Category Archives: Did You Know??

माइंड रीडिंग हेलमेट से इंसान के दिमाग को सीधे एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कनेक्ट कर सकते हैं

बायोहैकर ब्रायन जॉनसन (Biohacker Bryan Johnson) एक ऐसे मिशन पर हैं, जिससे इंसान के दिमाग को सीधे एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कनेक्ट कर सकते हैं और इस सफर की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि 50,000 डॉलर यानी करीब 37 लाख रुपए की कीमत वाला हेल्मट, जो दिमाग की एक्टिविटी को अनगिनत समय के लिए रीड किया जा सकता है. 

माइंड रीडिंग हेलमेट की चल रही तैयारी

जबकि जॉनसन की माइंड रीडिंग स्टार्टअप कंपनी कर्नेल (Kernel) द्वारा उपयोग की जाने वाली टेक्नोलॉजी चिकित्सा अनुसंधान मशीनों (Medical Research Machines) में पहले से ही मौजूद है. उनके द्वारा हल्का हेल्मेट; रिसर्चर्स के स्टडी के लिए डेवलेप किया गया है, जो दिमाग के सक्रियता के बारे में बतलाएगा. 

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300 की स्पीड से जमीन पर लैंड करता है भारी-भरकम हवाई जहाज, फिर भी क्यों नहीं फटते टायर

स्पेशल टायर का होता है इस्तेमाल
दरअसल, जब कोई हवाई जहाज लैंड करता है, तो स्पीड 250 से 300 किमी के बीच होती है. लेकिन उसके टायर घर्षण और दबाव दोनों झेल जाते हैं, क्योंकि ये सामान्य गाड़ियों के टायर्स से बिल्कुल अलग होते हैं. हवाई जहाज के स्पेशल टायर्स रबड़, एल्युमीनियम और स्टील को एक साथ मिलकार बनाए जाते हैं. यहां तक कि इनमें सामान्य गाडियों के टायरों से 6 गुना ज्यादा हवा भरी जाती है. 

क्यों नहीं लगती आग?
आपने सुना होगा कि अक्सर हाईवे पर ड्राइव करने वाले अपने टायर में नाइट्रोजन गैस भरवाते हैं. ठीक इसी तरीके से हवाई जहाज के टायरों में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है, जो अन्य गैस की तुलना में सूखी और हल्की भी होती है. इस पर तापमान का असर नहीं पड़ता है और आग नहीं लगती है. ये गैस ऑक्सीजन से क्रिया भी नहीं करती. इसलिए तेज रफ्तार के बाद भी गर्म हो कर नहीं फटते हैं. 

कितनी होती है लाइफ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हवाई जहाज में टायर का इस्तेमाल एक बार में 500 बार टेकऑफ और लैंडिंग की जाती है.  इसके बाद इसमें ग्रिप चढ़ाई जाती है. एक टायर पर अधिकतम 7 बार ग्रिप चढ़ाई जाती है. ऐसे में टायर ज्यादा से ज्यादा 3500 बार टैकऑफ और लैंडिंग कर पाते हैं.

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पैर के पंजो के दर्द से छुटकारा कैसे पाए

पैर के पंजे मे दर्द के उपाय

पैर के दर्द के उपचार में गर्म और ठंडे पानी का इलाज बेहद प्रभावी होता है। गर्म उपचार रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और ठंडे पानी पैरों की सूजन को कम करता है।

गर्म और ठंडे पानी का इस्तेमाल कैसे करें

एक बाल्टी में ठंडा पानी भरें और दूसरी बाल्टी में गर्म पानी भरें। अब एक आरामदायक कुर्सी पर बैठ जाएँ और अपने पैरों को तीन मिनट के लिए गर्म पानी में रख दें और यही प्रक्रिया समान रूप से ठंडे पानी के साथ दस सेकेंड्स तक करें या फिर कुछ मिनट तक। इस प्रक्रिया को ऐसे ही दो से तीन मिनट तक करते रहें और आखिर में अपने पैरों को ठंडे पानी में दाल दें।

