जसमीन की सफलता अभावों पर हौसलों की जीत की कहानी

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12वीं में इंदौर टॉपर रहीं माता गुजरी गर्ल्स स्कूल की जसमीन कौर छाबड़ा। उन्हें 500 में से 486 यानी 97.2% अंक मिले। जसमीन की सफलता अभावों पर हौसलों की जीत की कहानी है। पिता रणवीर सिंह टीवी रिपेयरिंग शॉप में काम करते हैं, मां हाउसवाइफ हैं। वे कॉमर्स प्लस मैथ्स स्ट्रीम की टॉपर हैं।
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पढ़ाई का अनूठा तरीका : जसमीन ने बताया मैं पढ़ाई के टॉपिक्स को हालिया मुद्दों से जोड़कर पढ़ती हूं। जैसे इकोनॉमिक्स को मैंने रिलेट किया मोदी के आने के बाद अर्थव्यवस्था में आए बदलावों से।
सीमित साधनों में यह परिणाम लाकर जसमीन ने हमारा मान बढ़ाया है। यह भी साबित किया कि प्रतिभा है तो स्कूल साधारण हो या मोटी फीस वाला, कोई फर्क नहीं पड़ता। -गर्व से भरी मां परमजीत कौर ने कहा
जसमीन की ख्वाहिश- ऐसी शॉपिंग करूं कि प्राइज टैग न देखना पड़े
ख्वाहिश क्या है? सवाल पूछते ही जसमीन की आंखें चमक उठती हैं। यूं तो मैं पढ़ाई के बाद डेलॉइट में काम करना चाहती हूं… पापा को सपोर्ट करना चाहती हूं। …और हां, ऐसी शॉपिंग करना चाहती हूं कि मुझे चीज़ों का प्राइज टैग न देखना पड़े।

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