देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में छाया शाल्मली के गीतों का खुमार

shalm_01_08_2016

फास्ट बीट्स पर थिरकते कदम, ‘वंस मोर’ का शोर और बेहतरनी परफॉर्मेंस के बीच एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियों का सिलसिला। जोश से भरा यह म्यूजिकल इवेंट रविवार की रात यूनिविर्सिटी ऑडिटोरियम में प्लेबैक सिंगर शाल्मली खोलगड़े की आवाज से सजा। ‘बलम पिचकारी, परेशान, लत लग गई, बेबी को बेस पसंद है’ जैसे गीतों को अपनी आवाज से सजाकर युवाओं के बीच खासी लोकप्रिय हुई युवा गायिका शाल्मली ने जैसे ही स्टेज पर कदम रखा, पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। मखमली आवाज और जोशीला अंदाज लिए शाल्मली ने अपने हिट नबंर्स से शहरवासियों का दिल एक बार फिर जीत लिया।
संस्था ‘कला अभिव्यक्ति’ के इस आयोजन में शाल्मली ने कभी आपने गानों पर युवाओं को ठुमके भी लगवाए तो कभी खुद ने भी डांस किया। कभी गायकी में श्रोताओं को भी शामिल किया तो कभी इंस्ट्रूमेंट्स के साथ जुगलबंदी कर आयोजन का रंग और भी जमा दिया। जिन गीतों के कारण शाल्मली के फैंस फॉलोअर्स बढ़े हैं उन्हीं गीतों को उन्होंने इस प्रोग्राम में पेश भी किया।
परफॉर्मेंस के दौरान शाल्मली ने पुरानी फिल्मों की भी बेहतरीन गीत पेश किए। फिर चाहे बात ‘दम मारो दम, दुनिया में लोगों को’ की हो या फिर अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गीत ‘जुम्मा-चुम्मा दे दे ‘का ही जिक्र क्यूं न हो। इसके अलावा शाल्मली ने आशा भोसले, उषा उत्थुप और सुनिधि चौहान के गीत भी पेश किए|

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