इसके आलावा आप अपने पैरों में गर्म कपडा या ठंडा बैग भी दस मिनट के लिए लगाकर रख सकते हैं।

सिरका है परों के दर्द के लिए फायदेमंद

सिरका का उपयोग विभिन्न उपचारों में किया जाता है और मोच या खिचाव के कारण होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है।

सिरका का इस्तेमाल करें दो तरीकों से

पहला तरीका
एक बाल्टी में गर्म पानी भरें। दो चम्मच सिरका उसमे मिलाएं।आप इसमें समुंद्री नमक या सेंधा नमक भी मिला सकते हैं।
अगर आपके पास इनमे से किसी भी प्रकार का नमक उपलब्ध नहीं है तो आप साधारण नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

अब अपने पैरों को इसमें बीस मिनट तक डालें रखें।

दूसरा तरीका
इसके अलावा दो अलग अलग बाल्टी में गर्म और ठंडा पानी लें और उन दोनों में सिरका बराबर मात्रा में डाल दें।

अब गर्म पानी में तौलिया डालें और उसे कसके निचोड़ लें।

फिर इस तौलिये को पैरों में लगाएं।

पांच मिनट के लिए तौलिये को लपेटे रखें।
यही प्रक्रिया समान रूप से ठंडे पानी के साथ भी करें।
इस प्रक्रिया को रोज़ाना तीन से चार बार दोहराएं।

पैरों के दर्द का घरेलू नुस्खा है सेंधा नमक
सेंधा नमक आपके पैरों के दर्द में आराम पहुंचाने में मदद करता है। गर्माहट और सेंधा नमक का संयोजन जो मुख्य रूप से मैग्नीशियम होता है पैर को आराम देने और दर्द को कम करने में मदद करता है।

सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें !

एक गर्म पानी की बाल्टी में दो या तीन चम्मच सेंधा नमक की चम्मच डालें।

अब अपने पेरो को उसमे 10 से 15 के लिए ऐसे ही रखें।
इस नमक के इस्तेमाल से आपके पैर ड्राई हो सकते हैं इसलिए इस्तेमाल के बाद पाने पैरों में मॉइस्चराइज़र लगाना न भूलें

पैरों के दर्द में बर्फ है लाभकारी
बर्फ की थेरेपी आपको पैरों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मदद करती है। बर्फ को क्रश करने के बाद इसे किसी कपडे में बाँध लें और फिर इसे अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। बर्फ आपके पैरों की नसों को सुन्न करदेगा जिससे आपका दर्द और सूजन गायब हो जाएंगे। आइस पैक को दस मिनट से ज़्यादा लगाकर न रखें। ज़्यादा उपयोग आपकी तंत्रिकाओं और त्वचा को नुकसान पंहुचा सकता है।

लौंग का तेल है पैरों के दर्द के लिए गुणकारी
लौंग का तेल सिरदर्द, जोड़ों के दर्द, एथलीट फुट, नाख़ून संक्रमण और पैर के दर्द के उपचार में अत्यधिक प्रभावी है क्योंकि इससे संचलन बढ़ाने में मदद मिलती है।

लौंग का तेल का इस्तेमाल कैसे करें
जल्दी राहत पाने के लिए अपने पैरों में लौंग के तेल से मसाज करें।
इससे आपके रक्त का प्रवाह बढ़ेगा और मांसपेशियों को भी आराम मिलेगा।
पूरे दिन में कई बार आप अपने पंजों और एड़ियों को लौंग के तेल से मसाज कर सकते हैं।
अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो तीन बूँद लौंग के तेल में एक चम्मच नारियल का तेल या जैतून का तेल मिलाकर लगा सकते है

सरसों के बीज है पैरों के दर्द में सहायक
सरसों के बीज का इस्तेमाल भी पैरों के दर्द के लिए किया जाता है। यह शरीर से विषाक्त पानी बाहर निकालते हैं, रक्त परिसंचरण में सुधार करते हैं और सूजन को भी कम करते हैं। इस प्रकार आपको दर्द और सूजन से राहत मिलती है।

