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लोकसभा चुनाव में नया सगूफा “न्यूनतम आमदनी सुनिश्चित” करने का

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में आयोजित अपनी किसान रैली में लोगों से ये वादा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद अगर उनकी सरकार बनी तो वो सभी ग़रीबों के लिए एक न्यूनतम आमदनी सुनिश्चित करेंगे.

अपने भाषण में उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने निर्णय ले लिया है कि हिंदुस्तान के हर ग़रीब व्यक्ति को 2019 के बाद कांग्रेस पार्टी वाली सरकार गारंटी करके न्यूनतम आमदनी देने जा रही है. इसका मतलब देश के हर ग़रीब व्यक्ति के बैंक अकाउंट में कांग्रेस सरकार न्यूनतम आमदनी देने जा रही है. देश में न कोई भूखा रहेगा, न कोई ग़रीब रहेगा.”

इस चुनावी घोषणा के अंत में राहुल गांधी ने ये दावा किया कि दुनिया की किसी भी सरकार ने आज तक इतना बड़ा फ़ैसला नहीं किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “ये काम आज तक दुनिया की किसी सरकार ने नहीं किया है. ये काम दुनिया में सबसे पहले हिंदुस्तान की 2019 के बाद कांग्रेस वाली सरकार करने जा रही है.”

राहुल गांधी ने अपने भाषण में ये नहीं बताया कि वो इस स्कीम को कैसे लागू करेंगे और किन शर्तों पर लोगों को इसका लाभ मिलेगा.

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प्रियंका गांधी को क्यों कहा जाता है भइया जी..!!

प्रियंका गांधी जब छोटी थीं और अपने पिता राजीव और सोनिया के साथ रायबरेली जाती थीं तो उनके बाल हमेशा छोटे रहते थे.

अमेठी और रायबरेली के दौरे पर गांव के लोग राहुल की तरह प्रियंका को भी भइया बुलाते थे. अगले कुछ सालों में ये बदलकर भइया जी हो गया.

यूपी में प्रियंका की लोकप्रियता को आप यूं भी समझ सकते हैं कि आम लोग उन्हें काफ़ी पसंद करते हैं.

इसकी एक वजह प्रियंका का हेयरस्टाइल, कपड़ों के चयन और बात करने के सलीके में इंदिरा गांधी की छाप का साफ नज़र आना.

प्रियंका जब यूपी के दौरे पर रहती हैं तो उनका दिन सुबह छह बजे शुरू होता है. ट्रेडमिल पर थोड़ी मशक्कत करने के बाद प्रियंका योग करती हैं.

बताया जाता है कि प्रियंका यूपी दौरे पर जब रहती हैं तो रोटी या परांठे के साथ सब्ज़ी और दाल खाना पसंद करती हैं. साथ में आम/नींबू के अचार के साथ.

उन्हें और पति रॉबर्ट वाड्रा को मुग़लई खाना बेहद पसंद है.

इंदिरा गांधी की हत्या को चार साल बीत चुके थे. तभी एक मंच पर लोगों ने प्रियंका गांधी को देखा.

प्रियंका की उम्र तब सिर्फ़ 16 साल थी. ये प्रियंका का पहला सार्वजनिक भाषण था. इस भाषण के 31 साल बाद कांग्रेस समर्थक अक्सर जिस मांग को उठाते रहे थे, वो अब पूरी हो गई है.

कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को महासचिव बनाकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ज़िम्मेदारी दी है.

हालांकि 2014 आम चुनावों से पहले भी ये माना जा रहा था कि प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहती थीं.

लेकिन मोदी के ख़िलाफ़ लड़ने के जोखिम को देखते हुए इस फ़ैसले पर मुहर नहीं लग पाई.

बीते साल सोनिया गांधी से जब प्रियंका के राजनीति में आने की बात पूछी गई थी, तब उन्होंने कहा था कि ये प्रियंका तय करेंगी कि वो राजनीति में कब आना चाहती हैं.

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