इन कारणों से तीसरी बार फाइनल में पहुंची MI

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

match4_1432064524

मुंबई इंडियन्स ने पहले क्वालीफायर मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को 25 रन से हराकर आइपीएल-8 के फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। यह तीसरा मौका है, जब मुंबई आईपीएल के फाइनल में पहुंची है। मुंबई 2010 में चेन्नई से हारकर रनर-अप रही थी, जबकि 2013 में चेन्नई को हराकर खिताब जीता था। मुंबई के 187 रन के स्कोर का पीछा करने उतरी चेन्नई की खराब शुरुआत रही। पारी के पहले ओवर में ही ओपनर बैट्समैन ड्वेन स्मिथ बिना खाता खोले आउट हो गए। लसिथ मलिंगा द्वारा फेंके गए पहले ओवर की चौथी बॉल पर अंपायर ने स्मिथ को पगबाधा करार दिया। हालांकि रिप्ले में स्पष्ट दिख रहा था कि गेंद लेग साइड के बाहर स्मिथ के पैड से टकराई थी। यही फैसला चेन्नई के खिलाफ गया। बता दें कि इससे पहले मुंबई के खिलाफ लीग मुकाबले में स्मिथ ने 30 बॉल में 62 रन ठोककर चेन्नई को जीत दिलाई थी।

इसलिए आसानी से फाइनल में पहुंचा मुबई
* CSK पर भारी पड़ा अंपायर का एक खराब फैसला
* मुंबई की शानदार शुरुआत, पार्थिव-सिमंस ने जोड़े 90 रन
* पोलार्ड की तेज बैटिंग, 17 बॉल में जड़ दिए 41 रन
* चेन्नई की खराब बैटिंग, धोनी-स्मिथ हुए 0 पर आउट
* मलिंगाा-विनय-भज्जी के आगे धुरंधर फेल
शुरुआती झटकों से नहीं उबर सकी चेन्नई
वानखेड़े में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने लेंडल सिमंस (65) और कीरोन पोलार्ड (41) की धुआंधार पारियों की बदौलत 20 ओवर्स में 6 विकेट पर 187 रन बनाए। पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स शुरुआती झटकों से नहीं उभर सकी और 19 ओवर्स में ही 162 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। चेन्नई की ओर से सर्वाधिक 45 रन फॉफ डु प्लेसिस ने बनाए।

    'No new videos.'

Leave a Reply

Your email address will not be published.