सरसों के बीज का इस्तेमाल कैसे करें
सरसो के बीज की कुछ मात्रा को सबसे पहले पीस लें फिर उसे गर्म पानी की बाल्टी में डाल दें।
अब उसमे अपने पैरों को 10 से 15 मिनट के लिए रखें।
इस प्रक्रिया को पूरे दिन में कई बार करें।

पैरों के दर्द में तेल है उपयोगी

नीलगिरी तेल, पुदीने का तेल और रोजमेरी का तेल दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करेंगे।

पैर के पंजे मे दर्द के उपाय

पैर के दर्द के उपचार में गर्म और ठंडे पानी का इलाज बेहद प्रभावी होता है। गर्म उपचार रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और ठंडे पानी पैरों की सूजन को कम करता है।

गर्म और ठंडे पानी का इस्तेमाल कैसे करें

एक बाल्टी में ठंडा पानी भरें और दूसरी बाल्टी में गर्म पानी भरें। अब एक आरामदायक कुर्सी पर बैठ जाएँ और अपने पैरों को तीन मिनट के लिए गर्म पानी में रख दें और यही प्रक्रिया समान रूप से ठंडे पानी के साथ दस सेकेंड्स तक करें या फिर कुछ मिनट तक। इस प्रक्रिया को ऐसे ही दो से तीन मिनट तक करते रहें और आखिर में अपने पैरों को ठंडे पानी में दाल दें।

इसके आलावा आप अपने पैरों में गर्म कपडा या ठंडा बैग भी दस मिनट के लिए लगाकर रख सकते हैं।

सिरका है परों के दर्द के लिए फायदेमंद

सिरका का उपयोग विभिन्न उपचारों में किया जाता है और मोच या खिचाव के कारण होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है।

सिरका का इस्तेमाल करें दो तरीकों से

पहला तरीका
एक बाल्टी में गर्म पानी भरें। दो चम्मच सिरका उसमे मिलाएं।आप इसमें समुंद्री नमक या सेंधा नमक भी मिला सकते हैं।
अगर आपके पास इनमे से किसी भी प्रकार का नमक उपलब्ध नहीं है तो आप साधारण नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

अब अपने पैरों को इसमें बीस मिनट तक डालें रखें।

दूसरा तरीका
इसके अलावा दो अलग अलग बाल्टी में गर्म और ठंडा पानी लें और उन दोनों में सिरका बराबर मात्रा में डाल दें।

अब गर्म पानी में तौलिया डालें और उसे कसके निचोड़ लें।

फिर इस तौलिये को पैरों में लगाएं।

पांच मिनट के लिए तौलिये को लपेटे रखें।
यही प्रक्रिया समान रूप से ठंडे पानी के साथ भी करें।
इस प्रक्रिया को रोज़ाना तीन से चार बार दोहराएं।

पैरों के दर्द का घरेलू नुस्खा है सेंधा नमक
सेंधा नमक आपके पैरों के दर्द में आराम पहुंचाने में मदद करता है। गर्माहट और सेंधा नमक का संयोजन जो मुख्य रूप से मैग्नीशियम होता है पैर को आराम देने और दर्द को कम करने में मदद करता है।

सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें !

एक गर्म पानी की बाल्टी में दो या तीन चम्मच सेंधा नमक की चम्मच डालें।

अब अपने पेरो को उसमे 10 से 15 के लिए ऐसे ही रखें।
इस नमक के इस्तेमाल से आपके पैर ड्राई हो सकते हैं इसलिए इस्तेमाल के बाद पाने पैरों में मॉइस्चराइज़र लगाना न भूलें

पैरों के दर्द में बर्फ है लाभकारी
बर्फ की थेरेपी आपको पैरों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मदद करती है। बर्फ को क्रश करने के बाद इसे किसी कपडे में बाँध लें और फिर इसे अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। बर्फ आपके पैरों की नसों को सुन्न करदेगा जिससे आपका दर्द और सूजन गायब हो जाएंगे। आइस पैक को दस मिनट से ज़्यादा लगाकर न रखें। ज़्यादा उपयोग आपकी तंत्रिकाओं और त्वचा को नुकसान पंहुचा सकता है।

