वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर-डे आज

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brain tumour

प्रोफेशनल कॉम्पीटिशन के साथ अब हर उम्र के लोगों में तनाव आम समस्या बनकर उभर रहा है। इसके कारण कई बार हमारी लाइफ स्टाइल में बदलाव होते हैं, लेकिन हम इसे नजरअंदाज कर देते हैं। उसी तरह आज हर शहर में बच्चों से लेकर बड़ों में भी सिरदर्द आम समस्या है। यह ब्रेन ट्यूमर का एक प्रमुख लक्षण भी हो सकता है। कई बार हम लोग इस बीमारी को पहचान नहीं पाते और मुसीबत में फंस जाते हैं।
अंदर ही अंदर यह एक गंभीर बीमारी में तब्दील हो जाती है। अब बदलते दौर के साथ ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारी के मरीज भी गंभीर होता जाता है। आधुनिक चिकित्सा में पहले के मुकाबले खतरा भी एक फीसदी से कम है। इंदौर जैसे शहर में भी अब प्रति सप्ताह दो से तीन ब्रेन ट्यूमर के मरीज भर्ती हो रहे हैं। वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर-डे पर एक्सपर्ट्स से जानें क्या है ये बीमारी।
एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर में बनने वाले सेल्स कुछ समय बाद नष्ट हो जाते हैं। उनकी जगह नये सेल्स बनते हैं। यह एक साधारण प्रक्रिया है। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है, तो ट्यूमर सेल्स बनने लगते हैं। ट्यूमर कई कारणों से बन सकते हैं, जैसे- विशेष प्रकार के विषाणु के संक्रमण से, प्रदूषित पदार्थों के श्वसन के साथ शरीर में प्रवेश कर जाने से आदि और ये सेल जमा होकर टिशु बनाते हैं।
ब्रेन ट्यूमर की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। ज्यादातर 50 वर्ष के बाद होता है। माइग्रेन सबसे सामान्य सिरदर्द माना जाता है, मगर यह समस्या भी ब्रेन ट्यूमर के प्रारंभिक लक्षणों में से एक हो सकती है। हालांकि माइग्रेन की समस्या पुरुषों से अधिक महिलाओं में होती है।

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