14 साल से कम उम्र के बच्चे भी कर सकेंगे काम अगर परिवार का कारोबार है

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अगर अपने परिवार के गैर-नुकसानदेह कारोबार में 14 साल से कम उम्र का बच्चा काम करता है तो वह बाल मजदूरी के दायरे में नहीं आएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को बाल श्रम कानून में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दे दी। इस पर मुहर संसद में संशोधित बिल पास होने के बाद लगेगी। बाल श्रम कानून में 18 खतरनाक उद्योगों में 14 साल से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी को अपराध माना गया था। लेकिन संशोधित बिल के मसौदे में बड़ा बदलाव यह है कि परिवार के कारोबार और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और स्पोर्ट्स एक्टिविटी जैसे कुछ सेक्टर छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बाल श्रम को प्रतिबंधित किया गया है। वहीं, खतरनाक उद्योगों में 14 से 18 साल की उम्र तक के किशोरों के काम करने पर भी रोक लगाने का प्रावधान है।
2012 से अटका है बिल
बाल श्रम रोकथाम और नियमन संशोधित बिल 2012 से अटका है। मूल कानून 1986 में बना था। इस 29 साल पुराने कानून के बाद ही 14 साल से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना अपराध माना गया था। नए संशोधन के तहत उन बच्चों को नियमन के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है जो अपने परिवार के कारोबार या उद्योग में काम करते हों। ऐसा कारोबार या उद्योग शरीर या स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित होने वाले उद्यमों की श्रेणी में नहीं होना चाहिए। अपने परिवार के ऐसे कारोबार में बच्चे स्कूल जाने के बाद या छुट्टियों के दौरान काम कर सकेंगे।
संशोधित बिल के मसौदे में ये कारोबार शामिल
संशोधित बिल के मसौदे में 14 साल से कम उम्र के बच्चों के इन क्षेत्रों में काम करने पर भी रहेगी छूट-
– आॅडियो-विजुअल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अगर बच्चा आर्टिस्ट हो।
– विज्ञापन, फिल्में, टीवी सीरियल में संक्षिप्त भूमिकाएं हों।
– सर्कस को छोड़कर बाकी स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ हों।
(लेकिन इसमें पैरेंट्स को यह ध्यान रखना होगा कि बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो और उसकी सेहत पर असर न पड़े।)
बाल श्रम कानून के उल्लंघन पर सजा भी बढ़ेगी
पुराने कानून में बाल श्रम कराने पर नियोक्ता को कम से कम 3 महीने, अधिकतम 1 साल की सजा और 10 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान था। प्रस्तावित संशोधनों के तहत अब बाल श्रम का दोषी पाए जाने पर नियोक्ता को कम से कम 6 महीने, अधिकतम 2 साल की सजा। 50 हजार रुपए का जुर्माना भी देना होगा। पैरेंट्स पर पहले उल्लंघन पर कोई दंड नहीं लगेगा। लेकिन दूसरी बार मामला सामने आने पर पैरेंट्स पर भी 10 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।
बेनामी लेन-देन कानून को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में कालेधन पर लगाम कसने के लिए बेनामी ट्रांजैक्शन संशोधन बिल 2015 को मंजूरी दे दी। नए कानून से बेनामी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त और अवैध रूप से की गई खरीदारी पर रोक लगाने की तैयारी है। इसके तहत कोई व्यक्ति अगर बेनामी कानून का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो न केवल उसकी संपत्ति जब्त होगी बल्कि उसे सजा भी दी जा सकेगी।

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