लौंग का तेल है पैरों के दर्द के लिए गुणकारी
लौंग का तेल सिरदर्द, जोड़ों के दर्द, एथलीट फुट, नाख़ून संक्रमण और पैर के दर्द के उपचार में अत्यधिक प्रभावी है क्योंकि इससे संचलन बढ़ाने में मदद मिलती है।

लौंग का तेल का इस्तेमाल कैसे करें
जल्दी राहत पाने के लिए अपने पैरों में लौंग के तेल से मसाज करें।
इससे आपके रक्त का प्रवाह बढ़ेगा और मांसपेशियों को भी आराम मिलेगा।
पूरे दिन में कई बार आप अपने पंजों और एड़ियों को लौंग के तेल से मसाज कर सकते हैं।
अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो तीन बूँद लौंग के तेल में एक चम्मच नारियल का तेल या जैतून का तेल मिलाकर लगा सकते है

सरसों के बीज है पैरों के दर्द में सहायक
सरसों के बीज का इस्तेमाल भी पैरों के दर्द के लिए किया जाता है। यह शरीर से विषाक्त पानी बाहर निकालते हैं, रक्त परिसंचरण में सुधार करते हैं और सूजन को भी कम करते हैं। इस प्रकार आपको दर्द और सूजन से राहत मिलती है।

सरसों के बीज का इस्तेमाल कैसे करें
सरसो के बीज की कुछ मात्रा को सबसे पहले पीस लें फिर उसे गर्म पानी की बाल्टी में डाल दें।
अब उसमे अपने पैरों को 10 से 15 मिनट के लिए रखें।
इस प्रक्रिया को पूरे दिन में कई बार करें।

पैरों के दर्द में तेल है उपयोगी

नीलगिरी तेल, पुदीने का तेल और रोजमेरी का तेल दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करेंगे।

तेल का इस्तेमाल कैसे करें
गर्म पानी की बाल्टी में चार बूँदें नीलगिरी तेल और रोसमारी तेल की डालें और इसके साथ ही इसमें दो बूँदें पुदीने की तेल की भी मिलाएं।
अब उसमे अपने पैरों को दस मिनट के लिए रखें।
इस प्रक्रिया को पूरे दिन में कई बार करें।
अगली बार जब भी आपके पैरों में दर्द हो तो इन घरेलू उपायों का इस्तेमाल ज़रूर करें। अगर तब भी दर्द कम नहीं होता तो अपने डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।

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उच्च शिक्षा विभाग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की परीक्षाएं गत वर्ष के अनुसार ही होंगी- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

ल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं नहीं होंगी, परन्तु जो विद्यार्थी चाहेंगे बाद में परीक्षा दे सकेंगे। आंतरिक मूल्यांकन का काम वैज्ञानिक पद्धति से होगा तथा शिक्षा मंत्रियों का समूह विषय विशेषज्ञों से चर्चा कर इसकी प्रक्रिया के संबंध में निर्णय लेगा। 
मुख्यमंत्री श्री  चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की परीक्षाएं गत वर्ष के अनुसार ही होंगी। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री मोहन यादव, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा आदि उपस्थित थे। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया तथा स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्री इन्दर सिंह परमार वी.सी.से शामिल हुए।

ओपन बुक आधार पर होगी परीक्षाएं

उच्च शिक्षा की परीक्षाएं गत वर्ष अनुसार ओपन बुक पद्धति से होंगी। निर्धारित तिथि व समय पर विद्यार्थी को ऑनलाइन प्रश्न पत्र प्राप्त होगा, जिसका उत्तर वह घर बैठे ही उत्तर पुस्तिका में लिखकर नजदीकी संग्रहण केंद्र में जमा करा देगा। जिन विद्यार्थियों के घर पर इंटरनेट सुविधा नहीं होगी उन्हें नजदीकी शिक्षा संस्थान में परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी।
जून में परीक्षाएं, जुलाई में परिणाम

