अमेजन, जबांग, फ्लिपकॉर्ट पर बिक रहे शहर के नमकीन, कपड़े और फुटवेयर

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अमेजन, जबांग, फ्लिपकॉर्ट और पेटीएम जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए इंदौर एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इन कंपनियों के साथ शहर के सौ से अधिक उद्यमी जुड़ गए हैं। ये कंपनियां ग्राहकों से ऑर्डर लेकर शहर के उद्योगपतियों को दे रही हैं और शहर में बना नमकीन, कपड़े, फुटवेयर व अन्य उत्पाद इनके जरिए देश-विदेश में ऑनलाइन खरीदे जा रहे हैं।
इंदौर के उत्पादों को लेकर ग्राहकों से मिल रहे अच्छे प्रतिसाद और सेंट्रल इंडिया में इंदौर की स्थिति को देखते हुए अब इन ई-कॉमर्स कंपनियों ने खुद को शहर में स्थापित करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। फ्लिपकॉर्ट सुपर कॉरिडोर के आसपास एक लाख वर्गफीट का वेयर हाउस देख रही है, जिससे सेंट्रल इंडिया के ग्राहकों को यहीं से उत्पाद सप्लाय किए जा सकें। जबांग कंपनी एक बड़ा कॉल सेंटर शहर में शुरू कर रही है, जिसके लिए भर्ती भी शुरू कर दी गई है, यहां दो साल में डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों की भर्ती की जाएगी।
कई युवा जुड़ रहे हैं
शहर का डब्ल्यूवायएम ग्रुप भी इन कंपनियों के साथ ऑनलाइन जुड़ा है जो इन्हें टी शर्ट ‌व अन्य प्रॉडक्ट सप्लाई करता है। ग्रुप के प्रमुख ने बताया कि इन कंपनियों के साथ शहर के सैकड़ों युवा उद्यमी जुड़ गए हैं। कई पुराने धंधे जैसे कपड़ों का बाजार आदि ऑनलाइन कंपनियों के कारण फिर से उठ रहे हैं।
इस तरह जुड़ सकते हैं
इन ई-कॉमर्स कंपनियों से कोई भी उद्यमी जुड़ सकता है। इसके लिए एक कंपनी रजिस्टर्ड कर उसका एक लेबल व ब्रांड तैयार करना होगा। इस कंपनी की हर जानकारी और उत्पाद ई-कॉमर्स
कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर अपलोड कर सकते हैं।
ई-कॉमर्स कंपनी इन उत्पादों की जानकारी लेकर उद्यमी से करार करती है और उसे अपनी वेबसाइट पर डिस्प्ले करना शुरू कर देती है। ग्राहक की मांग आने पर ई-कॉमर्स कंपनी उद्यमी को इसकी ऑनलाइन जानकारी दे देती है और उससे प्रॉडक्ट लेकर ग्राहक तक पहुंचा देती है।
ऐसे पैमेंट करती हैं कंपनियां
ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े शहर के एक उद्यमी ने बताया कि ये कंपनियां एमआरपी पर 10 से 40 फीसदी तक कमीशन लेती हैं। ग्राहक इन कंपनियों को पैमेंट करता है और यह अपना कमीशन काटकर सप्लाई करने वाले उद्यमी के खाते में पैसा ट्रांसफर कर देती हैं। जबांग थोक में ऑर्डर देती है और उसे अपने सेंट्रल वेयरहाउस पर बुलाकर माल की जांच करती है और फिर ग्राहक को भेजती है। वहीं फ्लिपकॉर्ट के कई वेयरहाउस हैं, वह अपने नजदीकी केंद्र पर उद्यमी से माल बुलाकर उसकी जांच करती है और फिर ग्राहक को पार्सल करती है।

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