कारगिल विजय दिवस: पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

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आज से ठीक 17 साल पहले भारतीय सेना ने कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर भारतीय जमीन से बाहर कर दिया था, जिसे हर वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऑपरेशन विजय नाम के इस मिशन में भारतमाता के सैकड़ों वीर सपूत शहीद हुए थे। इन वीर सपूतों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की आन-बान और शान पर विपरीत हालात वाली इस जंग में प्राण न्यौछावर कर दिए थे। इन्हीं शहीदों के बलिदान को आज देश नमन कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर कारगिल युद्ध में शहीद जवानों को याद किया।
सैनिकों के पराक्रम को सलाम करने के लिए मंगलवार को इंडिया गेट और जंतर-मंतर के अलावा देश के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश की रक्षा में शहीद होने वाले सैनिकों की याद में जंतर-मंतर पर शहीद स्मृति यज्ञ का आयोजन होगा। शाम को इंडिया गेट तक कैंडल मार्च निकालने की तैयारी है। मंगलवार सुबह जहां केंद्रीय आर्य युवक परिषद द्वारा जंतर-मंतर पर शहीद स्मृति यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। वहीं, शाम को सिटीजन फॉर फोर्स संगठन द्वारा जंतर-मंतर से इंडिया गेट तक कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा। इसमें पूर्व सैनिकों के साथ ही आम लोगों के भी भाग लेने की संभावना है।
कारगिल विजय दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री और तीनों सेना के प्रमुखों ने इंडिया गेट पहुंचकर कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंक्षी मनोहर पर्रिकर, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग, वायुसेना प्रमुख अरुप राहा और नौसेना प्रमुख एडमिरल रॉबिन कुमार धोवन ने अमर जवान ज्योति पर फूल चढ़ाए और कारगिल युद्ध में शहीद हुए जांबाजों को नमन किया।
इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना अपना काम पूरी निष्ठा से कर रही है। उन्होंने कहा कि सेना ने ये सुनिश्चित किया है कि हमारी सीमाएं पूरी तरह सील हों और किसी भी तरह की घुसपैठ को कामयाब ना होने दिया जाए।
शुक्रवार को वायुसेना के लापता विमान एएन-32 के सर्च ऑपरेशन की जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना ने लापता विमान की खोज में अपनी पूरी ताकत लगा रखी है और विमान को खोजने की हर स्तर पर पूरी कोशिश की जा रही है लेकिन विमान के बारे में अभी तक कुछ भी पता नहीं लगाया जा सका है।

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