स्नातक तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा जून 2021 में होंगी तथा परिणाम जुलाई 2021 में आएगा। इसी प्रकार स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं जुलाई 2021 में होंगी तथा परिणाम अगस्त 2021 तक आएगा। प्रदेश के 8 विश्वविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं में कुल 14 लाख 88 हजार 958 तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं में 3 लाख 08 हजार 117 परीक्षार्थी हैं। 

ऑनलाइन होंगी तकनीकी शिक्षा की परीक्षाएं

तकनीकी शिक्षा विभाग की सभी परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी तथा ओपन बुक पद्धति पर आधारित होंगी। परीक्षार्थी ऑनलाइन ही उत्तर लिखेंगे। समय 2 घंटे होगा। मूल्यांकन में 50% पिछले सेमेस्टरों तक अर्जित सीजीपीए का अधिभार मान्य किया जाएगा। परीक्षाएं जून एवं जुलाई में होंगी तथा परिणाम 10 दिन में आ जाएंगे। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयों में कुल 1 लाख 87 हजार 811 परीक्षार्थी हैं।

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Twitter केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन की शर्तें मानने को तैयार..

भारत सरकार और ट्विटर के बीच नए आईटी नियमों को लेकर विवाद अब थम गया है। दरअसल, तमाम विरोधों के बाद माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन का पालन करने के लिए राजी हो गया है। ट्विटर के एक प्रवक्ता ने सोमवार (31 मई 2021) को कहा, ”ट्विटर भारत में लागू कानूनों का पालन करने का प्रयास करता है। हम पारदर्शिता के सिद्धांतों, हर आवाज को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता और भारतीय कानून के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गोपनीयता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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जाने क्यूँ छात्रों को क्लास के बजाय कॉलेज जाना ज़्यादा पसंद…

By- Anushka Awasthi (intern researcher)


Corona के दौरान अधिकतर छात्रों ने घर पर रह कर ऑनलाइन पढ़ाई की है, । डेटा analysis पर intern research कर रही engineering की छात्रा अनुष्का अवस्थी ने बताया की 64 छात्रों पर किए गए सवालों से 83% छात्रों ने क्लासरूम की पढ़ाई को बेहतर बताया । अनुष्का कहती है की आईपीएस अकादमी की जर्नलिज़म की छात्रा टूबा शेख़ कहती है कि सेल्फ़ग्रूम होने के लिए कॉलेज जाना ज़रूरी है , वही यही की छात्रा ब्लॉगर अवनी का कहना है , कॉलेज जाने से intectual लेवल बढ़ता है साथ ही , साथ ही हम बेहतर तरीक़े से अपने को ग्रूम कर सकते है ।

MBA के छात्रा समीर का कहना है की ऑनलाइन पढ़ाई में contents तो अच्छा मिल जाता है पर इसके अलावा फ़िज़िकल ऐक्टिविटी से वांछित हो जाते है । हमें खेल ज़्यादा पसंद है , जिसके लिए हमें मैदान और बहुत से खिलाड़ी साथी चाहिए होते है , जो सिर्फ़ कॉलेज में ही सम्भव है ।

engineering कॉलेज के छात्रा नेहा कहती है , घर में ज़्यादा समय नही रहा का सकता है , मुझे प्रैक्टिकल करने के लिए तो

कॉलेज जाना ही पड़ेगा ।

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DAVV ने exam 2021 का नया schedule जारी किया

Exam 2021। संक्रमण की वजह से परीक्षाएं बेपटरी हो चुकी हैं। एलएलबी, एलएलएम, बीएएलएलबी, बीकाम एलएलबी, बीबीए एलएलबी पहले सेमेस्टर की परीक्षा ही अभी तक नहीं हुई है। जबकि विद्यार्थियों को कोर्स में दाखिला लिए आठ महीने बीत चुके हैं। शुक्रवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने परीक्षा को लेकर नया शेड्यूल बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक जुलाई बाद इन परीक्षाओं को करवाया जाएगा। ये सारी परीक्षाएं आनलाइन पद्धति से होंगी। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से अप्रैल में प्रस्तावित यूजी फाइनल ईयर और पीजी फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं अब जून में रखी गई है। विश्वविद्यालय ने बीए, बीकाम, बीएससी सहित अन्य यूजी फाइनल ईयर की परीक्षा जून के तीसरे सप्ताह में आयोजित करने का फैसला लिया है जबकि बीबीए-बीसीए के अंतिम सेमेस्टर और एमए, एमकाम व एमएससी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए जून के पहले सप्ताह से आवेदन बुलवाए जाएंगे। वैसे ये सारी परीक्षाएं भी 25 जून बाद हो सकती है।

