नेपाल में सेव-परमल खाकर गुजारे दो दिन, परिजन ने मनाई खुशियां

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नेपाल घूमने गए इंदौर-बुरहानपुर के 15 लोग सोमवार को काठमांडू से दिल्ली होते हुए रात को इंदौर पहुंचे। परिजनों ने गले लगाकर स्वागत किया और खुशियां मनाई। ये लोग भूकंप आने के बाद दो दिन से वहीं फंसे थे। उन्होंने बताया रविवार को दिन-रात इंतजार के बाद सोमवार सुबह फ्लाइट मिली। एक दिन और रात होटल के बाहर और एक दिन एयरपोर्ट पर बिताया। खाने-पीने की व्यवस्था नहीं होने से से-परमल खाकर दो दिन गुजारे।
आपबीती : अचानक जोरदार झटके आए, भागते हुए पहुंचे बाहर
शनिवार को हमें काठमांडू से दिल्ली होते लौटना था। रात 8 बजे की फ्लाइट थी। दिन में थोड़ा बहुत घूमना था। 11 बजे होटल खाली करना थी, लेकिन लेट हो गए। करीब 11.45 बजे होंगे कि अचानक होटल हिलने लगी। चिल्लाने की आवाजें आने लगी। होटल में दरार दिखने लगी।
घबराकर हम सभी भागते हुए बाहर निकले। देखते ही देखते पूरा होटल खाली हो गया। सड़क पर लोगों की भीड़-भीड़ ही दिखाई दे रही थी। आसपास के घरों में भी बड़ी दरारें दिखाई दे रही थीं। हम सभी घबरा गए। दिनभर में कई बार झटके आते रहे। हम लोगों ने होटल के बाहर लॉन में ही रात गुजारी।

होटल के नजदीक में ही भारतीय दूतावास था, वहां संपर्क किया। वहां से कहा गया कि आप लोग एयरपोर्ट जाएं। अगले दिन जैसे-तैसे एक गाड़ी कर सुबह 6 बजे एयरपोर्ट पहुंचे। दिनभर वहां रहे। दो बार फ्लाइट कैंसिल हुई।
आखिरकार सोमवार अलसुबह फ्लाइट मिली। घरवालों से भी संपर्क नहीं हो रहा था। हम सब 15 लोग साथ थे, इसलिए हौंसला था। दो दिन खाने-पीने की भी वहां व्यवस्था नहीं थी। लिहाजा जो सेेव-परमल और नमकीन साथ ले गए थे वही खाकर
दिन बिताया। (जैसा छावनी निवासी संजय काला और भारती काला ने बताया)

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