जूटआउट के को फाउंडर सुब्रत कर से विशेष बातचीत

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इंदौर. आप स्टार्टअप की शुरुआत करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो उसे ग्लोबल थिंकिंग के साथ करें। जब फॉरेन कंट्री के स्टार्टअप अपने आइडिया को पैन इंडिया लेवल पर इम्प्लीमेंट कर फंड जेनरेट कर सकते हैं तो फिर हम क्यों नहीं? यह कहना है जूटआउट के को फाउंडर सुब्रत कर का। वह शुक्रवार को इंदौर में थे। पत्रिका प्लस से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, जब मैं इंदौर में पढ़ाई करता था, तब यहां स्टार्टअप कल्चर डेवलप हो रहा था। यहीं से मुझे एंटरप्रीन्योरशिप स्टार्ट करने की इंस्पीरेशन मिली। यह बात सही है कि तब स्टार्टअप के लिए इतना अच्छा इको सिस्टम डेवलप नहीं हुआ था, अभी यह सिस्टम काफी अच्छे तरीके से काम कर रहा है।
सुब्रत ने कहा कि यंगस्टर को चाहिए की वह अपने स्टार्टअप पर फोकस करें और उसे ग्रो करने की कोशिश करें। इसके लिए किसी फंडिंग एजेंसी के पास जाने की जरूरत नहीं है। आपका स्टार्टअप अगर अच्छे से डेवलप हो गया तो फंडिंग एजेंसी खुद आपके पास आएंगी। यह एक तरह की डेटिंग है। आप प्रपोज करें तो रिजेक्ट होने का खतरा है, लेकिन अगर आप स्मार्ट है और स्टैल है तो आपके पास प्रपोसल खुद ही आएंगे।

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