयोग देगी। इसके बाद इंडस्ट्रीज की मदद ली जाएगी। मप्र के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों को इसमें मेंबर बनाया जाएगा। चूंकि यह प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और इंडस्ट्री के संयुक्त समन्वय से चलेगी, इसलिए इसे कंपनी एक्ट में नॉन प्रॉफिट आर्गेनाइजेशन के तौर पर रजिस्टर्ड किया जाएगा। छात्रों को ट्रेनिंग देने के बाद एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसके आधार पर इंडस्ट्री में नौकरी के दौरान प्राथमिकता मिलेगी। प्लेसमेंट के दौरान भी एकेडमी के छात्र अन्य छात्रों से आगे रहेंगे।

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