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क्या है नया डिजिटल कोड..?

आप सोच रहे होंगे की ऐसा क्या है नए डिजिटल एथिक्स कोड में जो इतने बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म उसे एक्सेप्ट करने में इतना समय ले रहे है। तो आपकी जानकारी के लिए बता दे की नए डिजिटल एथिक्स कोड में सरकार का लक्ष्य एक प्रोग्रेसिव इंस्टीट्यूशनल मैकेनिज्म बनाना है। केंद्रीय आईटी और संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि स्ट्रीमिंग सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने और गलत सूचनाओं के सोर्स का खुलासा करने और 24 घंटे के अंदर उसे हटाने के लिए यह नया डिजिटल एथिक्स कोड तैयार किया गया है।

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12वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा बयान


12वीं बोर्ड की परीक्षा के लिए 20 दिन में टाइम टेबल घोषित किया जाएगा, मंत्री परमार ने कहा 12वीं की परीक्षा कराने की तैयारी हो गई है प्रश्न पत्र छप चुके हैं। हम विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
12वीं के 5 विषय में से मुख्य 3 विषय की परीक्षा कराने को लेकर विचार किया जा रहा कम समय में परीक्षा का आयोजन कर के रिजल्ट दे देंगे।
10वीं के परीक्षा परिणाम तैयार हो रहे हैं, 12th मे जनरल प्रमोशन छात्रों पर कलंक न बने इसलिए परीक्षा जरूरी है।

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Radhe की आलोचना पर सलमान खान ने क्या कहा…

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक हाल ही में दिए एक ताजा इंटरव्यू में सलमान खान फिल्म के रिव्यू को लेकर बात की है। सलमान खान ने कहा है कि इस उम्र में मैं कम उम्र के हीरो की भूमिका निभा रहा हूं। 55 साल की उम्र में 14-15 की उम्र वाला काम कर रहा हूं, क्योंकि मेरे सामने टाइगर श्रॉफ जैसी यंग जेनरेशन है। वरुण धवन, रणवीर सिंह, टाइगर श्रॉफ और आयुष शर्मा के सामने मुझे अधिक मेहनत करनी है।

zआगे सलमान खान ने कहा, मैं अपने काम को 9-5 जॉब की तरह नहीं लेता, बल्कि 24 घंटे सातों दिन मेहनत करता हूं। मेरी फिल्म ‘राधे’ अगर दर्शकों को पसंद नहीं आती और फ्लॉप हो जाती है तो अगली फिल्म में और मेहनत करूंगा। मुझे लगता है कि जब आप अपना खून-पसीना किसी चीज में लगाते हो और अपना बेस्ट देते हो, तो ऑडियंस भी तुम्हारी मेहनत समझती है। वह इसकी सराहना भी करती है l

बता दें कि फिल्म ‘राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई’ को सलमान खान ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी सलमान खान फिल्म्स के लिए खुद बनाया है। सलमान खान की इस फिल्म को पिछले साल यशराज फिल्म्स के जरिए रिलीज करने की बात चली थी, लेकिन ये बातचीत अटकती दिखाई दी तो सलमान खान ने इसका सौदा जी स्टूडियोज के साथ कर दिया। इस फिल्म में सलमान खान के साथ अभिनेत्री दिशा पाटनी, जैकी श्रॉफ, गौतम गुलाटी, रणदीप हुड्डा भी अहम किरदार में नजर आ रहे हैं।

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